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जीवन में दान अवश्य करें - जैनाचार्य
Updated Mon, 30 Jul 2018 01:09 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
श्री पार्श्व नाथ दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम में पावन वर्षा योग मंगल कलश चातुर्मास स्थापना समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें 108 वारिषेण सागर जी महाराज ने कहा जीवन में दान अवश्य करना चाहिए
बड़ागांव स्थित श्री पार्श्व नाथ दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम में रविवार को परम पूज्य मुनि श्री 108 वारिषेण सागर जी महाराज एवं परम पूज्य क्षुल्लिका 105 बीरमती माता जी, परम पूज्य क्षुल्लिका 105 संतोषमती माता जी का पावन वर्षा योग मंगल कलश स्थापना, चातुर्मास कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका शुभारंभ खेकड़ा नगर निवासी योगेंद्र कुमार जैन ने दीप जलाकर एवं चित्र का अनावरण कर किया। साथ ही कलशों की स्थापना की। इस दौरान झंडा रोहण, शास्त्र भेंट, मंगल आरती आदि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसके बाद योगेंद्र कुमार जैन ने आर्यिका 105 चंद्रमती माता जी की उपस्थिति में मंगल कलश स्थापित किए। आश्रम परिसर जयकारों से गूंज उठा।
108 वारिषेण सागर जी महाराज ने कहा कि साधु संतों के प्रवचन सभी को सुनने चाहिए। ताकि उन पर अमल कर पापों से मुक्ति मिल सके। जीवन में दान अवश्य करना चाहिए और भगवान को सदैव याद रखकर सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए। तभी मनुष्य का कल्याण संभव है। पावन मंगल वर्षायोग कलश स्थापना, चार्तुमास कार्यक्रम का संचालन विनय कुमार जैन ने किया। इस दौरान पार्श्वनाथ फाउंडेशन के डॉ. राजीव कुमार जैन, संजीव कुमार जैन, जनेश्वर दयाल जैन, सुरेश कुमार जैन, श्रेयांस जैन आदि भक्त मौजूद रहे।
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श्री पार्श्व नाथ दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम में पावन वर्षा योग मंगल कलश चातुर्मास स्थापना समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें 108 वारिषेण सागर जी महाराज ने कहा जीवन में दान अवश्य करना चाहिए
बड़ागांव स्थित श्री पार्श्व नाथ दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम में रविवार को परम पूज्य मुनि श्री 108 वारिषेण सागर जी महाराज एवं परम पूज्य क्षुल्लिका 105 बीरमती माता जी, परम पूज्य क्षुल्लिका 105 संतोषमती माता जी का पावन वर्षा योग मंगल कलश स्थापना, चातुर्मास कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका शुभारंभ खेकड़ा नगर निवासी योगेंद्र कुमार जैन ने दीप जलाकर एवं चित्र का अनावरण कर किया। साथ ही कलशों की स्थापना की। इस दौरान झंडा रोहण, शास्त्र भेंट, मंगल आरती आदि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसके बाद योगेंद्र कुमार जैन ने आर्यिका 105 चंद्रमती माता जी की उपस्थिति में मंगल कलश स्थापित किए। आश्रम परिसर जयकारों से गूंज उठा।
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108 वारिषेण सागर जी महाराज ने कहा कि साधु संतों के प्रवचन सभी को सुनने चाहिए। ताकि उन पर अमल कर पापों से मुक्ति मिल सके। जीवन में दान अवश्य करना चाहिए और भगवान को सदैव याद रखकर सत्य अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए। तभी मनुष्य का कल्याण संभव है। पावन मंगल वर्षायोग कलश स्थापना, चार्तुमास कार्यक्रम का संचालन विनय कुमार जैन ने किया। इस दौरान पार्श्वनाथ फाउंडेशन के डॉ. राजीव कुमार जैन, संजीव कुमार जैन, जनेश्वर दयाल जैन, सुरेश कुमार जैन, श्रेयांस जैन आदि भक्त मौजूद रहे।
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