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सिटीजन चार्टर की हकीकत परख गए एडीजी
पीलीभीत।
Updated Thu, 29 Jan 2015 11:46 PM IST
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सिटीजन चार्टर का लाभ जनता को कितना मिल रहा है? क्या पुलिस चार्टर के
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मुताबिक निर्धारित समय सीमा में काम कर रही है? इसकी जमीनी हकीकत जानने के
लिए शासन के दूत ट्रेनिंग हेड क्वार्टर लखनऊ के एडीजी केएल मीणा ने गुरुवार
को जिले का दौरा किया, लेकिन इस दौरान उन्होंने जमीनी हकीकत जानने की
कोशिश नहीं की। कागजों की समीक्षा के बाद चार्टर का पालन कराने के निर्देश
अधिकारियों को देकर लौट गए।
प्रदेश में लागू सिटीजन चार्टर में शिकायती प्रार्थना पत्र के निस्तारण, लाइसेंस शस्त्र की जांच, पासपोर्ट सत्यापन, चरित्र सत्यापन आदि के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित की थी। जिले में किसी भी थाने पर सिटीजन चार्टर का पालन नहीं हो रहा है। फरियादी हो या शस्त्र लाइसेंस की जांच का मामला।
मामले के निस्तारण में पुलिस महीने लगा देती है। डीजीपी के आदेश पर ट्रेनिंग हेड क्वार्टर लखनऊ के एडीजी केएल मीणा गुरुवार को मुख्य रूप से इसी की जांच को शासन के दूत के रूप में यहां आए थे। पूरनपुर कोतवाली के निरीक्षण के बाद वह सीधे सदर कोतवाली पहुंचे। गारद की सलामी के बाद वह एएसपी सुधीर कुमार सिंह के साथ प्रभारी निरीक्षक कार्यालय में बैठ गए।
कक्ष में जाते समय उनकी नजर मीडियाकर्मियों पर पड़ी तो उन्होंने उन्हें कक्ष में ही बुला लिया। चार मिनट पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह शहर व देहात के एक-एक थाने का निरीक्षण करेंगे और थाना स्तर पर चार्टर की समीक्षा के साथ अधिकारियों की बैठक लेकर कराए जा रहे निर्माण आदि के कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। पत्रकारों से वार्ता के बाद एडीजी ने रिकार्डों की समीक्षा की। फिर पुलिस लाइंस पहुंचे। वहां अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों आदि की समीक्षा के बाद लौट गए।
पास कर गए कोतवाली पुलिस को
एसपी/एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एडीजी ने समीक्षा के दौरान कागज अप-टू-डेट रखने, पूछे गए सवालों का संतोषजनक उत्तर देने पर शहर कोतवाल अतुल प्रधान और बेहतर सलामी देने वाली गारद की प्रशंसा की और पुरस्कृत कराने की बात कही है।
... और जब बजा घंटा
अंग्रेजों के जमाने में थाना और जेल में पीतल का घंटा टंगा रहता था। यह व्यवस्था आज भी लागू है। जेल गेट पर तो लागू है, लेकिन थानों में घंटे टंगे नजर नहीं आते हैं। एडीजी के दौरे से पूर्व शहर कोतवाली में घंटा टंग गया। गेट पर खड़े संतरी ने एक बजते ही एक बार घंटा बजाया तो कोतवाली के आसपास के लोग घंटे की आवाज सुनकर चौंक गए।
निरीक्षण से पूरनपुर कोतवाली में मचा हड़कंप
पूरनपुर। एडीजी ने यहां निरीक्षण कर मुकदमों, गुमशुदगी, पासपोर्ट प्रार्थना पत्रों की स्थिति, लाइसेंस आदि के आदि की स्थति जानी और समय सीमा के अंदर कार्य निपटाने के निर्देश दिए। एडीजी के निरीक्षण के दौरान पुलिस अफसरों और कर्मचारियो में हड़कंप मचा रहा। पुलिस अफसर उनके बताए गए निर्देशों को लेकर घंटों माथा पच्ची करते रहे। निरीक्षण के समय सीओ ब्रजवीर सिंह, इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह यादव और अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
परेड में न जाने वालों की मांगी रिपोर्ट
बीसलपुर। सहायक पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) केएल मीणा ने कोतवाली पहुंच सिटीजन चार्टर की समीक्षा की। जिसमें स्थिति सही पाई गई। उन्होंने पुलिस लाइन में होने वाली परेड में न जाने अथवा देरी से पहुंचने वाले पुलिस कर्मियों की रिपोर्ट भी तत्काल भेजने के निर्देश प्रभारी कोतवाल केपी सिंह को दिए। इस मौके पर सीओ सुवेग सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।
प्रदेश में लागू सिटीजन चार्टर में शिकायती प्रार्थना पत्र के निस्तारण, लाइसेंस शस्त्र की जांच, पासपोर्ट सत्यापन, चरित्र सत्यापन आदि के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित की थी। जिले में किसी भी थाने पर सिटीजन चार्टर का पालन नहीं हो रहा है। फरियादी हो या शस्त्र लाइसेंस की जांच का मामला।
मामले के निस्तारण में पुलिस महीने लगा देती है। डीजीपी के आदेश पर ट्रेनिंग हेड क्वार्टर लखनऊ के एडीजी केएल मीणा गुरुवार को मुख्य रूप से इसी की जांच को शासन के दूत के रूप में यहां आए थे। पूरनपुर कोतवाली के निरीक्षण के बाद वह सीधे सदर कोतवाली पहुंचे। गारद की सलामी के बाद वह एएसपी सुधीर कुमार सिंह के साथ प्रभारी निरीक्षक कार्यालय में बैठ गए।
कक्ष में जाते समय उनकी नजर मीडियाकर्मियों पर पड़ी तो उन्होंने उन्हें कक्ष में ही बुला लिया। चार मिनट पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह शहर व देहात के एक-एक थाने का निरीक्षण करेंगे और थाना स्तर पर चार्टर की समीक्षा के साथ अधिकारियों की बैठक लेकर कराए जा रहे निर्माण आदि के कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। पत्रकारों से वार्ता के बाद एडीजी ने रिकार्डों की समीक्षा की। फिर पुलिस लाइंस पहुंचे। वहां अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों आदि की समीक्षा के बाद लौट गए।
पास कर गए कोतवाली पुलिस को
एसपी/एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एडीजी ने समीक्षा के दौरान कागज अप-टू-डेट रखने, पूछे गए सवालों का संतोषजनक उत्तर देने पर शहर कोतवाल अतुल प्रधान और बेहतर सलामी देने वाली गारद की प्रशंसा की और पुरस्कृत कराने की बात कही है।
... और जब बजा घंटा
अंग्रेजों के जमाने में थाना और जेल में पीतल का घंटा टंगा रहता था। यह व्यवस्था आज भी लागू है। जेल गेट पर तो लागू है, लेकिन थानों में घंटे टंगे नजर नहीं आते हैं। एडीजी के दौरे से पूर्व शहर कोतवाली में घंटा टंग गया। गेट पर खड़े संतरी ने एक बजते ही एक बार घंटा बजाया तो कोतवाली के आसपास के लोग घंटे की आवाज सुनकर चौंक गए।
निरीक्षण से पूरनपुर कोतवाली में मचा हड़कंप
पूरनपुर। एडीजी ने यहां निरीक्षण कर मुकदमों, गुमशुदगी, पासपोर्ट प्रार्थना पत्रों की स्थिति, लाइसेंस आदि के आदि की स्थति जानी और समय सीमा के अंदर कार्य निपटाने के निर्देश दिए। एडीजी के निरीक्षण के दौरान पुलिस अफसरों और कर्मचारियो में हड़कंप मचा रहा। पुलिस अफसर उनके बताए गए निर्देशों को लेकर घंटों माथा पच्ची करते रहे। निरीक्षण के समय सीओ ब्रजवीर सिंह, इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह यादव और अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
परेड में न जाने वालों की मांगी रिपोर्ट
बीसलपुर। सहायक पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) केएल मीणा ने कोतवाली पहुंच सिटीजन चार्टर की समीक्षा की। जिसमें स्थिति सही पाई गई। उन्होंने पुलिस लाइन में होने वाली परेड में न जाने अथवा देरी से पहुंचने वाले पुलिस कर्मियों की रिपोर्ट भी तत्काल भेजने के निर्देश प्रभारी कोतवाल केपी सिंह को दिए। इस मौके पर सीओ सुवेग सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।