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Pilibhit News: प्रशासन के दावों को झुठलाते गांव-गांव घूमते छुट्टा गोवंश

Wed, 17 Jan 2024 01:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jan 2024 01:28 AM IST
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Administration's claim - Not a single animal left on the road in the countryside... The reality is roaming everywhere
बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण
पीलीभीत। देहात क्षेत्र में अब सड़कों पर एक भी छुट्टा गाेवंश नहीं है। यह हम नहीं कह रहे, अधिकारियों का दावा है। अधिकारियों का कहना है कि 16 जनवरी तक अभियान चलाकर देहात क्षेत्र से 1600 छुट्टा गोवंश को पकड़कर गोआश्रय स्थलों में भेज दिया गया है। अब जो भी छुट्टा गोवंश सड़कों पर हैं वे शहर में हैं। इसके विपरीत हकीकत इसके उलट है, शायद ही कोई ग्रामीण इलाका हो जहां सड़कों पर छुट्टा गोवंश न हों।
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प्रशासन का कहना है कि 16 जनवरी तक छुट्टा गोवंश को पकड़ने का अभियान चलाया गया। पशुपालन विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र में 1600 गोवंश को पकड़कर गोआश्रय स्थल भेजा। दावा है कि अब देहात क्षेत्र मेें सड़कों पर छुट्टा गोवंश नहीं हैं। फिलहाल जिले के 56 गोआश्रय स्थलों में 6 हजार गोवंश संरक्षित किए गए हैं।
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सड़क से लेकर खेत तक दिख रहे छुट्टा गोवंश

प्रशासन के दावों की जब पड़ताल कराई गई तब हकीकत उलट निकली। हाईवे, गांव का मैदान या खेत, हर जगह छुट्टा गोवंश दिखे। किसानों का कहना था कि छुट्टा गोवंश से वे बुरी तरह परेशान हैं। रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं।
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बरखेड़ा क्षेत्र में कस्बे में ही करीब 25, ज्योरा व सिमरिया गांवों के बीच में 30-35, पिपरा, मूसेपुर, मसरहा, रम्पुरा नत्थू, बर्रामऊ गांवों में करीब 40-50 छुट्टा गोवंश सड़कों पर दिखे। इसी प्रकार अमरिया क्षेत्र के लाहौरगंज गांव में भी खेत में गोवंशीय पशु फसल खाते दिखे। यहां अमरिया रामलीला मैदान पर 10-15 तो मरिया कस्बा व आस पास के क्षेत्र में 25-30 से ज्यादा गोवंश दिखे। इसके अलावा भूड़ा कैमोर, रसूला फरदिया, जिठनियां व हररायपुर गांव में भी छुट्टा गोवंश घूम रहे थे। यहां लाहौरगंज गांव के जस्सा सिंह ने बताया कि छुट्टा गोवंश ने परेशान कर रख दिया है।
बीसलपुर कस्बे में 50 के अलावा गांव पटनिया में 18-20, रंभोजा में 10-12, चौंसर हरदो पट्टी में 25-30, पूरनपुर कस्बे में असम हाईवे पर दो-तीन, बंडा रोड पर डिग्री कॉलेज से लेकर बंडा बार्डर तक छुट्टा गोवंश के झुंड दिखे।
न्यूरिया की स्थिति भी इससे अलग नहीं थी। कस्बे में 30-40, बिथरा, भमोरा, अलीगंज, महोफ, बरी, पंडरी हरकिशनापुर, न्यूरिया बंगाली काॅलोनी, राजा कॉलोनी गांवों में 10-12 छुट्टा गोवंश घूमते दिखे।

नोडल अधिकारी को मिला था सबकुछ ठीक
शासन के निर्देश पर तीन दिनों के लिए यहां पर नोडल अधिकारी रजनीश चंद्रा आए थे। उनके आने पर अधिकारियों ने उनको वही गोआश्रय स्थल दिखाए जहां सब ठीकठाक था। पहले दिन उन्होंने न्यूरिया और जहानाबाद क्षेत्र के गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। इसके बाद कलीनगर क्षेत्र में परशुराम गोआश्रय स्थल गए। नोडल अधिकारी को जगह सबकुछ ठीकठाक मिला। हैरत की बात यह है कि उन्हें छुट्टा गोवंश भी नहीं दिखे।

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अभियान के दौरान 1600 गोवंश को पकड़कर संरक्षित कराया गया है। देहात क्षेत्र में अब कोई छुट्टा गोवंश सड़कों पर नहीं है। शहरी क्षेत्र में ही कुछ छुट्टा गोवंश सड़कों पर देखे जा सकते हैं और उनको वहां पकड़ा जाना है।

- डॉ. अरविंद कुमार, सीवीओ

बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण

बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण

बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण

बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण

बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण

बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण

बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण

बीसलपुर कें गांव नांद की साधन सहकारी ामिति के पास घूमते छुटृटा पशु । स्रोत - ग्रामीण

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