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Pilibhit News: रूट में बदलाव करने से नाराज जिप्सी चालक और गाइडों ने जताया विरोध
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मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर विरोध जताते गाइड और चालक । स्रोत - गाइड
कलीनगर। पर्यटन स्थल के चिह्नित रूटों में बदलाव से नाराज जिप्सी चालकों और गाइडों ने रविवार की सुबह दस बजे से हड़ताल कर दूसरी शिफ्ट में वाहनों का संचालन बंद करने का एलान किया। करीब चार घंटे विरोध जताया गया। इसके बाद डीएफओ ने सोमवार को वार्ता का समय देने की बात कहकर पर्यटन शुरू करवा दिया।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होकर 15 जून तक चलता है। सैलानियों की सुविधा के लिए करीब 60 जिप्सी वाहनों को लगाया गया है। जंगल में सैलानियों की सैर के साथ सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जंगल सफारी मार्गों को दो जोन में बांटा गया था। पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए जिसमें बाघ देखने के लिए एक स्थान पर वाहनों की कतार लग गई। इसके बाद डीएफओ मनीष सिंह ने नियमों में बदलाव कर सफारी वाहनों को एक समय में दो अलग-अलग जोन में भेजने के निर्देश दिए। इससे गाइड और चालकों में विरोध शुरू हो गया।
रविवार को पहली शिफ्ट के बाद गाइड और चालकों ने मुस्तफाबाद परिसर में हड़ताल का एलान कर दिया। सभी एकत्र होकर विरोध जताने लगे। उनका आरोप था कि पहले भी सफारी रूट दो जोन में बांटा गया था, लेकिन नियम यह था कि तीस वाहन पहुंचने पर उस जोन पर इंट्री बंद होती थी। अब प्रत्येक वाहन पर नियम लागू किया गया है। जिससे दिक्कतें आ रही है।
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जानकारी के बाद डीएफओ मनीष सिंह मौके पर पहुंचे। नियमों का हवाला देकर लौट गए। सफारी का समय होने पर स्थानीय अफसरों ने फिर डीएफओ से वार्तालाप की। डीएफओ ने सोमवार को वार्तालाप करने की बात कहकर पर्यटन को जारी करने के निर्देश दिए। दूसरी शिफ्ट में समय से वाहनों को पुराने नियम के आधार पर जंगल में रवाना किया गया।
तेज रफ्तार में पकड़े जाने पर दो जिप्सी वाहनों पर की कार्रवाई
शनिवार को विभाग से जुड़े लखनऊ के अफसर पीटीआर भ्रमण पर थे। डीएफओ मनीष सिंह अफसरों की अगुवाई कर रहे थे। इस दौरान जंगल सफारी में लगे दो जिप्सी वाहन तेज रफ्तार में दौड़ते दिखाई दिए। डीएफओ ने दोनों वाहनों को 15 दिन के लिए पर्यटन से बाहर करने की कार्रवाई कर दी। बताया जा रहा है कि यह भी गाइड और चालकों की नाराजगी की वजह रही।
पर्यटन स्थल आने वाले सैलानियों को जंगल और चिह्नित प्वाइंटों की जानकारी देना उद्देश्य है। इस दौरान सुरक्षा बिंदुओं का भी ध्यान रखना आवश्यक है। बाघ देखने के लिए नियमों को तोड़ना गलत है। गाइड और चालकों को बातचीत के लिए बुलाया गया है। - मनीष सिंह, डीएफओ पीटीआर
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होकर 15 जून तक चलता है। सैलानियों की सुविधा के लिए करीब 60 जिप्सी वाहनों को लगाया गया है। जंगल में सैलानियों की सैर के साथ सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जंगल सफारी मार्गों को दो जोन में बांटा गया था। पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए जिसमें बाघ देखने के लिए एक स्थान पर वाहनों की कतार लग गई। इसके बाद डीएफओ मनीष सिंह ने नियमों में बदलाव कर सफारी वाहनों को एक समय में दो अलग-अलग जोन में भेजने के निर्देश दिए। इससे गाइड और चालकों में विरोध शुरू हो गया।
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रविवार को पहली शिफ्ट के बाद गाइड और चालकों ने मुस्तफाबाद परिसर में हड़ताल का एलान कर दिया। सभी एकत्र होकर विरोध जताने लगे। उनका आरोप था कि पहले भी सफारी रूट दो जोन में बांटा गया था, लेकिन नियम यह था कि तीस वाहन पहुंचने पर उस जोन पर इंट्री बंद होती थी। अब प्रत्येक वाहन पर नियम लागू किया गया है। जिससे दिक्कतें आ रही है।
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जानकारी के बाद डीएफओ मनीष सिंह मौके पर पहुंचे। नियमों का हवाला देकर लौट गए। सफारी का समय होने पर स्थानीय अफसरों ने फिर डीएफओ से वार्तालाप की। डीएफओ ने सोमवार को वार्तालाप करने की बात कहकर पर्यटन को जारी करने के निर्देश दिए। दूसरी शिफ्ट में समय से वाहनों को पुराने नियम के आधार पर जंगल में रवाना किया गया।
तेज रफ्तार में पकड़े जाने पर दो जिप्सी वाहनों पर की कार्रवाई
शनिवार को विभाग से जुड़े लखनऊ के अफसर पीटीआर भ्रमण पर थे। डीएफओ मनीष सिंह अफसरों की अगुवाई कर रहे थे। इस दौरान जंगल सफारी में लगे दो जिप्सी वाहन तेज रफ्तार में दौड़ते दिखाई दिए। डीएफओ ने दोनों वाहनों को 15 दिन के लिए पर्यटन से बाहर करने की कार्रवाई कर दी। बताया जा रहा है कि यह भी गाइड और चालकों की नाराजगी की वजह रही।
पर्यटन स्थल आने वाले सैलानियों को जंगल और चिह्नित प्वाइंटों की जानकारी देना उद्देश्य है। इस दौरान सुरक्षा बिंदुओं का भी ध्यान रखना आवश्यक है। बाघ देखने के लिए नियमों को तोड़ना गलत है। गाइड और चालकों को बातचीत के लिए बुलाया गया है। - मनीष सिंह, डीएफओ पीटीआर