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पीलीभीत-मैलानी ब्राडगेज: सात महीने में सिर्फ दस फीसदी काम हुआ

Mon, 14 Jan 2019 11:24 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:24 PM IST
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पीलीभीत-मैलानी ब्राडगेज: सात महीने में सिर्फ दस फीसदी काम हुआ
पीलीभीत। मई 2018 में मेगा ब्लाक के बाद एक जून से पीलीभीत-मैलानी रूट पर शुरू हुए आमान परिवर्तन कार्य की बेहद धीमी से ब्राडगेज की राह आसान नहीं दिख रही है। करीब 101 किमी लंबे इस रेल मार्ग पर सात माह में सिर्फ दस फीसदी कार्य हो सका है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यदायी संस्था उक्त रूट पर स्लीपर डालने का काम भी पूरा नहीं कर पाई है।
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पीलीभीत-मैलानी रूट पर 30 मई को मेगा ब्लाक लेने के बाद मीटरगेज ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। जून से आमान परिवर्तन कार्य की शुरूआत काफी जोरशोर से शुरू की गई, लेकिन समय के साथ कार्य की गति तेज होने के बजाए धीमी पड़ती चली गई। रेलवे सूत्रों के मानें तो कार्यदायी संस्था आरवीएनएल की हीला हवाली के चलते इस रूट पर अभी तक मात्र दस फीसदी ही कार्य हो सका। बताते हैं कि कार्य की शुरूआत में ही माला, शाहगढ़, पूरनपुर, सेहरामऊ आदि रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन भवन बनाने का कार्य काफी तेज गति से हुआ, लेकिन रेलवे ट्रैक से जुड़े कोई भी कार्य शुरू नहीं किए गए।
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दिलचस्पी नहीं ले रही कार्यदायी संस्था
कार्यदायी संस्था के लोग भी इस ट्रैक को तय अवधि पर पूरा करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। दरअसल इसी संस्था पर लखनऊ-सीतापुर रेल खंड को ब्राडगेज में बदलने का काम है। शासन स्तर से भी वहां काम जल्द पूरा करने का दबाव था। लिहाजा संस्था ने यहां का काम छोड़कर पहले वहां का काम पूरा किया। होना तो यह चाहिए था कि संस्था को मैनपॉवर बढ़ाकर दोनों जगह काम कराना चाहिए था ताकि इधर का काम भी प्रभावित नहीं होता।
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चंद रोडवेज बसों के सहारे हैं इस रूट के लोग
पीलीभीत-मैलानी रेलखंड पर मेगा ब्लाक के इस रूट पर
सफर करने वाले पूरी तरह से रोडवेज के भरोसे थे। परिवहन निगम की ओर से भी बसों के संचालन को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए। इसको लेकर निगम द्वारा रेलवे स्टेशन समेत प्रमुख चौराहों पर समय सारणी भी चस्पा करवा दी गई, लेकिन ब्लाक के कुछ ही दिनों बाद रोडवेज बस सेवा नाकाफी साबित हुई और अफसर भी परवाह रहे। खास बात यह है कि ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद यात्रियों को छह गुना अधिक किराया खर्च करने के बाद भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस रूट पर चलने वाले अधिकांश यात्री डग्गामार वाहनों के सहारे सफर करने को मजबूर है।


पीलीभीत-शाहजहांपुर रूट पर 40 फीसदी कार्य हुआ
उधर, पीलीभीत-शाहजहांपुर रूट पर भी 30 मई को मेगा ब्लाक के साथ मीटरगेज ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया। इस रूट पर 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जिस गति से काम हो रहा है, उससे अक्तूबर के अंत तक ट्रेनें चलने के कयास लगाए जा रहे हैं। करीब 84 किमी लंबे इस रूट पर पुल और पुलियों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। रेलवे प्रशासन की कोशिश है कि पहले बीसलपुर तक काम पूरा करके ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाए।
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