Pilibhit: विकास परियोजनाओं की चाल धीमी, 53 में से 48 अधूरी, छह का कार्य नहीं हुआ शुरू
जिले की विकास परियोजनाओं की चाल बहुत धीमी है। कई परियोजनाओं का कार्य तय समय पूरा होने के बाद भी पूरा नहीं हुआ। जिले में 50 लाख या इससे अधिक लागत की 53 परियोजनाओं का कार्य चल रहा है। इसमें महज पांच का ही कार्य पूरा हो सका है। 48 परियोजनाएं अधूरी हैं, जिनमें छह का कार्य शुरू ही नहीं हुआ। सोमवार को डीएम ने विकास परियोजनाओं की समीक्षा की और प्रगति रिपोर्ट पर नाखुश नजर आए। कहा कि निर्माण एजेंसियां कार्य में तेजी लाएं और जल्द कार्य पूरा कराएं।
पचास लाख या इससे अधिक लागत की 53 परियोजनाओं की लागत 718.73 करोड़ है। इनके लिए अब तक 355.3 करोड़ का बजट जारी हो चुका है। 313.3 करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं। पूरनपुर में बन रहा मल्टीपरज सीड्स स्टोर, सरकारी भवन और सड़कों को मिलाकर पांच परियोजनाओं के कार्य पूरे हो गए। सीएमओ ऑफिस में बन रहे ड्रग वेयरहाउस और नगर पालिका की लिगेसी वेस्ट परियोजना समेत छह ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनका कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ।
हालांकि कुछ बजट जरूर जारी हुआ है। कुल परियोजनाओं का 65.53 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। डीएम पुलकित खरे ने एनडीएस द्वारा निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग के पूरनपुर व बीसलपुर मल्टीपरपज सीड्स स्टोर का कार्य तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश
यूपी सिडको द्वारा सीएचसी दियूरिया के निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं कराया गया। डीएम ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के लिए अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए। कहा कि दूसरे ठेकेेदार का चयन कर जल्द कार्य शुरू कराया जाए। डीएम ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही अक्षम्य है। तय समय पर कार्य पूरे कराए जाएं।
आकांक्षात्मक योजना के लिए पूरनपुर चयनित
पूरनपुर को आकांक्षात्मक योजना के लिए चयनित किया है। डीएम ने निर्देश दिए कि मार्च 2022 के डाटा के अनुसार ब्लॉक पूरनपुर में संचालित विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति समीक्षा की जाएगी। सभी विभागों को बेसडाटा उपलब्ध कराया जाएगा। डाटा की जांच कर जिला अर्थ एवं संख्यायिकी अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराएं। उसके बाद विभागवार दिए बिंदुओं पर समीक्षा होगी। पूरनपुर में समस्त पदों पर नियुक्तियां सुनिश्चित की जानी है। अगर कोई पद रिक्त है तो अन्य ब्लॉक या मंडलीय अधिकारियों से वार्ता करते हुए भरे जाएं।