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पेड़ों के प्रति जागरूकता की शिक्षा का उत्सव है वन महोत्सव
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:03 AM IST
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समाधान विकास समिति विपनेट क्लब के तत्वाधान में चल रहे वन महोत्सव सप्ताह के दूसरे दिन विद्यार्थियों को पेड़ों के कटान से हो रहे नुकसान के बारे में बताया गया। इस दौरान स्लोगन प्रतियोगिता भी हुई।
शहर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय अशरफ खां में सोमवार को प्रधानाध्यापिका यामिनी मिश्रा ने बताया कि वन महोत्सव, पेड़ों के प्रति जागरूकता की शिक्षा का उत्सव है। पौधे लगाना आवश्यक नहीं बल्कि उनका रखरखाव करना अधिक आवश्यक है। हर व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। साथ ही पेड़ों को काटने से होने वाले नुकसान के प्रति स्वयं सजग रहते हुए इसके प्रति दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। कहा कि पेड़ हमारे जीवन में कई उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। इनमें वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था, खाद्य संसाधन, पशुओं को चारा, छाया, धरती का सुंदरीकरण व भू संरक्षण आदि शामिल हैं। समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने वन महोत्सव मनाने पर कहा कि मानवीय हो या प्राकृतिक, प्रकृति स्वयं को सदा सबके साथ सहेजते आई है, लेकिन प्रकृति की चिंता किए बिना विकास ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। इसकी रक्षा के लिए सभी को आगे आना होगा, तभी आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रह सकेगी। इस दौरान हुई स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रा ज्योति व हुमा अल्वी आदि का प्रदर्शन सराहनीय रहा। श्रेष्ठ प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। विद्यालय परिसर में तुलसी के पौधे रोपे गए तथा उनके संरक्षण, देखभाल व रखरखाव का दायित्व विद्यार्थियों को सौंपा गया। इस मौके पर सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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शहर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय अशरफ खां में सोमवार को प्रधानाध्यापिका यामिनी मिश्रा ने बताया कि वन महोत्सव, पेड़ों के प्रति जागरूकता की शिक्षा का उत्सव है। पौधे लगाना आवश्यक नहीं बल्कि उनका रखरखाव करना अधिक आवश्यक है। हर व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। साथ ही पेड़ों को काटने से होने वाले नुकसान के प्रति स्वयं सजग रहते हुए इसके प्रति दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। कहा कि पेड़ हमारे जीवन में कई उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। इनमें वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था, खाद्य संसाधन, पशुओं को चारा, छाया, धरती का सुंदरीकरण व भू संरक्षण आदि शामिल हैं। समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने वन महोत्सव मनाने पर कहा कि मानवीय हो या प्राकृतिक, प्रकृति स्वयं को सदा सबके साथ सहेजते आई है, लेकिन प्रकृति की चिंता किए बिना विकास ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। इसकी रक्षा के लिए सभी को आगे आना होगा, तभी आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रह सकेगी। इस दौरान हुई स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रा ज्योति व हुमा अल्वी आदि का प्रदर्शन सराहनीय रहा। श्रेष्ठ प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। विद्यालय परिसर में तुलसी के पौधे रोपे गए तथा उनके संरक्षण, देखभाल व रखरखाव का दायित्व विद्यार्थियों को सौंपा गया। इस मौके पर सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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