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घर के बाहर पेड़ पर भालू को चढ़ा देख महिला के होश उड़े

Fri, 12 Jul 2019 02:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2019 02:11 AM IST
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घर के बाहर जामुन के पेड़ पर भालू क़ो चढ़े देख महिला के होश उड़े
माधोटांडा (पीलीभीत)। जंगल से दूर आबादी क्षेत्र के निकट हिंसक वन्यजीवों की चहलकदमी थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार शाम पांच बजे जंगल से बाहर निकला भालू सिंचाई विभाग की कॉलोनी में पहुंच गया। वहां एक महिला गुड़िया के उस समय होश उड़ गए जब उसने अपने घर के बाहर जामुन के पेड़ पर उसे बैठे देखा। महिला के शोर मचाने पर एकत्र हुए कॉलोनी के लोगों ने लाठी डंडे फटकार कर भालू को जंगल की ओर खदेड़ा।
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माधोटांडा क्षेत्र के अंतर्गत बाइफरकेशन कॉलोनी के एक ओर बराही और दूसरी ओर महोफ रेंज का जंगल है। नहरों के संचालन के लिए सिंचाई विभाग ने वर्ष 1926 में यह कॉलोनी विकसित की थी। जंगल क्षेत्र होने के चलते अक्सर बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए लाखों रुपये खर्च कर कॉलोनी की बाउंड्रीवाल बनवाई गई, लेकिन घटिया निर्माण के चलते वह लंबे समय तक नहीं टिक सकी। इधर, गुरुवार शाम पांच बचे सिंचाई कर्मचारी नारायण के घर उनकी बहू गुड़िया रसोई में बर्तन धो रहीं थीं। तभी उनकी नजर घर के बाहर जामुन के पेड़ पर बैठे भालू पर पड़ी तो उनके पसीने छूट गए। गुड़िया के शोर मचाने पर पड़ोस के गंगाराम, विजय आदि कई लोग एकत्र हो गए। इन लोगों ने शोर-शराबा कर और लाठी डंडे फटकार कर भालू को जंगल की ओर खदेड़ दिया। वन दरोगा सुरेश पाल ने बताया कि वन्यजीवों की चहलकदमी पर पूरी नजर रखी जाती है। इसके लिए स्थानीय वनकर्मियों को भी निर्देशित किया गया है। कॉलोनी के लोगों को भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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नहरों की सुरक्षा को लेकर हम लोग रात विरात आते-जाते रहते हैं। कॉलोनी की सीमा खुली होने के चलते अकसर हिंसक वन्यजीवों की दस्तक रहती है। कालोनी की सीमा पर बाउंड्री कराने की कई बार मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
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- गंगाराम

अक्सर जंगल से निकलकर बाघ, तेंदुए कॉलोनी में आ जाता है। इसको लेकर विभागीय अफसरों समेत वन विभाग को भी अवगत कराया जाता है। रात में घरों से बाहर निकला मुश्किल हो जाता है। कॉलोनी की सीमा को सुरक्षित रखने के लिए बाउंड्रीवॉल जरूरी है।
- शाहिद
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