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अब शारदा सागर खंड को सनेड़ी तटबंध बचाने की आई याद
Updated Fri, 01 Sep 2017 06:35 PM IST
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माधोटांडा/पीलीभीत। पूरे बरसात कुंभकर्णी नींद सोने वाले शारदा सागर खंड को भी अब अपने शारदा पर बने सनेड़ी तटबंध बचाने की याद आई है। अभियंताओं ने शारदा नदी किनारे बोरों में रेत भरकर कटर बनाने का कार्य शुरू किया है।
शारदा नदी पर बना सनेड़ी तटबंध बाढ़ के दौरान भू-कटान रोकने में बेहद कारगर है। इस तटबंध पर भू-कटान रोकने को दर्जनों पत्थर की ठोकरें बनी हैं। शारदा ने गत वर्ष दो ठोकरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। माना जा रहा था कि बरसात बाद इन ठोकरों को मजबूती से बनाया जाएगा, लेकिन पूरे वर्ष शारदा सागर के अभियंताओं ने कोई कार्य नहीं कराया। जब बरसात का सीजन शुरू हुआ तो मात्र दोनों स्परों के आगे नोज पर हौचपौच में रेत भरे बोरे लगा दिए गए। जिनका अधिकांश भाग नदी की भेंट चढ़ गया। वहीं पूरे साल अभियंता बजट न होने का बहाना बनाकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। इधर अब जब बरसात का कार्यकाल लगभग समाप्त होने को है। ऐसे में अब शारदा खंड की कुंभकर्णी नींद खुली है। अभियंताओं ने नलडेंगा में बोरों में रेत भरकर अब कटर बनाने का कार्य शुरू कराया है। बताते हैं कि यह कार्य अभियंता व ठेकेदार की गैर मौजूदगी में ही शुरू कराया गया है। ऐसे में मजदूर भी बोरों में कम मात्रा में रेत भरकर उनको बेतरतीब ढंग से लगाने में जुटे हैं। मात्र कटर के ऊपरी भाग को सहीं से बनाकर यह दर्शाया जा रहा हैं कि कटर सहीं बने हैं। बरसात के अंतिम दिनों में कटर बनाए जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर बाढ़ खंड ने जलस्तर में गिरावट आने के बाद स्पर संख्या छह पर कराए जा रहे मरम्मत कार्य को फिलहाल रोक दिया है।
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शारदा नदी पर बना सनेड़ी तटबंध बाढ़ के दौरान भू-कटान रोकने में बेहद कारगर है। इस तटबंध पर भू-कटान रोकने को दर्जनों पत्थर की ठोकरें बनी हैं। शारदा ने गत वर्ष दो ठोकरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। माना जा रहा था कि बरसात बाद इन ठोकरों को मजबूती से बनाया जाएगा, लेकिन पूरे वर्ष शारदा सागर के अभियंताओं ने कोई कार्य नहीं कराया। जब बरसात का सीजन शुरू हुआ तो मात्र दोनों स्परों के आगे नोज पर हौचपौच में रेत भरे बोरे लगा दिए गए। जिनका अधिकांश भाग नदी की भेंट चढ़ गया। वहीं पूरे साल अभियंता बजट न होने का बहाना बनाकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। इधर अब जब बरसात का कार्यकाल लगभग समाप्त होने को है। ऐसे में अब शारदा खंड की कुंभकर्णी नींद खुली है। अभियंताओं ने नलडेंगा में बोरों में रेत भरकर अब कटर बनाने का कार्य शुरू कराया है। बताते हैं कि यह कार्य अभियंता व ठेकेदार की गैर मौजूदगी में ही शुरू कराया गया है। ऐसे में मजदूर भी बोरों में कम मात्रा में रेत भरकर उनको बेतरतीब ढंग से लगाने में जुटे हैं। मात्र कटर के ऊपरी भाग को सहीं से बनाकर यह दर्शाया जा रहा हैं कि कटर सहीं बने हैं। बरसात के अंतिम दिनों में कटर बनाए जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर बाढ़ खंड ने जलस्तर में गिरावट आने के बाद स्पर संख्या छह पर कराए जा रहे मरम्मत कार्य को फिलहाल रोक दिया है।
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