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धुरिया पलिया के किसानों को तबाह कर रही शारदा
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:28 PM IST
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धुरिया पलिया के किसानों को तबाह कर रही शारदा
24 घंटे में चार किसानों की पांच एकड़ कृषि भूमि मय फसल शारदा में समाई
अब तक 75 एकड़ कृषि भूमि का कर चुकी कटान
पूर्व विधायक के साथ डीएम से मिले किसान, बताई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा का जल स्तर कम होने के बाद भी धुरिया पलिया गांव के लोगों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंद गति से नदी का कटान जारी है। गांव निवासी चार किसानों की पांच एकड़ भूमि मय लहलहाती फसल के लीलने के बाद नदी गांव लगातार गांव की आबादी की ओर बढ़ रही है। बाढ़ खंड और प्रशासन द्वारा यहां किसी तरह का कोई बचाव कार्य न कराए जाने के चलते ग्रामीण भविष्य को लेकर चिंतित हैं। पीड़ित कई किसानों ने सोमवार मुख्यालय पहुंच पूर्व विधायक पीतमराम के साथ डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंप बचाव कार्य कराने की मांग की। डीएम ने ग्रामीणों को बाढ़ खंड के अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
पिछले एक पखवाड़े से शारदा रमनगरा बुझिया और धुरिया पलिया क्षेत्र में भू-कटान कर रही है। पिछले कई दिनों से शारदा धुरिया पलिया क्षेत्र में तबाही मचा रही है। बीते 24 घंटे में गांव निवासी रघुवीर सिंह की डेढ़ एकड़, महेंद्र सिंह की एक एकड़, हरनेक सिंह की डेढ़ एकड़ व राम कुमार राय की एक एकड़ कृषि भूमि मय गन्ना व धान की लहलहाती फसल के साथ कृषि भूमि नदी में समा गई इसी के यहां किसानों की नदी में कटान के चलते समाने वाली कृषि भूमि का रकबा बढ़कर 75 एकड़ तक पहुंच गया है। नदी यहां कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान की जानकारी पर प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि धुरिया पलिया का दौरा भी कर रहे हैं, लेकिन कटान रोकने को कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जिससे किसानों में रोष है। सोमवार को धुरिया पलिया के एक दर्जन पीड़ित किसानों का प्रतिनिधि मंडल पूर्व विधायक पीतमराम के साथ जिलाधिकारी डा. अखिलेश मिश्र के पास पहुंचा और ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जिलाधिकारी को कटान की स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि गत वर्ष बाढ़ खंड ने टाटरगंज से लेकर डेढ़ किलोमीटर तक जियों ट्यूब लगाकर बांध बनाया था। जिसके कारण नदी का रुख बाएं किनारों की ओर ना जाकर दाएं किनारे की ओर आने से धुरिया पलिया क्षेत्र में नदी कटान कर रही है। किसानों ने बताया नदी अब तक 100 एकड़ कृषि भूमि का कटान कर चुकी है। हालांकि राजस्व विभाग यहां 75 एकड़ कृषि भूमि कटने की बात कह रहा है। जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि बाढ़ खंड के अधिकारियों को बुलाकर इस संबंध में बात की जाएगी। जिसके बाद धुरिया पलिया में बचाव कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे। जिससे किसानों की कृषि भूमि बच सके। डीएम से मिलने वालों में ग्राम प्रधान सत्यनरायण सिंह, हरेंद्र सिंह, बसंत सिंह, बाबा सिंह, बलविंदर सिंह व निर्मल सिंह सहित लगभग एक दर्जन से अधिक किसान मौजूद रहे।
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रमनगरा बुझिया में नदी का कटान जारी
शारदा नदी का जलस्तर सोमवार को कम हो गया। जिसके चलते नदी के कटान में भी कमी आ गई है। नदी की धार पत्थर की बनी ठोकरों से टकराकर भूकटान कर रही है। नदी लगातार कटान करते हुए आबादी की ओर आगे बढ़ रही हैं। यहां बाढ़ खंड बचाव कार्य के नाम पर बैंबों कटर लगवा रहा है। रविवार से अभियंता के निर्देश पर ठेकेदारों ने यहां बल्ली पायलिंग करा कटान को रोकने का कार्य शुरु किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड द्वारा जो कार्य कराया जा रहा हैं वह केवल दिखावा है। ठेकेदार सड़ी गली बल्लिया लगवाकर बचाव कर रहे है। अधिकारियों की इस ओर नजर नहीं जा रहीं हैं। अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने दावा किया कि रमनगरा बुझिया में कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं।
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धुरिया पलिया के किसानों को तबाह कर रही शारदा
24 घंटे में चार किसानों की पांच एकड़ कृषि भूमि मय फसल शारदा में समाई
अब तक 75 एकड़ कृषि भूमि का कर चुकी कटान
पूर्व विधायक के साथ डीएम से मिले किसान, बताई समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा का जल स्तर कम होने के बाद भी धुरिया पलिया गांव के लोगों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंद गति से नदी का कटान जारी है। गांव निवासी चार किसानों की पांच एकड़ भूमि मय लहलहाती फसल के लीलने के बाद नदी गांव लगातार गांव की आबादी की ओर बढ़ रही है। बाढ़ खंड और प्रशासन द्वारा यहां किसी तरह का कोई बचाव कार्य न कराए जाने के चलते ग्रामीण भविष्य को लेकर चिंतित हैं। पीड़ित कई किसानों ने सोमवार मुख्यालय पहुंच पूर्व विधायक पीतमराम के साथ डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंप बचाव कार्य कराने की मांग की। डीएम ने ग्रामीणों को बाढ़ खंड के अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
पिछले एक पखवाड़े से शारदा रमनगरा बुझिया और धुरिया पलिया क्षेत्र में भू-कटान कर रही है। पिछले कई दिनों से शारदा धुरिया पलिया क्षेत्र में तबाही मचा रही है। बीते 24 घंटे में गांव निवासी रघुवीर सिंह की डेढ़ एकड़, महेंद्र सिंह की एक एकड़, हरनेक सिंह की डेढ़ एकड़ व राम कुमार राय की एक एकड़ कृषि भूमि मय गन्ना व धान की लहलहाती फसल के साथ कृषि भूमि नदी में समा गई इसी के यहां किसानों की नदी में कटान के चलते समाने वाली कृषि भूमि का रकबा बढ़कर 75 एकड़ तक पहुंच गया है। नदी यहां कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान की जानकारी पर प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि धुरिया पलिया का दौरा भी कर रहे हैं, लेकिन कटान रोकने को कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जिससे किसानों में रोष है। सोमवार को धुरिया पलिया के एक दर्जन पीड़ित किसानों का प्रतिनिधि मंडल पूर्व विधायक पीतमराम के साथ जिलाधिकारी डा. अखिलेश मिश्र के पास पहुंचा और ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जिलाधिकारी को कटान की स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि गत वर्ष बाढ़ खंड ने टाटरगंज से लेकर डेढ़ किलोमीटर तक जियों ट्यूब लगाकर बांध बनाया था। जिसके कारण नदी का रुख बाएं किनारों की ओर ना जाकर दाएं किनारे की ओर आने से धुरिया पलिया क्षेत्र में नदी कटान कर रही है। किसानों ने बताया नदी अब तक 100 एकड़ कृषि भूमि का कटान कर चुकी है। हालांकि राजस्व विभाग यहां 75 एकड़ कृषि भूमि कटने की बात कह रहा है। जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि बाढ़ खंड के अधिकारियों को बुलाकर इस संबंध में बात की जाएगी। जिसके बाद धुरिया पलिया में बचाव कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे। जिससे किसानों की कृषि भूमि बच सके। डीएम से मिलने वालों में ग्राम प्रधान सत्यनरायण सिंह, हरेंद्र सिंह, बसंत सिंह, बाबा सिंह, बलविंदर सिंह व निर्मल सिंह सहित लगभग एक दर्जन से अधिक किसान मौजूद रहे।
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रमनगरा बुझिया में नदी का कटान जारी
शारदा नदी का जलस्तर सोमवार को कम हो गया। जिसके चलते नदी के कटान में भी कमी आ गई है। नदी की धार पत्थर की बनी ठोकरों से टकराकर भूकटान कर रही है। नदी लगातार कटान करते हुए आबादी की ओर आगे बढ़ रही हैं। यहां बाढ़ खंड बचाव कार्य के नाम पर बैंबों कटर लगवा रहा है। रविवार से अभियंता के निर्देश पर ठेकेदारों ने यहां बल्ली पायलिंग करा कटान को रोकने का कार्य शुरु किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड द्वारा जो कार्य कराया जा रहा हैं वह केवल दिखावा है। ठेकेदार सड़ी गली बल्लिया लगवाकर बचाव कर रहे है। अधिकारियों की इस ओर नजर नहीं जा रहीं हैं। अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने दावा किया कि रमनगरा बुझिया में कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं।
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