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बगैर सबूत के ही जेल में मनानी पड़ रवि को दीवाली
Pilibhit
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत। बगैर सबूत के ही कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला नखासा निवासी रवि लोधी के खिलाफ युवती को भगाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली। उसे जेल भी भेज दिया। युवती ने अदालत में बयानों में अपने अपहरण को झुठला दिया। रवि को पति बताया। वह पति के घर रहने भी चली गई। अपनी फंसी गर्दन बचाने को पुलिस ने कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट भेजी। शनिवार को रवि को बगैर शर्त रिहा किया गया। उसका रिहाई आदेश जेल भेज दिया गया है।
शहर के मोहल्ला नखासा निवासी रवि लोधी का रंजना से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आठ नवंबर की शाम को वह प्रेमी के साथ रहने चली आई। कुछ ही देर में हंगामा जता दिया। पुलिस रवि के घर पहुंची और रवि को रंजना के साथ कोतवाली ले आई। वहां पर दोनों ने पुलिस को बताया कि वह दोनों पति-पत्नी हैं। एक दूसरे को प्यार करते हैं। रंजना ने बताया कि वह बालिग है। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में उसकी जन्मतिथि के अनुसार उम्र साढ़ 19 साल है। इन दोनों ने यह भी कहा कि दोनों बालिग हैं और कानून बालिग लोगों के साथ रहने में कोई हर्ज नहीं है। इसके बावजूद कोतवाली पुलिस ने रवि को जेल भेज दिया। उसकी दीवाली बगैर अपराध के ही सलाखों के पीछे बीत गई। रंजना को पुलिस ने दीपावली अवकाश के दौरान महिला थाने में रखा। बगैर अपराध के रंजना की दीवाली महिला थाने में बीत गई। भैया दूज का पर्व भी वह नहीं मना सकी। रंजना के कलम बंद बयान एसीजेएम प्रीति श्रीवास्तव की अदालत में हुए। उसने अपने अपहरण को पूरी तरह झुठलाया। रवि के घर जाने की इच्छा जताई। बाद में वह रवि के घर चली गई। बगैर सबूत के कोतवाली पुलिस भी फंसने लगी। अपनी गर्दन बचाने को पुलिस ने रवि के मामले में फाइनल रिपोर्ट अदालत भेजी और उसे बगैर शर्त रिहा करने की गुहार की। इसके आधार पर उसका रिहाई आदेश जेल भेज दिया गया। बहरहाल पुलिस की मनमानी के चलते इन दोनों का दीपावली पर्व काला हो गया।
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शहर के मोहल्ला नखासा निवासी रवि लोधी का रंजना से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आठ नवंबर की शाम को वह प्रेमी के साथ रहने चली आई। कुछ ही देर में हंगामा जता दिया। पुलिस रवि के घर पहुंची और रवि को रंजना के साथ कोतवाली ले आई। वहां पर दोनों ने पुलिस को बताया कि वह दोनों पति-पत्नी हैं। एक दूसरे को प्यार करते हैं। रंजना ने बताया कि वह बालिग है। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में उसकी जन्मतिथि के अनुसार उम्र साढ़ 19 साल है। इन दोनों ने यह भी कहा कि दोनों बालिग हैं और कानून बालिग लोगों के साथ रहने में कोई हर्ज नहीं है। इसके बावजूद कोतवाली पुलिस ने रवि को जेल भेज दिया। उसकी दीवाली बगैर अपराध के ही सलाखों के पीछे बीत गई। रंजना को पुलिस ने दीपावली अवकाश के दौरान महिला थाने में रखा। बगैर अपराध के रंजना की दीवाली महिला थाने में बीत गई। भैया दूज का पर्व भी वह नहीं मना सकी। रंजना के कलम बंद बयान एसीजेएम प्रीति श्रीवास्तव की अदालत में हुए। उसने अपने अपहरण को पूरी तरह झुठलाया। रवि के घर जाने की इच्छा जताई। बाद में वह रवि के घर चली गई। बगैर सबूत के कोतवाली पुलिस भी फंसने लगी। अपनी गर्दन बचाने को पुलिस ने रवि के मामले में फाइनल रिपोर्ट अदालत भेजी और उसे बगैर शर्त रिहा करने की गुहार की। इसके आधार पर उसका रिहाई आदेश जेल भेज दिया गया। बहरहाल पुलिस की मनमानी के चलते इन दोनों का दीपावली पर्व काला हो गया।
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