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किसानों को अब मांगना नहीं, छीनना होगा अपना हक: वीएम
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किसानों को अब छीनना होगा अपना हक: वीएम
किसान मजदूर पार्टी के मुखिया ने की प्रेसवार्ता
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। किसान मजदूर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक वीएम सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने अगर किसानों के साथ वादा खिलाफी की तो 2019 के चुनाव में जनता उसका बदला वोट की ताकत से ले लेगी। किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम फसल का चाहिए। संसद में बिल पास हो। रेट तय हो ताकि अगली पीढ़ी का रास्ता साफ हो।
रविवार शाम को नगर में पत्रकारों से वार्ता में किसान नेता ने सबसे पहले दिल्ली में पिछले दिनों हुए कार्यक्रम में किसानों की भागीदारी पर आभार व्यक्त किया। फिर कहा कि एकता में ताकत होती है। किसानों को हक को छीनने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी चार लाख करोड़ रुपये कर्ज माफ करने की बात कह रहे हैं। किसानों का कर्ज तो इससे कहीं काफी कम है। सभी माफ होना चाहिए। मोदी ने डेढ़ गुना फसल का दाम देने का वादा किया। किसान को फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य चाहिए। दूध के रेट भी सही हो। इसे संसद में पास कराने की जरूरत है। ताकि किसान की अगली पीढ़ी का रास्ता साफ हो। नई पीढ़ी किसानी में मन लगाए। अगर वादा खिलाफी हुई तब इसकी तस्वीर 2019 के चुनाव में साफ देखने को मिलेगी। गन्ना मूल्य पर ब्याज पर उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी 21 महीने बाद इसका निस्तारण नहीं हुआ है। गन्ना मूल्य और गन्ना मूल्य पर ब्याज का मामला तो हाईकोर्ट से निपट जाएगा। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
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किसान मजदूर पार्टी के मुखिया ने की प्रेसवार्ता
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। किसान मजदूर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक वीएम सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने अगर किसानों के साथ वादा खिलाफी की तो 2019 के चुनाव में जनता उसका बदला वोट की ताकत से ले लेगी। किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम फसल का चाहिए। संसद में बिल पास हो। रेट तय हो ताकि अगली पीढ़ी का रास्ता साफ हो।
रविवार शाम को नगर में पत्रकारों से वार्ता में किसान नेता ने सबसे पहले दिल्ली में पिछले दिनों हुए कार्यक्रम में किसानों की भागीदारी पर आभार व्यक्त किया। फिर कहा कि एकता में ताकत होती है। किसानों को हक को छीनने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी चार लाख करोड़ रुपये कर्ज माफ करने की बात कह रहे हैं। किसानों का कर्ज तो इससे कहीं काफी कम है। सभी माफ होना चाहिए। मोदी ने डेढ़ गुना फसल का दाम देने का वादा किया। किसान को फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य चाहिए। दूध के रेट भी सही हो। इसे संसद में पास कराने की जरूरत है। ताकि किसान की अगली पीढ़ी का रास्ता साफ हो। नई पीढ़ी किसानी में मन लगाए। अगर वादा खिलाफी हुई तब इसकी तस्वीर 2019 के चुनाव में साफ देखने को मिलेगी। गन्ना मूल्य पर ब्याज पर उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी 21 महीने बाद इसका निस्तारण नहीं हुआ है। गन्ना मूल्य और गन्ना मूल्य पर ब्याज का मामला तो हाईकोर्ट से निपट जाएगा। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
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