फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   After 17 years, a man convicted of selling adulterated milk gets one year imprisonment.

Pilibhit News: 17 साल बाद मिलावटी दूध बेचने के दोषी को एक वर्ष कैद की सजा

Sat, 16 May 2026 02:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
After 17 years, a man convicted of selling adulterated milk gets one year imprisonment.
पीलीभीत। 17 साल पहले दूध में फार्मलीन नाम का केमिकल मिलाकर घर-घर दूध की बिक्री करने के आरोपी अमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसाह निवासी त्रिलोचन सिंह को दोषी मानते हुए कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने अभियुक्त का अपराध गंभीर प्रकृति का माना है। कोर्ट ने कहा है कि दूध जैसी खाद्य वस्तु मानव उपभोग में आती है। अधोमानक एवं अप मिश्रित खाद्य पदार्थों के उपभोग से मानव स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है। इससे मानव जीवन संकट में आ जाता है। कोर्ट ने अभियुक्त पर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन

अभियोजन के अनुसार खाद्य निरीक्षक विजेंद्र कुमार ने 18 अप्रैल 2009 की सुबह करीब 8:30 बजे अमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसाह निवासी त्रिलोचन सिंह को साइकिल पर करीब 30 लीटर दूध विक्रय के लिए ले जाते हुए रोका। पूछने पर त्रिलोचन ने दूध गाय और भैंस का मिश्रित बताया। संदेह होने पर खाद्य निरीक्षक ने 30 रुपये भुगतान देकर डेढ़ लीटर दूध खरीदा। इस दूध को नियमानुसार परीक्षण के लिए भेजा गया। परीक्षण रिपोर्ट में दूध में फैट की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई। नमूना अधोमानक पाया गया। खाद्य निरीक्षक ने विक्रेता त्रिलोचन सिंह के विरुद्ध राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2009 में खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम में कार्रवाई शुरू कराई।
विज्ञापन

मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल की अदालत में हुई। न्यायालय में खाद्य निरीक्षक विजेंद्र कुमार ने अपने शपथ पूर्वक बयान दर्ज कराए और सभी अभिलेखों को साबित किया। वहीं, दुग्ध विक्रेता त्रिलोचन सिंह ने न्यायालय में स्वयं को निर्दोष बताया। कहा कि खाद्य निरीक्षक से उसकी कहासुनी हो गई थी, इस वजह से उसे झूठा फंसाया गया, जबकि खाद्य निरीक्षक ने कोर्ट को बताया कि नियमानुसार सैंपल लिया और उसे परीक्षण के लिए भेजा। कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए एक साल की सजा के साथ पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed