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मजदूरी करने गए युवक को बाघ ने बनाया निवाला
Updated Tue, 26 Dec 2017 07:58 PM IST
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बाघ ने हमला किया
- फोटो : अमर उजाला
मजदूरी करने गए युवक को बाघ ने बनाया निवाला
दूसरे दिन जंगल में मिली लाश
जोगराजपुर/पूरनपुर। मजदूरी करने गए सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ा निवासी 32 वर्षीय जोगेंद्र सिंह को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। मंगलवार को जोगेंद्र का शव हरीपुर किशनपुर सेंक्चुरी के जंगल में मिला। शव से कुछ दूरी पर बाघ को देखकर ग्रामीण घबरा गए। पुलिस ने हवाई फायरिंग कर बाघ को खदेड़ने के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
सेहरामऊ थाना क्षेत्र के गांव गढ़ा निवासी जोगेंद्र सिंह अपने पिता जगदीश के साथ सोमवार को सुबह साइकिल से जंगल के समीप एक धार्मिक स्थल पर मजदूरी करने गया था। शाम को काम खत्म होने पर जोगेंद्र के न मिलने पर उसकी तलाश शुरू की गई। अंधेरा होने तक ग्रामीण उसे ढूंढते रहे लेकिन कुछ पता नहीं चला। मंगलवार सुबह गांव के तमाम लोग एकत्र होकर पुलिस के साथ जंगल पहुंचे और जोगेंद्र की तलाश शुरू की। काफी तलाशने के बाद धार्मिक स्थल सेे करीब 400 मीटर दूर जंगल किनारे फेंसिंग के लिए लगा तार टूटा मिला। साथ ही किसी को घसीटने के निशान मिले। करीब 15 फुट अंदर पहुंचने पर झाड़ियों में जोगेंद्र का अधखाया शव बरामद हुआ। शव के निकट ही बाघ भी बैठा हुुआ था जिसे देखकर ग्रामीण घबरा कर पीछे हट गए। बाघ को हटाने के लिए पुलिस ने हवाई फायर किया।
भाइयों में सबसे बड़ा था जोगेंद्र
जोगेंद्र अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी शादी करीब 15 साल पहले हुई थी लेकिन विवाद होने पर कुछ साल पहले उसकी पत्नी मायके चली गई थी। उसके तीन बच्चे शोभित (12), नैंसी (10) और मोहित (8) हैं।
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दूसरे दिन जंगल में मिली लाश
जोगराजपुर/पूरनपुर। मजदूरी करने गए सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ा निवासी 32 वर्षीय जोगेंद्र सिंह को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। मंगलवार को जोगेंद्र का शव हरीपुर किशनपुर सेंक्चुरी के जंगल में मिला। शव से कुछ दूरी पर बाघ को देखकर ग्रामीण घबरा गए। पुलिस ने हवाई फायरिंग कर बाघ को खदेड़ने के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
सेहरामऊ थाना क्षेत्र के गांव गढ़ा निवासी जोगेंद्र सिंह अपने पिता जगदीश के साथ सोमवार को सुबह साइकिल से जंगल के समीप एक धार्मिक स्थल पर मजदूरी करने गया था। शाम को काम खत्म होने पर जोगेंद्र के न मिलने पर उसकी तलाश शुरू की गई। अंधेरा होने तक ग्रामीण उसे ढूंढते रहे लेकिन कुछ पता नहीं चला। मंगलवार सुबह गांव के तमाम लोग एकत्र होकर पुलिस के साथ जंगल पहुंचे और जोगेंद्र की तलाश शुरू की। काफी तलाशने के बाद धार्मिक स्थल सेे करीब 400 मीटर दूर जंगल किनारे फेंसिंग के लिए लगा तार टूटा मिला। साथ ही किसी को घसीटने के निशान मिले। करीब 15 फुट अंदर पहुंचने पर झाड़ियों में जोगेंद्र का अधखाया शव बरामद हुआ। शव के निकट ही बाघ भी बैठा हुुआ था जिसे देखकर ग्रामीण घबरा कर पीछे हट गए। बाघ को हटाने के लिए पुलिस ने हवाई फायर किया।
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भाइयों में सबसे बड़ा था जोगेंद्र
जोगेंद्र अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी शादी करीब 15 साल पहले हुई थी लेकिन विवाद होने पर कुछ साल पहले उसकी पत्नी मायके चली गई थी। उसके तीन बच्चे शोभित (12), नैंसी (10) और मोहित (8) हैं।
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