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72 हजार बच्चे एमआर टीकाकरण से वंचित, शासन को भेजी रिपोर्ट
Sun, 20 Jan 2019 06:30 PM IST
Prashant Singh
अमर उजाला पीलीभीत
अमर उजाला पीलीभीत
Published by: Prashant Singh
Updated Sun, 20 Jan 2019 06:30 PM IST
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पीलीभीत। मीजल्स रूबेला (एमआर) से बचाव के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान कामयाब नहीं हो पाया। प्राइवेट स्कूलों और मदरसा संचालकों की मनमानी के चलते जिले में बच्चों की बड़ी संख्या इससे वंचित रह गई है। खुद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक जिले में 72 हजार से अधिक बच्चों को यह टीका नहीं लगा। ऐसे में शासन के अभियान की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए की जा रही सख्ती से बचने को रिपोर्ट तैयार कर डीएम के माध्यम से शासन को भेज दी गई है। वंचित बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए क्या प्रयास किए जाएंगे, इसे लेकर कोई रणनीति नहीं बनी है।
जिले में 26 नवंबर से शुरू हुए मीजल्स रूबेला अभियान के तहत जिले में नौ माह से 15 साल तक के सात लाख 76 हजार बच्चों को टीका लगाया जाना है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मानें तो अभियान के प्रथम चरण में सभी स्कूलों और मदरसों में बच्चों को टीका लगाया जाना था, लेकिन संचालकों की मनमानी और उनके सहयोग नहीं करने के कारण अमरिया ब्लॉक के 73, बरखेड़ा के 47, बिलसंडा के 22, बीसलपुर के 70, ललौरीखेड़ा के 96, मरौरी के 79, पूरनपुर के 158 और पीलीभीत के 52 निजी स्कूलों एवं मदरसों में 72 हजार बच्चों का टीकाकरण नहीं हो सका। इसके बाद आंगनबाड़ी, सीएचसी, पीएचसी पर टीकाकरण शुरू कर दिया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि 90 प्रतिशत बच्चों को टीका लगा दिया गया है। इसमें सहयोग नहीं करने वाले 597 स्कूलों और मदरसों की रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेज दी गई है।
प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त टीका
पिछले दिनों वीडियो काफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की क्लास ली थी। इसके बाद टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने पर मंथन किया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि शहर के अनुज नर्सिंग होम, एसके नर्सिंग होम और आयुर्वेदिक कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों को मुफ्त एमआर का टीका लगाएगी।
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जिले में 26 नवंबर से शुरू हुए मीजल्स रूबेला अभियान के तहत जिले में नौ माह से 15 साल तक के सात लाख 76 हजार बच्चों को टीका लगाया जाना है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मानें तो अभियान के प्रथम चरण में सभी स्कूलों और मदरसों में बच्चों को टीका लगाया जाना था, लेकिन संचालकों की मनमानी और उनके सहयोग नहीं करने के कारण अमरिया ब्लॉक के 73, बरखेड़ा के 47, बिलसंडा के 22, बीसलपुर के 70, ललौरीखेड़ा के 96, मरौरी के 79, पूरनपुर के 158 और पीलीभीत के 52 निजी स्कूलों एवं मदरसों में 72 हजार बच्चों का टीकाकरण नहीं हो सका। इसके बाद आंगनबाड़ी, सीएचसी, पीएचसी पर टीकाकरण शुरू कर दिया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि 90 प्रतिशत बच्चों को टीका लगा दिया गया है। इसमें सहयोग नहीं करने वाले 597 स्कूलों और मदरसों की रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेज दी गई है।
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प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त टीका
पिछले दिनों वीडियो काफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की क्लास ली थी। इसके बाद टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने पर मंथन किया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि शहर के अनुज नर्सिंग होम, एसके नर्सिंग होम और आयुर्वेदिक कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों को मुफ्त एमआर का टीका लगाएगी।
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