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बाढ़ नियंत्रण कार्यों के नाम पर खानापूरी जारी, मुख्यमंत्री से शिकायत

Sat, 23 Jun 2018 12:13 AM IST
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:13 AM IST
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बाढ़ नियंत्रण कार्यों के नाम पर खानापूरी जारी, मुख्यमंत्री से शिकायत
22 पीबीटीपी 14, 15
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बाढ़ नियंत्रण कार्यों में खानापूरी की मुख्यमंत्री से शिकायत
रमनगरा में लाखों फूंकने के बाद नहीं मोड़ सके नदी की धार
अब रमनगरा बुझिया में कटर बनाने के नाम पर खेल शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। बाढ़ खंड द्वारा शारदा डैम के सामने रमनगरा और रमनगरा बुझिया क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण कार्यों के नाम पर जमकर खानापूरी की जा रही है। ऐसे में यदि यह कार्य पूरे हो भी जाते हैं तो इनके बाढ़ आने पर बहने की संभावना जताई जा रही है। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और सिंचाई से कर जांच कराने की मांग की गई है।
बाढ़ खंड ने शारदा नदी के दाहिने किनारे पर शारदा डैम के सामने रमनगरा क्षेत्र में पहले नदी की धार को दूसरी ओर मोड़ने के लिए पोकलैंड मशीन से डायवर्जन करने का प्रयास किया। इसमें लाखों रुपये फूंकने के बाद भी अभियंता पूरी तरह से विफल रहे। इधर अब बाढ़ खंड ने दाहिने किनारे पर बने स्पर संख्या पांच व छह को बचाने को एसी बैग से एप्रिन व प्लेटफार्म बनाना शुरू किया। बताते हैं कि यह कार्य तब शुरू हुआ जब नदी का जलस्तर बढ़ चुका था और योजना स्थल पर भी पानी भर चुका था। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने इन्हीं हालातों में निजी ठेकेदारों से आधे अधूरे रेत से भरे बोरों डलवाने शुरू कर दिए। आरोप है कि यह सबकुछ रकम डकारने के उद्देश्य से किया गया। पानी में इन कार्यों की जांच किसी भी कीमत पर संभव नहीं है। ऐसे में हौच पौच में कराए जा रहे इन कार्यों का भविष्य खतरे में दिखाई दे रहा है।
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कमोवेश रमनगरा बुझिया का भी यही हाल है। यहां गत वर्ष नदी ने जमकर कटान किया था। कहा गया था कि बरसात बाद यहां मार्जनल बांध के साथ-साथ ठोकरें भी बनाई जाएगी। हालांकि मार्जनल बांध तो मंजूर नहीं हुआ, लेकिन भूकटान रोकने को 11 कटर बनाने की मंजूरी मिल गई। इस क्षेत्र में करीब सप्ताह भर पूर्व कार्य शुरू किया गया था, लेकिन अब तक एक कटर भी बन सका। मात्र प्लेटफार्म का कार्य शुरू कर खानापूरी की जा रही है। इस खानापूरी की शिकायत यहां के ग्राम प्रधान प्रशांत साना ने मुख्यमंत्री व सिंचाई मंत्री को पत्र भेजकर की है। उन्होंने भेजे पत्र में आरोप लगाया कि अभियंताओं व ठेकेदारों ने इसलिए जल्द कार्य शुरू नहीं किए ताकि बाढ़ के समय जल्दबाजी में कार्य शुरू कराया जाए और वह नदी की भेंट चढ़ जाए। लाजिमी है कि जब बाढ़ नियंत्रण कार्य ही पानी में बह जाएंगे तो जांच किसकी होगी? यह खेल पिछले कई सालों से खेला जा रहा है। ऐसा भी नहीं कि इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को न हो, लेकिन वे भी मौका मिलते ही मामले को सुलटा देते हैं।
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वर्जन-
रमनगरा बुझिया में प्रथम चरण में पांच कटर बनाने को एसी बैग से प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। उसके ऊपर रेत भरे जियो बैग की मदद से कटर की मुख्य बाडी बनाई जाएगी। कार्य पूरी गुणवत्ता से कराए जा रहे हैं।
ध्रुव नारायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
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