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जंक्शन पर रहा यात्रियों का रेला
Pilibhit
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत। टिकट काउंटर, प्लेटफार्म और गाड़ियां रविवार को यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरी रहीं। दीप पर्व पर घर जाने वालों की तादाद बढ़ जाने से रेल व्यवस्था लड़खड़ा गई। ट्रेनों में डिब्बे न बढ़ाए जाने से यात्रियों में सीट पाने को लेकर आपाधापी रही। वहीं तमाम ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटों की देरी से आई। गाड़ियों में जगह न मिल पाने की वजह से तमाम मुसाफिरों की ट्रेन छूट गई।
दीवाली पर ट्रेनों में जगह पाने को लेकर मारामारी आपाधापी मचती रही। रेलवे प्रशासन की तरफ से ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बों की संख्या न बढ़ाई जाने से दीवाली पर घर जा रहे सैकड़ों यात्रियों की ट्रेन छूट गई। वहीं गाड़ियां लेट होने से और सही जानकारी न मिलने से यात्रियों में पूरे दिन अफरातफरी मची रही। सुबह आने वाली 15309 अप कासगंज-ऐशबाग रुहेलखंड एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, 52223 बरेली-ऐशबाग पैसेंजर एक घंटे विलंब से आई। इसी तरह गोंडा से कासगंज जाने वाली गोकुल एक्सप्रेस तथा पीलीभीत - लखीमपुर पैसेंजर ट्रेन में एक-एक घंटे लेट रही, जिससे यात्री परेशान रहे।
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दरवाजे पर लटके रहे यात्री, सोते रहे सुरक्षाकर्मी
रविवार को ट्रेनों में जगह न मिल पाने पर सैकड़ों यात्रियों ने दरवाजों पर लटक कर सफर किया। जंक्शन पर मौजूद जीआरपी और आरपीएफ के जवानों की नजर इन पर नहीं पड़ी। सुरक्षाकर्मी सोते रहे और यात्रियों ने लटक कर किया जानलेवा सफर।
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महिला डिब्बे में घुसे रहे पुरुष यात्री
ट्रेनों में महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बा है। डिब्बे के बाहर साफ शब्दों में लिखा है केवल महिलाओं के लिए। इसके बावजूद डिब्बे में पुरुष यात्री बैठे रहे। सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें डिब्बे से निकालने की कोई जहमत नहीं उठाई।
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टिकट काउंटर का हाल रहा बेहाल
टिकट काउंटर पर भी सुरक्षा जवानों के न होने के चलते यात्रियों में टिकट लेेने को लेकर धक्का - मुक्की और झड़पें होती रहीं। वहीं केवल महिलाओं के लिए बनाए गए टिकट काउंटर पर पुरुष यात्री महिलाओं को हटाकर बढ़े आराम से टिकट लेते रहे।
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दीवाली पर ट्रेनों में जगह पाने को लेकर मारामारी आपाधापी मचती रही। रेलवे प्रशासन की तरफ से ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बों की संख्या न बढ़ाई जाने से दीवाली पर घर जा रहे सैकड़ों यात्रियों की ट्रेन छूट गई। वहीं गाड़ियां लेट होने से और सही जानकारी न मिलने से यात्रियों में पूरे दिन अफरातफरी मची रही। सुबह आने वाली 15309 अप कासगंज-ऐशबाग रुहेलखंड एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, 52223 बरेली-ऐशबाग पैसेंजर एक घंटे विलंब से आई। इसी तरह गोंडा से कासगंज जाने वाली गोकुल एक्सप्रेस तथा पीलीभीत - लखीमपुर पैसेंजर ट्रेन में एक-एक घंटे लेट रही, जिससे यात्री परेशान रहे।
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दरवाजे पर लटके रहे यात्री, सोते रहे सुरक्षाकर्मी
रविवार को ट्रेनों में जगह न मिल पाने पर सैकड़ों यात्रियों ने दरवाजों पर लटक कर सफर किया। जंक्शन पर मौजूद जीआरपी और आरपीएफ के जवानों की नजर इन पर नहीं पड़ी। सुरक्षाकर्मी सोते रहे और यात्रियों ने लटक कर किया जानलेवा सफर।
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महिला डिब्बे में घुसे रहे पुरुष यात्री
ट्रेनों में महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बा है। डिब्बे के बाहर साफ शब्दों में लिखा है केवल महिलाओं के लिए। इसके बावजूद डिब्बे में पुरुष यात्री बैठे रहे। सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें डिब्बे से निकालने की कोई जहमत नहीं उठाई।
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टिकट काउंटर का हाल रहा बेहाल
टिकट काउंटर पर भी सुरक्षा जवानों के न होने के चलते यात्रियों में टिकट लेेने को लेकर धक्का - मुक्की और झड़पें होती रहीं। वहीं केवल महिलाओं के लिए बनाए गए टिकट काउंटर पर पुरुष यात्री महिलाओं को हटाकर बढ़े आराम से टिकट लेते रहे।