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‘आश्वासन नहीं शासनादेश चाहिए’

Wed, 21 Sep 2016 11:21 PM IST
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 21 Sep 2016 11:21 PM IST
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Assurance should not mandate '
आंदोलन - फोटो : पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
 आंगनबाड़ी वर्कर्स का एक धड़ा भले ही हड़ताल समाप्त करने का दावा का रहा हो, लेकिन जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिलाकर काम नहीं चलेेगा। शासनादेश जारी होना चाहिए।
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के तत्वावधान में आंगनबाड़ी वर्कर्स बुधवार को भी नेहरू पार्क में एकत्र होकर धरने पर बैठीं। कहा कि कुछ स्वयंभू संगठन हड़ताल समाप्त होने की अफवाह फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। आंगनबाड़ी वर्कर्स का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हम वर्षों से आश्वासन की घुट्टी पीते आए हैं लेकिन अब नहीं पिएंगे। यदि शासन हमारी मांगें मानता है तो उसे शासनादेश भी जारी करना चाहिए। जिलाध्यक्ष गुलशन जहां ने कहा कि कुछ संगठन शासन से वार्ता होने का दावा का हड़ताल समाप्त होने की अफवाह फैला रहे हैं, लेकिन हमारी हड़ताल खत्म नहीं हुई है। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। धरना प्रदर्शन में अंजू बाला, सुनीता शुक्ला, मंजू राठौर, बिंदर कौर, शबनम, गायत्री, आसमां जबी, सुनीता जोशी, पूनम, एकता आदि शामिल रहीं।
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धरना-प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकपूर ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांगें शासन से मान ली गई हैं। इसके लिए बोर्ड गठित करने पर सहमति बनी है। इसके बाद भी यदि धरना-प्रदर्शन होता है तो गलत है। बृहस्पतिवार को केंद्र बंद मिलने या धरना प्रदर्शन करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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