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Pilibhit News: विकास प्राधिकरण में शामिल होंगे 49 गांव, ककरा में बन सकता है कार्यालय
Thu, 02 Jan 2025 01:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 02 Jan 2025 01:02 AM IST
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शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण बनाने के लिए विनियमित क्षेत्र का नक्शा। स्रोत: प्रशासन
शाहजहांपुर। विकास प्राधिकरण में जिले के 49 गांव शामिल होंगे। इसके लिए नक्शा तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। इस पर कैबिनेट में इसी माह मुहर लगने की उम्मीद है। ककरा में प्राधिकरण का कार्यालय बन सकता है।
जून, 2018 में शाहजहांपुर को नगर निगम का दर्जा मिला था। इसके बाद से ही प्राधिकरण बनाए जाने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इसको लेकर विशेष प्रयास किए थे। प्रशासन की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा था। प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर को प्राधिकरण बनाने की मंजूरी जून, 2024 में दे दी थी। इसके बाद महायोजना-2031 के नक्शे पर कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन ने रूपरेखा बनाकर शासन को भेज दी। इसमें आने वाले विनियमित क्षेत्र को ही प्राधिकरण में शामिल किया जाएगा।
प्रशासन के मुताबिक विनियमित क्षेत्र में आने वाले शहर के आसपास के गांव प्राधिकरण में शामिल होंगे। इसमें बरेली रोड पर भेदपुर गांव तक, जलालाबाद रोड पर रसकूपा बहादुरपुर तक, हदरोई रोड पर चौड़ेरा गांव तक, सीतापुर रोड पर जमुका गांव तक, पुवायां रोड पर पैना बुजुर्ग गांव तक, निगोही रोड पर सतवां बुजुर्ग तक गांव प्राधिकरण में शामिल होंगे।
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प्रशासन ने प्राधिकरण के भवन को बनाने के लिए भूमि को चिह्नित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि ककराकलां में इसके लिए जमीन मिल सकती है, लेकिन तब तक ककराकलां स्थित नगर निगम के नए कार्यालय में इसके कार्यालय को संबद्ध किया जा सकता है। इसके बाद नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।
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डीएम को बनाया जा सकता है उपाध्यक्ष
-प्राधिकरण की मंजूरी मिलने पर प्राथमिक तौर पर डीएम को इसका उपाध्यक्ष और एडीएम को सचिव का दायित्व दिया जा सकता है। इसके बाद आईएएस अधिकारी को उपाध्यक्ष और पीसीएस अधिकारी को सचिव के पद पर आसीन किया जाएगा। संभावना है कि प्राधिकरण को चार जोन में बांटा जाएगा। इसमें पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण जोन शामिल होंगे। प्रत्येक जोन में एक एक्सईएन और एक जेई को नियुक्त किया जाएगा, जो अपने-अपने क्षेत्र में निर्माण कार्य देखेंगे। प्राधिकरण की ओर से नई कॉलोनियों को विकसित किया जाएगा।
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कॉलोनी की 55 प्रतिशत जमीन पर आवासीय भवन बनेंगे
अभी तक कॉलोनी बनाने में मनमानी की जाती रही है। विकास प्राधिकरण बनने के बाद कॉलोनी का नक्शा पास करना होगा। इसमें 55 प्रतिशत जमीन पर आवासीय भवनों का निर्माण होगा। बाकी 45 प्रतिशत हिस्से में कॉलोनी में रहने वाले लोगों के लिए चौड़ी सड़क, पार्क, आदि का निर्माण करना होगा।
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विकास प्राधिकरण की रूपरेखा बनाकर शासन को भेज दी गई है। कैबिनेट से जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है। प्राधिकरण के कार्यालय के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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जून, 2018 में शाहजहांपुर को नगर निगम का दर्जा मिला था। इसके बाद से ही प्राधिकरण बनाए जाने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इसको लेकर विशेष प्रयास किए थे। प्रशासन की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा था। प्रदेश सरकार ने शाहजहांपुर को प्राधिकरण बनाने की मंजूरी जून, 2024 में दे दी थी। इसके बाद महायोजना-2031 के नक्शे पर कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन ने रूपरेखा बनाकर शासन को भेज दी। इसमें आने वाले विनियमित क्षेत्र को ही प्राधिकरण में शामिल किया जाएगा।
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प्रशासन के मुताबिक विनियमित क्षेत्र में आने वाले शहर के आसपास के गांव प्राधिकरण में शामिल होंगे। इसमें बरेली रोड पर भेदपुर गांव तक, जलालाबाद रोड पर रसकूपा बहादुरपुर तक, हदरोई रोड पर चौड़ेरा गांव तक, सीतापुर रोड पर जमुका गांव तक, पुवायां रोड पर पैना बुजुर्ग गांव तक, निगोही रोड पर सतवां बुजुर्ग तक गांव प्राधिकरण में शामिल होंगे।
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प्रशासन ने प्राधिकरण के भवन को बनाने के लिए भूमि को चिह्नित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि ककराकलां में इसके लिए जमीन मिल सकती है, लेकिन तब तक ककराकलां स्थित नगर निगम के नए कार्यालय में इसके कार्यालय को संबद्ध किया जा सकता है। इसके बाद नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।
डीएम को बनाया जा सकता है उपाध्यक्ष
-प्राधिकरण की मंजूरी मिलने पर प्राथमिक तौर पर डीएम को इसका उपाध्यक्ष और एडीएम को सचिव का दायित्व दिया जा सकता है। इसके बाद आईएएस अधिकारी को उपाध्यक्ष और पीसीएस अधिकारी को सचिव के पद पर आसीन किया जाएगा। संभावना है कि प्राधिकरण को चार जोन में बांटा जाएगा। इसमें पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण जोन शामिल होंगे। प्रत्येक जोन में एक एक्सईएन और एक जेई को नियुक्त किया जाएगा, जो अपने-अपने क्षेत्र में निर्माण कार्य देखेंगे। प्राधिकरण की ओर से नई कॉलोनियों को विकसित किया जाएगा।
कॉलोनी की 55 प्रतिशत जमीन पर आवासीय भवन बनेंगे
अभी तक कॉलोनी बनाने में मनमानी की जाती रही है। विकास प्राधिकरण बनने के बाद कॉलोनी का नक्शा पास करना होगा। इसमें 55 प्रतिशत जमीन पर आवासीय भवनों का निर्माण होगा। बाकी 45 प्रतिशत हिस्से में कॉलोनी में रहने वाले लोगों के लिए चौड़ी सड़क, पार्क, आदि का निर्माण करना होगा।
विकास प्राधिकरण की रूपरेखा बनाकर शासन को भेज दी गई है। कैबिनेट से जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है। प्राधिकरण के कार्यालय के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम