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Pilibhit News: बीसलपुर मेले में हुई अक्षय कुमार वध एवं लंका दहन की लीला का मंचन

Fri, 11 Oct 2024 03:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 11 Oct 2024 03:17 AM IST
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Akshay Kumar's murder and Lanka burning drama was staged in Bisalpur fair
पूरनपुर के रामलीला मेले में ताड़का वध की लीला का मंचन करते कलाकार।स्रोत:नाटक कंपनी
बीसलपुर। नगर के ऐतिहासिक रामलीला मेले में बृहस्पतिवार को अक्षय कुमार वध एवं लंका दहन लीला का मंचन हुआ।
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संचालन लकी मिश्रा, मनेाज त्रिपाठी और अवधेश भट्ट ने किया। लीला प्रबंधक गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार की शाम पांच बजे मेले में लक्ष्मण शक्ति लीला का मंचन होगा। लीला में रावण की भूमिका दिनेश रस्तोगी, हनुमान की भूमिका आशीष तिवारी, सीता की भूमिका प्रशांत मिश्रा, अक्षय कुमार की भूमिका राजकमल रस्तोगी ने, विभीषण की भूमिका सुनील कुमार ने निभाई। संवाद
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पूरनपुर में ताड़का का वध होते ही गूंंजे श्रीराम के जयकारे
पूरनपुर। रामलीला मेले में बृहस्पतिवार को विश्वामित्र मुनि आगमन और ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। ताड़का का वध होते ही दर्शकों ने श्रीराम के जयकारे लगाए।
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नाटक कलाकारों ने मंचन के दौरान दिखाया कि यज्ञ में राक्षसों के व्यवधान डालने पर मुनि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचकर श्रीराम, लक्ष्मण को अपने साथ ले जाते है। रास्ते में मुनि विश्वामित्र श्रीराम को ताड़का के आतंक की जानकारी देते हुए बताते हैं कि कुटी तक पहुंचने के दो रास्ते हैं।
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एक रास्ते से तीन पहर का तो दूसरे रास्ता से दो दिन का समय लगता है। श्रीराम के प्रश्न पर वे बताते हैं कि जिस रास्ते पर तीन पहर का समय लगता है। उस पर ताड़का राक्षसी का वास है। ताड़का रास्ते से निकलने वाले मुनियों, मानव पर हमला करती है। तब श्रीराम मुनि को तीन पहर के रास्ते से चलने को कहते है।
कुछ दूरी पर ताड़का होने की जानकारी मुनि विश्वामित्र श्रीराम को देते है और उसका वध करने को आदेशित करते है। मगर श्रीराम अपने को क्षत्रिय और महिला पर हाथ उठाने को पाप बताते हुए इससे इन्कार करते हैं। तब मुनि विश्वामित्र उनको बताते है कि महिला अच्छे कर्म वाली होती है। ताड़का राक्षसी है और वे उनको उसके वध को आदेशित करते हैं। मुनि की आज्ञा मिलते ही श्रीराम ताड़का का वध कर देते हैं। इसकी जानकारी पर ताड़का के भतीजे मारीच और सुबाहू पहुंचते हैं।
मारीच को एक बाण मारकर वे उसे लंंका पहुंचा देते है। ताड़का का वध होते ही दर्शक श्रीराम के जयकारे लगाने लगते है। संवाद
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सेतुबंध, रामेश्वरम स्थापना एवं अंगद-रावण संवाद लीला का मंचन
पीलीभीत। शहर के रामलीला मैदान पर चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार को विभीषण शरणागति, सेतुबंध, रामेश्वरम स्थापना, अंगद-रावण संवाद लीला का मंचन किया गया। मंचन के दौरान श्रीराम और जय बजरंग बली के जयकारे लगते रहे।
लीला मंचन में विभीषण अपने भ्राता रावण को समझाते हुए कहते हैं कि आप माता सीता को प्रभु राम को लौटा दें। यही नीति है। तब रावण विभीषण को लात मारकर लंका से निकल देता है। इस पर विभीषण अपने सचिवों को लेकर प्रभु राम से आ मिलते हैं।
प्रभु राम को विभीषण ने समझाया हे कृपासिंधु आपके पूर्वजों की देन है ये समुद्र, आप इनसे लंका पर चढ़ाई के लिए मार्ग का आग्रह करें। प्रभु राम वहां समुद्र देव को प्रसन्न करने के लिए साधना में बैठ गए, परंतु वह प्रसन्न नहीं हुए।
तब प्रभु राम बोले-लक्ष्मण लाओ मेरा धनुष- बाण। यह सुन समुद्र देव प्रकट हुए और क्षमा याचना कर बोले-हे रघुनंदन आपके वानर दल में नल नील नामक जो वानर हैं उनके स्पर्श और आपके प्रताप से पत्थर भी जल में तैर जाएंगे। सेतुबंध बनने के पश्चात प्रभु और सारी वानर सेना सेतु पार कर लंका पहुंच गई।

तब जामवंत ने प्रभु से कहा हे रघुकुल श्रेष्ठ युद्ध से पूर्व एक शांतिदूत जाकर रावण को समझाए और संधि का प्रस्ताव रखें। अंगद ने लंका में पहुंचकर अपना परिचय दिया और कहा हे लंकापति रावण-प्रभु राम से बैर करके तुमने अच्छा नहीं किया। तुम अभी भी सीता माता को प्रभु राम के पास भेज दो। वे तुम्हें क्षमा कर देंगे।
तब रावण क्रोधित हो बोला-हे सैनिकों इस वानर को मार डालो। यह मृत्यु को गले लगाना चाहता है। इस पर अंगद बोले हे रावण तुझे अपने बल पर घमंड है तो ऐसा कोई बलशाली है जो मेरे पैर को हिला सके। यदि मेरे पैर को उठा दिया तो प्रभु राम वापस चले जाएंगे। सभी लोग अंगद के पैर को उठाने का प्रयत्न करते हैं किंतु वे उसे हिला भी न सके।

तब रावण स्वयं अंगद के पैरों में उठाने के लिए झुका, तब अंगद बोले-हे लंकेश प्रभु राम के चरणों में अपना शीश झुकाओ-वही तुम्हारा कल्याण करेंगे। इस अवसर पर महंत ओमकार नाथ, सुनील मिश्रा, अमरीश शर्मा अंबू, भानु प्रताप सिंह, अंकुर गुप्ता, सुधीर पाल सिंह, नरेश शुक्ला, अंशुमान मिश्र, आयुष सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद

पूरनपुर के रामलीला मेले में ताड़का वध की लीला का मंचन करते कलाकार।स्रोत:नाटक कंपनी

पूरनपुर के रामलीला मेले में ताड़का वध की लीला का मंचन करते कलाकार।स्रोत:नाटक कंपनी

पूरनपुर के रामलीला मेले में ताड़का वध की लीला का मंचन करते कलाकार।स्रोत:नाटक कंपनी

पूरनपुर के रामलीला मेले में ताड़का वध की लीला का मंचन करते कलाकार।स्रोत:नाटक कंपनी

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