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फार्म हाउस के पास दिखा बाघ, दहशत
Updated Tue, 17 Oct 2017 11:59 PM IST
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पीलीभीत/जराकोठी।
जिले में बाघ की चहलकदमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। गढ़ा क्षेत्र के ग्राम दमगढ़ी स्थित नरेंद्र सिंह के खेत में पानी लगा रहे मजदूर शंकर ने सोमवार रात में खेत की मेढ़ पर बाघ देखा। सूचना पर वन विभाग और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सुबह लोगों ने बाघ के पदचिह्न भी देखे। बाघ के जंगल से बाहर आने से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को अलर्ट किया है।
दमगढ़ी गांव में सोमवार रात करीब 11 बजे मजदूर शंकर खेत में पानी लगा रहा था। उसने बताया कि उसकी नज़र पड़ी तो एक बाघ जाता दिखाई दिया। उसने इसकी सूचना फार्मर और अन्य लोगों को दी। इस पर कई लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर सुबह वन विभाग की ओर से बीट प्रभारी रूपलाल वर्मा ने मौके पर पहुंच कर बाघ के पदचिह्न देख बाघ की चहलकदमी की पुष्टि की। उधर, अमरिया क्षेत्र के ड्यूनी डाम के पास खैर के जंगल के समीप बाघ के पदचिह्न वन विभाग की टीम को दिखे हैं, लेकिन उस क्षेत्र में लगाए गए कैमरे में बाघ की लोकेशन वन कर्मियों को नहीं मिली है। निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने बताया कि अमरिया एवं बाघ प्रभावित क्षेत्रों में गठित टीम के जरिए निरंतर निगरानी की जा रही है, जिससे कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है।
वन विभाग की टीम ने ग्राम नावकूड, सुस्वार, अंडरायन, जगदीशपुर, हिमकरपुर, भिखारीपुर, नगरिया कालोनी एवं देवहा नदी के किनारे व अन्य प्रभावित ग्रामों में भी गश्त की। ग्रामीणों को मीटिंग कर एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक किया गया और बाघ से बचाव के लिए पंफलेट ग्रामीणों में वितरित किए गए। बाघ की बढ़ती चहलकदमी को देखते हुए किसानों को अकेले गन्ने के खेतों की ओर जाने से मना किया गया है।
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जिले में बाघ की चहलकदमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। गढ़ा क्षेत्र के ग्राम दमगढ़ी स्थित नरेंद्र सिंह के खेत में पानी लगा रहे मजदूर शंकर ने सोमवार रात में खेत की मेढ़ पर बाघ देखा। सूचना पर वन विभाग और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सुबह लोगों ने बाघ के पदचिह्न भी देखे। बाघ के जंगल से बाहर आने से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को अलर्ट किया है।
दमगढ़ी गांव में सोमवार रात करीब 11 बजे मजदूर शंकर खेत में पानी लगा रहा था। उसने बताया कि उसकी नज़र पड़ी तो एक बाघ जाता दिखाई दिया। उसने इसकी सूचना फार्मर और अन्य लोगों को दी। इस पर कई लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर सुबह वन विभाग की ओर से बीट प्रभारी रूपलाल वर्मा ने मौके पर पहुंच कर बाघ के पदचिह्न देख बाघ की चहलकदमी की पुष्टि की। उधर, अमरिया क्षेत्र के ड्यूनी डाम के पास खैर के जंगल के समीप बाघ के पदचिह्न वन विभाग की टीम को दिखे हैं, लेकिन उस क्षेत्र में लगाए गए कैमरे में बाघ की लोकेशन वन कर्मियों को नहीं मिली है। निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने बताया कि अमरिया एवं बाघ प्रभावित क्षेत्रों में गठित टीम के जरिए निरंतर निगरानी की जा रही है, जिससे कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है।
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वन विभाग की टीम ने ग्राम नावकूड, सुस्वार, अंडरायन, जगदीशपुर, हिमकरपुर, भिखारीपुर, नगरिया कालोनी एवं देवहा नदी के किनारे व अन्य प्रभावित ग्रामों में भी गश्त की। ग्रामीणों को मीटिंग कर एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक किया गया और बाघ से बचाव के लिए पंफलेट ग्रामीणों में वितरित किए गए। बाघ की बढ़ती चहलकदमी को देखते हुए किसानों को अकेले गन्ने के खेतों की ओर जाने से मना किया गया है।
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