{"_id":"61cf5dd05a4f8b70af78e6e9","slug":"595-asha-workers-of-the-district-got-smartphones-pilibhit-news-bly471084839","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की 595 आशा कार्यकर्ताओं को मिले स्मार्टफोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की 595 आशा कार्यकर्ताओं को मिले स्मार्टफोन
विज्ञापन
पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में शुक्रवार को आयोजित आशा सम्मेलन में 80 हजार आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए गए। इसी उपलक्ष्य में जिले स्तर पर भी गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में जिले की 595 आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन वितरित किए गए।
डीएम पुलकित खरे, सदर विधायक संजय सिंह गंगवार, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने आशा कार्यकर्ताओं को फोन वितरित किए। डीएम ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं को डिजिटल माध्यम से क्रियान्वयन में योगदान मिलेगा। बोले, कोरोना काल में निगरानी समिति, दवाई किट वितरण व टीकाकरण का कार्य परिश्रम के साथ सम्पन्न किया गया। इसी के चलते वैक्सीनेशन में जिले का नाम चौथे नंबर पर है। इनके अलावा सदर विधायक और बरखेड़ा विधायक ने भी संबोधित किया। दोनों विधायक बोले कि आशा कार्यकर्ताओं ने कोविड काल में बेहतर कार्य किया है। अब डिजिटल तरीके से अपनी सेवाएं आगे बढ़ाएंगी और बेहतर कार्य कर सकेंगी। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने निगरानी समिति और वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने में सहयोग के लिए प्रेरित किया।
ज्यादातर को नहीं आता स्मार्टफोन चलाना
ज्यादातर आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन चलाना नहीं आता। कार्यक्रम में मौजूद ज्यादातर आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों से थी। जब उनसे पूछा गया तो उनका कहना था कि स्मार्ट फोन कैसे काम में मदद करेगा इसकी जानकारी नहीं है। अगर प्रशिक्षण मिल जाता तो ज्यादातर बेहतर था। जबकि इस फोन के माध्यम से फाइलों और रजिस्टरों की संख्या कम करने, ऑनलाइन रिपोर्ट और डाटा को ऑनलाइन पोर्टल और एप्लीकेशन पर अपलोड जैसे कार्य करने हैं।
विज्ञापन
स्मार्टफोन चलाना नहीं आता, इसकी ट्रेनिंग कराई जाए। साथ ही हमारा वेतन मासिक फिक्स किया जाए। हमसे काम बहुत लिया जाता है लेकिन उसके मुकाबले वेतन बहुत कम मिलता है।
- मेनका कुमारी, बरखेड़ा ब्लॉक
मेरे पास सादा मोबाइल है, अब स्मार्ट फोन दिया गया है तो सीख लेंगे, लेकिन करना क्या होगा ये तो अधिकारी समझाएंगे, हमारा वेतन बढ़ाया जाना चाहिए। जो बढ़ाया गया है वो काम के मुकाबले काफी कम है।
सरवानी, अमरिया ब्लॉक
हमें तो बड़ा मोबाइल चलाना नहीं आता। इस पर क्या काम होगा उसकी जानकारी नहीं, अब मोबाइल दिया है तो यही लोग बताएंगे कैसे क्या काम करना है। - प्रेमवती, अमरिया
मोबाइल मिला है तो चलाना सीख लेंगे, अच्छा होता कि इसका प्रशिक्षण दिया जाता। आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय कम मिलता है, मासिक वेतन मिले और काम के अनुरूप वेतन बढ़ाया जाए।
नेहा, पीलीभीत नगर क्षेत्र
विज्ञापन
डीएम पुलकित खरे, सदर विधायक संजय सिंह गंगवार, बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने आशा कार्यकर्ताओं को फोन वितरित किए। डीएम ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं को डिजिटल माध्यम से क्रियान्वयन में योगदान मिलेगा। बोले, कोरोना काल में निगरानी समिति, दवाई किट वितरण व टीकाकरण का कार्य परिश्रम के साथ सम्पन्न किया गया। इसी के चलते वैक्सीनेशन में जिले का नाम चौथे नंबर पर है। इनके अलावा सदर विधायक और बरखेड़ा विधायक ने भी संबोधित किया। दोनों विधायक बोले कि आशा कार्यकर्ताओं ने कोविड काल में बेहतर कार्य किया है। अब डिजिटल तरीके से अपनी सेवाएं आगे बढ़ाएंगी और बेहतर कार्य कर सकेंगी। सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने निगरानी समिति और वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने में सहयोग के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
ज्यादातर को नहीं आता स्मार्टफोन चलाना
ज्यादातर आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन चलाना नहीं आता। कार्यक्रम में मौजूद ज्यादातर आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों से थी। जब उनसे पूछा गया तो उनका कहना था कि स्मार्ट फोन कैसे काम में मदद करेगा इसकी जानकारी नहीं है। अगर प्रशिक्षण मिल जाता तो ज्यादातर बेहतर था। जबकि इस फोन के माध्यम से फाइलों और रजिस्टरों की संख्या कम करने, ऑनलाइन रिपोर्ट और डाटा को ऑनलाइन पोर्टल और एप्लीकेशन पर अपलोड जैसे कार्य करने हैं।
विज्ञापन
स्मार्टफोन चलाना नहीं आता, इसकी ट्रेनिंग कराई जाए। साथ ही हमारा वेतन मासिक फिक्स किया जाए। हमसे काम बहुत लिया जाता है लेकिन उसके मुकाबले वेतन बहुत कम मिलता है।
- मेनका कुमारी, बरखेड़ा ब्लॉक
मेरे पास सादा मोबाइल है, अब स्मार्ट फोन दिया गया है तो सीख लेंगे, लेकिन करना क्या होगा ये तो अधिकारी समझाएंगे, हमारा वेतन बढ़ाया जाना चाहिए। जो बढ़ाया गया है वो काम के मुकाबले काफी कम है।
सरवानी, अमरिया ब्लॉक
हमें तो बड़ा मोबाइल चलाना नहीं आता। इस पर क्या काम होगा उसकी जानकारी नहीं, अब मोबाइल दिया है तो यही लोग बताएंगे कैसे क्या काम करना है। - प्रेमवती, अमरिया
मोबाइल मिला है तो चलाना सीख लेंगे, अच्छा होता कि इसका प्रशिक्षण दिया जाता। आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय कम मिलता है, मासिक वेतन मिले और काम के अनुरूप वेतन बढ़ाया जाए।
नेहा, पीलीभीत नगर क्षेत्र