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गोमती उद्गम स्थल पर बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म हुई लांच
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:20 AM IST
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पीलीभीत। डीएम अखिलेश मिश्र ने माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए काफी प्रयास किए। उसे खूबसूरत बनवाया और उसकी अविरल धारा बहाने का भी प्रयास किया। इसी कड़ी में गोमती उद्गम स्थल पहुंच कर लखनऊ की ड्रीम मैंगो संस्था की डायरेक्टर दीपिका चतुर्वेदी ने भी गोमती उद्गम स्थल पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई थी। जिसे शुक्रवार सायं लांच कर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया है।
गोमती की अविरल धारा बहाने व उद्गम स्थल को विकसित करने के लिए कुछ माह पूर्व डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने प्रयास शुरू किए। श्रमदान से अभियान को शुरू किया गया। इसमें गोमती नदी की सीमा में पड़ने वाले गांव के लोग भी अधिक मात्रा में जुड़ गए। डीएम समेत प्रशासन अमला भी अभियान को सफल बनाने में पूरी तरह से जुटा रहा। अभियान शुरू होने के बाद ट्रस्ट का भी गठन किया गया। ट्रस्ट के सहारे उद्गम स्थल को भी विकसित करने के प्रयास शुुरू किए गए। हालांकि डीएम के प्रयास के बाद उद्गम स्थल को विकसित कर दिया गया। अभियान के बाद उद्गम स्थल को देश-विदेश में पहचान मिले सके, डीएम ने इसके लिए भी प्रयास शुरू किए। डीएम के प्रयास के बाद लखनऊ से ड्रीम मैंगो संस्था की डायरेक्टर दीपिका चतुर्वेदी टीम के साथ गोमती उद्गम स्थल पहुंचकर गोमती पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनानी शुरू की। यहां टीम ने कई दिन तक रुक अभियान में लगे श्रमदानियों से लेकर उद्गम स्थल पर होनी वाली आरती व जिले की प्राकृतिक हरियाली को अपने कैमरे में कैद किया। खास बात यह है कि फिल्म बनाने वाली संस्था ने उद्गम स्थल से लेकर लखनऊ पहुंची गोमती नदी की झलकियों को भी फिल्म में शामिल किया है। लंबे समय के इंतजार के बाद शुक्रवार को फिल्म लांच कर दी गई। जो सोशल साइट्स पर जारी हो गई हैं।
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गोमती की अविरल धारा बहाने व उद्गम स्थल को विकसित करने के लिए कुछ माह पूर्व डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने प्रयास शुरू किए। श्रमदान से अभियान को शुरू किया गया। इसमें गोमती नदी की सीमा में पड़ने वाले गांव के लोग भी अधिक मात्रा में जुड़ गए। डीएम समेत प्रशासन अमला भी अभियान को सफल बनाने में पूरी तरह से जुटा रहा। अभियान शुरू होने के बाद ट्रस्ट का भी गठन किया गया। ट्रस्ट के सहारे उद्गम स्थल को भी विकसित करने के प्रयास शुुरू किए गए। हालांकि डीएम के प्रयास के बाद उद्गम स्थल को विकसित कर दिया गया। अभियान के बाद उद्गम स्थल को देश-विदेश में पहचान मिले सके, डीएम ने इसके लिए भी प्रयास शुरू किए। डीएम के प्रयास के बाद लखनऊ से ड्रीम मैंगो संस्था की डायरेक्टर दीपिका चतुर्वेदी टीम के साथ गोमती उद्गम स्थल पहुंचकर गोमती पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनानी शुरू की। यहां टीम ने कई दिन तक रुक अभियान में लगे श्रमदानियों से लेकर उद्गम स्थल पर होनी वाली आरती व जिले की प्राकृतिक हरियाली को अपने कैमरे में कैद किया। खास बात यह है कि फिल्म बनाने वाली संस्था ने उद्गम स्थल से लेकर लखनऊ पहुंची गोमती नदी की झलकियों को भी फिल्म में शामिल किया है। लंबे समय के इंतजार के बाद शुक्रवार को फिल्म लांच कर दी गई। जो सोशल साइट्स पर जारी हो गई हैं।
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