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सीएमएस बोल रहीं हैं झूठ

Fri, 22 Feb 2019 07:22 PM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Fri, 22 Feb 2019 07:22 PM IST
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सीएमएस बोल रहीं हैं झूठ
पीलीभीत। निलंबित डिस्ट्रिक हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर (डीएचईओ) धीरेंद्र सिंह को आवास आवंटित करने के मामले में महिला अस्पताल की सीएमएस का दावा झूठा निकला है। आवास सीएमओ के स्तर से नहीं, बल्कि खुद उनके द्वारा ही आवंटित किया गया था। सवाल ये है कि मामला उजागर होने के बाद आखिर उन्होंने झूठ बोलते हुए जिम्मेदारी सीएमओ पर क्यों टाल दी? स्वास्थ्य विभाग में डीएचईओ के पद पर तैनात धीरेंद्र सिंह ने पीलीभीत से 2015 में रामपुर तबादला होने के बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं किया। इसको लेकर कई बार उनको निर्देश भी दिए। इसका पालन नहीं करने पर अनुशासनहीनता के आरोप में 2016 में धीरेंद्र सिंह को निलंबित कर एडी मुरादाबाद कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। यहां पर भी उन्होंने ज्वाइनिंग नहीं की। इसका संज्ञान लेकर एडी मुरादाबाद डॉ. ज्ञान सिंह ने धीरेंद्र सिंह का वेतन रोकने और पीलीभीत का सरकारी आवास खाली कराने के साथ ही सरकारी गाड़ी वापस लेने का आदेश किया। विशेष सचिव मानवेंद्र सिंह ने भी परिवार कल्याण के महानिदेशक को पत्र लिखकर आवास और सरकारी वाहन आवंटित करने वाले अधिकारी का जवाब तलब कर कार्रवाई को लिखा, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पिछले दिनों एक बार फिर मामला सुर्खियों में आने पर सीएमओ और सीएमएम एक दूसरे पर आवास खाली करने की जिम्मेदारी डालते दिखे। इधर, अभिलेखों में जांच पड़ताल में सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया का झूठ सामने आ गया। आवास उनके स्तर से ही आवंटित किया जाना दर्शाया गया है।
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आवास महिला सीएमएस ने आवंटित किया है। इसलिए उनके स्तर से सरकार आवास खाली कराया जाएगा। इस प्रकरण को लेकर शासन स्तर भी पत्राचार चल रहा है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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