{"_id":"1f7b65d06703a4678c326e4367adcc9c","slug":"30-surveillance-cameras-the-tiger-will-amria-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"30 कैमरों की निगरानी में रहेगा अमरिया का टाइगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
30 कैमरों की निगरानी में रहेगा अमरिया का टाइगर
पीलीभीत
Updated Thu, 03 Sep 2015 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरिया क्षेत्र में पिछले कुछ सालों से घूम रहे टाइगर की निगरानी अब 30 कैमरों से की जाएगी। इसके लिए सामाजिक वानिकी ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से स्थान का चयन कर लिया है।
अमरिया क्षेत्र के खली नवादा, शुक्ला फार्म से ड्यूनी डाम तक अक्सर टाइगर की चहल कदमी देखी जा रही है। करीब दो साल पहले बाघ के साथ बाघिन और दो शावक भी देखे गए थे। वर्तमान में बाघ एवं उसके व्यस्क हो चुके दोनों शावक देखे जा रहे हैं। इसमें बाघ की सर्वाधिक चहल पहल शुक्ला फार्म व खली नवादा क्षेत्र में देखी जा रही है। कई बार फार्म हाउस और खेतों में घूम रहे पालतु पशुओं को भी इस बाघ ने अपना निवाला बनाया है।
खुले में घूम रहे बाघ की निगरानी के लिए यूं तो सामाजिक वानिकी ने छह कैमरे और दो वनकर्मियों की ड्यूटी लगी है। लेकिन क्षेत्र बड़ा होने के कारण निगरानी में दिक्कत आ रही है। टाइगर की पुख्ता निगरानी के लिए अब सामाजिक वानिकी ने कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से स्थान का चयन कर लिया गया है।
विज्ञापन
अब चयनित स्थानों पर 26 कैमरे और लगाने जाने की तैयारी है। इन्हें मिलाकर अब इस क्षेत्र में घूम रहे टाइगर और इसके वयस्क हो चुके दोनों शावकों की निगरानी 30 कैमरों से की जाएगी। इस बारे में डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि टाइगर की निगरानी के लिए और कैमरे लगाए जा रहे हैं। जल्द कैमरे स्थापित हो जाएंगे।
उन्नाव पहुंच चुकी है बाघिन
पीलीभीत। करीब दो साल पूर्व अमरिया क्षेत्र में बाघ और शावकों के साथ देखी गई बाघिन की लोकेशन अब उन्नाव क्षेत्र में देखी जा रही है। इसका खुलासा पिछले दिनों उन्नाव में बाघिन की निगरानी को लगे कैमरों में आए चित्रों के मिलान के बाद हुआ है। यह बाघिन अमरिया से उन्नाव कैसे पहुची विभाग इसकी जांच कर रहा है।
विज्ञापन
अमरिया क्षेत्र के खली नवादा, शुक्ला फार्म से ड्यूनी डाम तक अक्सर टाइगर की चहल कदमी देखी जा रही है। करीब दो साल पहले बाघ के साथ बाघिन और दो शावक भी देखे गए थे। वर्तमान में बाघ एवं उसके व्यस्क हो चुके दोनों शावक देखे जा रहे हैं। इसमें बाघ की सर्वाधिक चहल पहल शुक्ला फार्म व खली नवादा क्षेत्र में देखी जा रही है। कई बार फार्म हाउस और खेतों में घूम रहे पालतु पशुओं को भी इस बाघ ने अपना निवाला बनाया है।
विज्ञापन
खुले में घूम रहे बाघ की निगरानी के लिए यूं तो सामाजिक वानिकी ने छह कैमरे और दो वनकर्मियों की ड्यूटी लगी है। लेकिन क्षेत्र बड़ा होने के कारण निगरानी में दिक्कत आ रही है। टाइगर की पुख्ता निगरानी के लिए अब सामाजिक वानिकी ने कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से स्थान का चयन कर लिया गया है।
विज्ञापन
अब चयनित स्थानों पर 26 कैमरे और लगाने जाने की तैयारी है। इन्हें मिलाकर अब इस क्षेत्र में घूम रहे टाइगर और इसके वयस्क हो चुके दोनों शावकों की निगरानी 30 कैमरों से की जाएगी। इस बारे में डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि टाइगर की निगरानी के लिए और कैमरे लगाए जा रहे हैं। जल्द कैमरे स्थापित हो जाएंगे।
उन्नाव पहुंच चुकी है बाघिन
पीलीभीत। करीब दो साल पूर्व अमरिया क्षेत्र में बाघ और शावकों के साथ देखी गई बाघिन की लोकेशन अब उन्नाव क्षेत्र में देखी जा रही है। इसका खुलासा पिछले दिनों उन्नाव में बाघिन की निगरानी को लगे कैमरों में आए चित्रों के मिलान के बाद हुआ है। यह बाघिन अमरिया से उन्नाव कैसे पहुची विभाग इसकी जांच कर रहा है।