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...तो जमीन पर पैर रखे बिना हो गया सर्वे
पूरनपुर/पीलीभीत।
Updated Wed, 15 Apr 2015 12:04 AM IST
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जिले में फसल बर्बाद
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होने से जूझ रहे किसान गांव में सर्वे न होने से निराश हैं। वह लगभग रोज
प्रदर्शन कर अपने-अपने गांव में सर्वे कराने की मांग डीएम से कर रहे हैं।
मंगलवार को भी गांव अभयपुर जमीमा जगतपुर और गांव सबलपुर मु. रंपुरा फकीर के
किसानों ने सर्वे न होने के विरोध में प्रदर्शन किया। उधर, गांव सबलपुर
मु. रंपुरा फकीर के किसानों ने डीएम को पत्र भेजकर सर्वे कराने की मांग की
है। किसानों के इस तरह विरोध जताने से तो यही लग रहा है कि जिम्मेदार
गांवों की जमीन पर पैर रखे बिना ही सर्वे कर दिया है।
गांव अभयपुर जमीमा जगतपुर में किसान रामसहाय की मौत के बाद किसानोें में आक्रोश है। मंगलवार को किसानों ने सर्वे न होने पर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अगर सर्वे हुआ होता तो किसी किसान को तो मुआवजा मिलता। गांव के प्रमोद कुमार ने बताया कि सर्वे न होने की शिकायत उन्होंने विधायक से भी की थी। तब विधायक ने लेखपाल को भिजवाने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक सर्वे करने हल्का लेखपाल नहीं पहुंचा।
किसानों का कहना है कि अगर लेखपाल ने किसी के घर बैठकर सर्वे की खानापूरी की हो तो यह अलग बात है, लेकिन हकीकत में सर्वे नहीं हुआ है। प्रदर्शन करने वालों में आशेष कुमार, सुभाष मिश्रा, सुनील कुमार, महेंद्र पाल राना, द्वारिका प्रसाद, राकेश कुमार, प्रमोद कुमार, आत्माराम, राजेश आदि थे।
उधर गांव सबलपुर मु. रंपुरा फकीर के किसान नगर के ब्लॉक चौराहा पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि बारिश/ओलावृष्टि से उनके गांव के किसानों की 70 से 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई। फसलों का अब तक सर्वे नहीं किया गया। लेखपाल ने मनमाने ढंग से किसानों का नुकसान दर्शा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने डीएम को पत्र भेजकर सही से सर्वे कराने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र सिंह, राजीव कुमार, दिलेराम सिंह, निरंजन सिंह, सूरज सिंह, धर्मेंद्र ठाकुर आदि थे।
सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग
पूरनपुर। गांव मटेहना कॉलोनी नंबर चार के मनीराम, गनेश प्रसाद, गिरजा प्रसाद, रामभवन, विमला देवी आदि ने एसडीएम कार्यालय में पत्र दिया है। जिसमें बारिश/ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की। पत्र में कहा गया है कि उन लोगों की कृषि भूमि हरदोई नहर ब्रांच के समीप है। एक ओर नहर के सीपेज और दूसरी ओर बारिश/ओलावृष्टि से उन लोगों की फसलें 75 प्रतिशत तक चौपट हो गई है।
किसानों ने चक्का जाम कर लेखपाल का फूंका पुतला
दियोरिया। चार गांवों के पीड़ित किसानों ने मंगलवार को मुआवजा न बांटे जाने को लेकर राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की और चक्का जामकर लेखपाल का पुतला फूंका। भाजपा विधायक ने किसानों को किसी तरह समझा बुझाकर शांत किया।
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार बल्देवपुर, मनपुरा, खामघाट और बकैनिया दीक्षित के तमाम किसान मंगलवार को बीसलपुर रोड के बड़ागांव चौराहे पर जमा हुए और राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन, नारेबाजी करने लगे। किसानोें का आरोप था कि ओला और अतिवृष्टि से उनके खेतों की अधिकांश फसल बर्बाद हो गई है। राजस्व विभाग सही ढंग से सर्वे नहीं करा रहा है। इसके कारण अभी तक पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
क्षुब्ध किसानों ने चक्का जाम कर हलका लेखपाल का पुतला फूंका। किसान लेखपाल का तबादला कराने की मांग कर रहे थे। भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझा बुझाकर शांत किया। विरोध जताने वालों में भगवान दास, डोरी लाल, फूलचंद्र, बालजीत, चंद्रसेन, नरेश, हरप्रसाद, बनवारी लाल, प्यारे लाल, पन्ना लाल, रामपाल, रोशन लाल, विजय, चेतराम, लोकेश, रामविलास, नत्थू लाल और रामबहादुर समेत तमाम किसान शामिल थे।
सिमरोली में भी भड़के किसान
बिलसंडा। फसल का सर्वे न होने से भड़के गांव सिमरोली के किसानों ने राजस्व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। हल्का लेखपाल पर गांव के कुछ लोगों से साठगांठ करने का आरोप लगाया।
किसानों का कहना है कि हल्का लेखपाल दो दिन पहले गांव में एक जगह बैठकर कुछ लोगों के नाम लिखकर चला गया था। प्रदर्शनकारियों में रामनरेश सिंह, राघवेंद्र सिंह, रामबहादुर मिश्रा, महेंद्र सिंह, राकेश सिंह, रंजीत सिंह, बिट्टू सिंह, सूरजपाल सिंह, देशपाल सिंह, रमेश सिंह, जवाहरलाल, ईश्वरी प्रसाद, परगट सिंह, बबलू सिंह समेत कृषक शामिल थे।
गांव अभयपुर जमीमा जगतपुर में किसान रामसहाय की मौत के बाद किसानोें में आक्रोश है। मंगलवार को किसानों ने सर्वे न होने पर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अगर सर्वे हुआ होता तो किसी किसान को तो मुआवजा मिलता। गांव के प्रमोद कुमार ने बताया कि सर्वे न होने की शिकायत उन्होंने विधायक से भी की थी। तब विधायक ने लेखपाल को भिजवाने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक सर्वे करने हल्का लेखपाल नहीं पहुंचा।
किसानों का कहना है कि अगर लेखपाल ने किसी के घर बैठकर सर्वे की खानापूरी की हो तो यह अलग बात है, लेकिन हकीकत में सर्वे नहीं हुआ है। प्रदर्शन करने वालों में आशेष कुमार, सुभाष मिश्रा, सुनील कुमार, महेंद्र पाल राना, द्वारिका प्रसाद, राकेश कुमार, प्रमोद कुमार, आत्माराम, राजेश आदि थे।
उधर गांव सबलपुर मु. रंपुरा फकीर के किसान नगर के ब्लॉक चौराहा पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि बारिश/ओलावृष्टि से उनके गांव के किसानों की 70 से 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई। फसलों का अब तक सर्वे नहीं किया गया। लेखपाल ने मनमाने ढंग से किसानों का नुकसान दर्शा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने डीएम को पत्र भेजकर सही से सर्वे कराने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र सिंह, राजीव कुमार, दिलेराम सिंह, निरंजन सिंह, सूरज सिंह, धर्मेंद्र ठाकुर आदि थे।
सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग
पूरनपुर। गांव मटेहना कॉलोनी नंबर चार के मनीराम, गनेश प्रसाद, गिरजा प्रसाद, रामभवन, विमला देवी आदि ने एसडीएम कार्यालय में पत्र दिया है। जिसमें बारिश/ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलवाने की मांग की। पत्र में कहा गया है कि उन लोगों की कृषि भूमि हरदोई नहर ब्रांच के समीप है। एक ओर नहर के सीपेज और दूसरी ओर बारिश/ओलावृष्टि से उन लोगों की फसलें 75 प्रतिशत तक चौपट हो गई है।
किसानों ने चक्का जाम कर लेखपाल का फूंका पुतला
दियोरिया। चार गांवों के पीड़ित किसानों ने मंगलवार को मुआवजा न बांटे जाने को लेकर राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की और चक्का जामकर लेखपाल का पुतला फूंका। भाजपा विधायक ने किसानों को किसी तरह समझा बुझाकर शांत किया।
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार बल्देवपुर, मनपुरा, खामघाट और बकैनिया दीक्षित के तमाम किसान मंगलवार को बीसलपुर रोड के बड़ागांव चौराहे पर जमा हुए और राजस्व विभाग के विरोध में प्रदर्शन, नारेबाजी करने लगे। किसानोें का आरोप था कि ओला और अतिवृष्टि से उनके खेतों की अधिकांश फसल बर्बाद हो गई है। राजस्व विभाग सही ढंग से सर्वे नहीं करा रहा है। इसके कारण अभी तक पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
क्षुब्ध किसानों ने चक्का जाम कर हलका लेखपाल का पुतला फूंका। किसान लेखपाल का तबादला कराने की मांग कर रहे थे। भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझा बुझाकर शांत किया। विरोध जताने वालों में भगवान दास, डोरी लाल, फूलचंद्र, बालजीत, चंद्रसेन, नरेश, हरप्रसाद, बनवारी लाल, प्यारे लाल, पन्ना लाल, रामपाल, रोशन लाल, विजय, चेतराम, लोकेश, रामविलास, नत्थू लाल और रामबहादुर समेत तमाम किसान शामिल थे।
सिमरोली में भी भड़के किसान
बिलसंडा। फसल का सर्वे न होने से भड़के गांव सिमरोली के किसानों ने राजस्व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। हल्का लेखपाल पर गांव के कुछ लोगों से साठगांठ करने का आरोप लगाया।
किसानों का कहना है कि हल्का लेखपाल दो दिन पहले गांव में एक जगह बैठकर कुछ लोगों के नाम लिखकर चला गया था। प्रदर्शनकारियों में रामनरेश सिंह, राघवेंद्र सिंह, रामबहादुर मिश्रा, महेंद्र सिंह, राकेश सिंह, रंजीत सिंह, बिट्टू सिंह, सूरजपाल सिंह, देशपाल सिंह, रमेश सिंह, जवाहरलाल, ईश्वरी प्रसाद, परगट सिंह, बबलू सिंह समेत कृषक शामिल थे।