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बाढ़ से निपटने को 33 चौकियां स्थापित
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पीलीभीत। जिला प्रशासन ने जिले में बाढ़ से निपटने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार कर ली गई है, वही गांवों में बाढ़ चौकियों के साथ-साथ अधिकारियों को भी इन क्षेत्रों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इस बार बाढ़ से निपटने के लिए जिले में कुल 33 बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं। इसके साथ ही विभाग ने पशुपालन और स्वास्थ्य समेत अन्य विभागों को भी सक्रिय किया है।
बता दें कि शारदा और देवहा नदी जिले की सीमा से गुजरती हैं। जहां इंडो नेपाल सीमा पर शारदा तो ड्यूनी डैम की सीमा पर देवहा नदी हर साल जिले में तबाही मचाती है। वहीं शहर से नदी से सटे इलाके में जल निकासी व्यवस्था ठीक न होने से जिले में बारिश के बाद बाढ़ के आसार बनने लगते है। जिले में बाढ़ की स्थिति की बात करें तो वर्ष 2008 में शहर में बाढ़ के ऐसे हालात बने कि जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। ट्रेन, बस समेत सभी सेवाएं बंद हो गईं थी। जेसीबी मशीन की मदद से पीलीभीत बरेली हाईवे को काटा गया था। जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया गया था। इधर इस बार भी मौसम विभाग ने जिले में अच्छी बारिश के संकेत दिए है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने अभी से जिले में बाढ़ से निपटने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। इसमें प्रशासन ने जिले की सभी तहसीलों में जहां बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर ली है। जिसके चलते जिले में बाढ़ से निपटने के लिए सभी कुल 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई है। इनमें सदर में आठ, बीसलपुर में नौ, अमरिया में छह, पूरनपुर में छह और कलीनगर में चार चौकियां बनाई गई हैं।
इन्हें दी गई देखरेख की जिम्मेदारी
जिले में स्थापित की गई चौकियां की मदद से बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राजस्व विभाग के अलावा स्वास्थ्य विभाग, पशु पालन विभाग, खाद्य विभाग, जल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा 53 नावों व नाविकों की भी व्यवस्था की गई है, जो जलस्तर बढ़ने पर गांवों में राहत कार्य के साथ संपर्क बनाए रखने में सहायक होगी। जिन्हें प्रशासन की ओर से विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों का स्टाक रखने के निर्देश
बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टीकाकरण व बाढ़ के बाद फैलने वाले रोगों से निपटने की तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ उन्होंने प्रत्येक तहसील में बारिश के दौरान होने वाली बीमारियों की दवाओं के स्टाक के भी निर्देश दिए है।
जिले में 108 गांव अलर्ट पर
बाढ़ नियंत्रण के लिए इस बार जिला प्रशासन ने सर्वे के बाद जिले के 108 गांवों को बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची में शामिल किया है। इसमें सदर क्षेत्र के सिमरिया तारचंद, कुकरीखेड़ा, रायपुर अमरिया तहसील क्षेत्र के जगत व उड़ना, बीसलपुर तहसील क्षेत्र के भौरुआ, बहादुरपुर कुकनी, पूरनपुर क्षेत्र के नहरोसा व राणा प्रताप नगर, कलीनगर क्षेत्र के मार्जिनल बांध से सटे नगरिया खर्द कला, नौजल्हा समेत नदी के किराने बसे गांवों को बाढ़ सूची में डालने के साथ इन गांव में अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
जिले में बाढ़ से निपटनेे के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इसमें जिले में कुल 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई है।
- अतुल कुमार, एडीएम
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बता दें कि शारदा और देवहा नदी जिले की सीमा से गुजरती हैं। जहां इंडो नेपाल सीमा पर शारदा तो ड्यूनी डैम की सीमा पर देवहा नदी हर साल जिले में तबाही मचाती है। वहीं शहर से नदी से सटे इलाके में जल निकासी व्यवस्था ठीक न होने से जिले में बारिश के बाद बाढ़ के आसार बनने लगते है। जिले में बाढ़ की स्थिति की बात करें तो वर्ष 2008 में शहर में बाढ़ के ऐसे हालात बने कि जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। ट्रेन, बस समेत सभी सेवाएं बंद हो गईं थी। जेसीबी मशीन की मदद से पीलीभीत बरेली हाईवे को काटा गया था। जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया गया था। इधर इस बार भी मौसम विभाग ने जिले में अच्छी बारिश के संकेत दिए है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने अभी से जिले में बाढ़ से निपटने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। इसमें प्रशासन ने जिले की सभी तहसीलों में जहां बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर ली है। जिसके चलते जिले में बाढ़ से निपटने के लिए सभी कुल 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई है। इनमें सदर में आठ, बीसलपुर में नौ, अमरिया में छह, पूरनपुर में छह और कलीनगर में चार चौकियां बनाई गई हैं।
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इन्हें दी गई देखरेख की जिम्मेदारी
जिले में स्थापित की गई चौकियां की मदद से बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राजस्व विभाग के अलावा स्वास्थ्य विभाग, पशु पालन विभाग, खाद्य विभाग, जल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा 53 नावों व नाविकों की भी व्यवस्था की गई है, जो जलस्तर बढ़ने पर गांवों में राहत कार्य के साथ संपर्क बनाए रखने में सहायक होगी। जिन्हें प्रशासन की ओर से विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों का स्टाक रखने के निर्देश
बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टीकाकरण व बाढ़ के बाद फैलने वाले रोगों से निपटने की तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ उन्होंने प्रत्येक तहसील में बारिश के दौरान होने वाली बीमारियों की दवाओं के स्टाक के भी निर्देश दिए है।
जिले में 108 गांव अलर्ट पर
बाढ़ नियंत्रण के लिए इस बार जिला प्रशासन ने सर्वे के बाद जिले के 108 गांवों को बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची में शामिल किया है। इसमें सदर क्षेत्र के सिमरिया तारचंद, कुकरीखेड़ा, रायपुर अमरिया तहसील क्षेत्र के जगत व उड़ना, बीसलपुर तहसील क्षेत्र के भौरुआ, बहादुरपुर कुकनी, पूरनपुर क्षेत्र के नहरोसा व राणा प्रताप नगर, कलीनगर क्षेत्र के मार्जिनल बांध से सटे नगरिया खर्द कला, नौजल्हा समेत नदी के किराने बसे गांवों को बाढ़ सूची में डालने के साथ इन गांव में अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
जिले में बाढ़ से निपटनेे के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इसमें जिले में कुल 33 बाढ़ चौकियां बनाई गई है।
- अतुल कुमार, एडीएम