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Pilibhit News: गोमती और सहायक नदियों में मिलने वाले नालों की तैयार की जाए सूची
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पीलीभीत। जिलाधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति एवं पर्यावरण समिति की बैठक गांधी सभागार में हुई। गंगा समिति की समीक्षा बैठक के दौरान गोमती नदी के किनारे स्थित ग्रामों को ओडीएफ व ओडीएफ प्लस कराने, विकेंद्रीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को लागू किए जाने पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में डीएम ने कहा कि कूड़ा व प्लास्टिक नदी में प्रवाहित न हों, साथ ही गोमती व सहायक नदी में मिलने वाले नालों की सूची तैयार की जाए तथा प्रत्येक नाले में जाली लगाई जाए। उसकी नियमित सफाई की व्यवस्था संबंधित निकाय व ग्राम पंचायत स्तर से कराई जाए।
वन विभाग को निर्देश दिए कि गोमती नदी के किनारे स्थित सरकारी भूमि को चिह्नित कर वृहद पौधरोपण तथा तालाबों को चिह्नित कर उनका जीर्णोद्धार करवाया जाए। इसके साथ ही कृषि विभाग को गोमती नदी के किनारे स्थित ग्रामों में जैविक कृषि पद्धति तथा जल संचयन संबंधित सिंचाई पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
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इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, डीएफओ सामाजिक वानिकी, मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी, एआरटीओ, डीसी मनरेगा, उप कृषि निदेशक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, समस्त अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक में डीएम ने कहा कि कूड़ा व प्लास्टिक नदी में प्रवाहित न हों, साथ ही गोमती व सहायक नदी में मिलने वाले नालों की सूची तैयार की जाए तथा प्रत्येक नाले में जाली लगाई जाए। उसकी नियमित सफाई की व्यवस्था संबंधित निकाय व ग्राम पंचायत स्तर से कराई जाए।
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वन विभाग को निर्देश दिए कि गोमती नदी के किनारे स्थित सरकारी भूमि को चिह्नित कर वृहद पौधरोपण तथा तालाबों को चिह्नित कर उनका जीर्णोद्धार करवाया जाए। इसके साथ ही कृषि विभाग को गोमती नदी के किनारे स्थित ग्रामों में जैविक कृषि पद्धति तथा जल संचयन संबंधित सिंचाई पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
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इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, डीएफओ सामाजिक वानिकी, मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी, एआरटीओ, डीसी मनरेगा, उप कृषि निदेशक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, समस्त अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।