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बर्ड फ्लू को लेकर तराई में अलर्ट
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:34 PM IST
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बर्ड फ्लू को लेकर तराई में अलर्ट
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बर्ड फ्लू की आशंका पर तराई के इस जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। शारदा सागर डैम में हर साल की तरह इस बार भी हजारों प्रवासी पक्षी डेरा डाले हुए हैं, पोल्ट्री फार्मों में भी गैर जनपदों से मुर्गे, बतख लाकर बिक्री किए जा रहे हैं, ऐसे में किसी बड़े खतरे की दस्तक से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसकी आशंका के मद्देनजर निगरानी के निर्देश के साथ इसकी जांच के लिए तीन चिकित्सकों वाली टास्कफोर्स का गठन किया गया है।
प्रवासी पक्षी बड़ी तादाद में करते हैं बसेरा
तराई क्षेत्र में शारदा डैम में हर साल की तरह इस बार भी बड़ी तादाद में प्रवासी पक्षी पहुंच रहे हैं। यह पक्षी अपने साथ बर्ड फ्लू जैसी बीमारी भी ला सकते हैं। बंगला भाषी बाहुल्य इलाकों में घरों के सामने तालाब बनाकर बड़ी तादाद में बतखें पाली जा रही हैं। ऐसे में दिल्ली में बर्ड फ्लू का मामला प्रकाश में आने के बाद यहां भी इस वायरस के फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
कई कारण हो सकते हैं बर्डफ्लू फैलने के
बर्ड फ्लू जैसी घातक बीमारी के वायरस वैसे तो प्रवासी पक्षी ला सकते हैं, लेकिन इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। एक तो शिकारी प्रवासी पक्षियों का मांस चोरी छिपे बिक्री करने लगे हैं, दूसरे बाहरी क्षेत्रों से लाई गई मछली, मुर्गी व बतख भी बर्ड फ्लू फैला सकते हैं। इसका एच 5 श्रेणी का वायरस पक्षियों से मनुष्यों तक में फैल सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।
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सतर्कता भी नाममात्र को
विभाग द्वारा प्रवासी पक्षियों के आने के बाद पूर्व वर्षों में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते पोल्ट्री फार्मों से ब्लड सैंपल लिए जाते थे, लेकिन इस बार अभी यहां ब्लड सैंपल नहीं लिए गए हैं।
ऐसे फैलता है बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू संक्रामक रोग है। यह किसी मरीज के छींकने, खांसने व हाथ न धोने से किसी दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
यह है लक्षण
- बुखार, खांसी
- गले में खराश
- गला दुखना
- नजला
- कमजोरी महसूस होना।
निगरानी को बनी टास्क फोर्स
बर्ड फ्लू के मामले में निगरानी के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स टीम का गठन किया गया। इसमें उप मुख्य चिकित्साधिकारी व दो पशु चिकित्सकों को शामिल किया गया है। यह टीम बर्ड फ्लू को लेकर पूरे जिले में निगरानी करेगी।
प्रवासी पक्षी बड़ी तादाद में करते हैं बसेरा
तराई क्षेत्र में शारदा डैम में हर साल की तरह इस बार भी बड़ी तादाद में प्रवासी पक्षी पहुंच रहे हैं। यह पक्षी अपने साथ बर्ड फ्लू जैसी बीमारी भी ला सकते हैं। बंगला भाषी बाहुल्य इलाकों में घरों के सामने तालाब बनाकर बड़ी तादाद में बतखें पाली जा रही हैं। ऐसे में दिल्ली में बर्ड फ्लू का मामला प्रकाश में आने के बाद यहां भी इस वायरस के फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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कई कारण हो सकते हैं बर्डफ्लू फैलने के
बर्ड फ्लू जैसी घातक बीमारी के वायरस वैसे तो प्रवासी पक्षी ला सकते हैं, लेकिन इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। एक तो शिकारी प्रवासी पक्षियों का मांस चोरी छिपे बिक्री करने लगे हैं, दूसरे बाहरी क्षेत्रों से लाई गई मछली, मुर्गी व बतख भी बर्ड फ्लू फैला सकते हैं। इसका एच 5 श्रेणी का वायरस पक्षियों से मनुष्यों तक में फैल सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।
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सतर्कता भी नाममात्र को
विभाग द्वारा प्रवासी पक्षियों के आने के बाद पूर्व वर्षों में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते पोल्ट्री फार्मों से ब्लड सैंपल लिए जाते थे, लेकिन इस बार अभी यहां ब्लड सैंपल नहीं लिए गए हैं।
ऐसे फैलता है बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू संक्रामक रोग है। यह किसी मरीज के छींकने, खांसने व हाथ न धोने से किसी दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
यह है लक्षण
- बुखार, खांसी
- गले में खराश
- गला दुखना
- नजला
- कमजोरी महसूस होना।
निगरानी को बनी टास्क फोर्स
बर्ड फ्लू के मामले में निगरानी के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स टीम का गठन किया गया। इसमें उप मुख्य चिकित्साधिकारी व दो पशु चिकित्सकों को शामिल किया गया है। यह टीम बर्ड फ्लू को लेकर पूरे जिले में निगरानी करेगी।