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ये कैसा स्कूल चलो अभियान: न नामांकन न पढ़ाई
Updated Wed, 11 Apr 2018 07:40 PM IST
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ये कैसा स्कूल चलो अभियान! नामांकन न पढ़ाई
मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कार्यक्रम की भी अनदेखी
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्कूल चलो अभियान की रोजाना समीक्षा करने वाले हैं, परिषदीय स्कूलों में उसी अभियान को पलीता लगाया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र के दसवें दिन बुधवार को अधिकांश स्कूलों में न तो पढ़ाई होती मिली और न ही बच्चे का नामांकन। यह स्थिति उस बेसिक शिक्षा विभाग की है, जिस पर हर साल 300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट फूंका जाता है। अमर उजाला टीम ने बुधवार को कुछ परिषदीय स्कूलों की पड़ताल की तो कुछ ऐसी ही तस्वीरें नजर आई।
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सीन-1
न बना मिड डे मील और न हुआ कोई नामांकन
समय: 10.30 बजे
11 पीबीटीपी 1
शहर से सटे प्राथमिक विद्यालय कोहना में जब अमर उजाला टीम पहुंची तो अधिकांश बच्चे खेलते कूदते मिले। प्रधानाध्यापिका शिल्पी मिश्रा स्टाफ के साथ खड़ी हुई थीं। रसोइयों के न आने के चलते मिड डे मील भी नहीं बनाया गया। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बुधवार को स्कूल में 30 बच्चे तो आए, लेकिन कोई नया नामांकन नहीं हुआ।
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सीन-2
बच्चों को नहीं सिखा पाए खाने का कायदा
समय: 10.40 बजे
11 पीबीटीपी 2
प्राथमिक विद्यालय सैदपुर में प्रधानाध्यापक शमशुल हसन नदारद मिले। यहां प्रधानाध्यापक समेत सात शिक्षक शिक्षिकाओं का स्टाफ है। बुधवार को जब यहां टीम पहुंची तो बच्चे एक सीलन भरे कमरे में बिना टाट पट्टी व जूते चप्पल पहने मध्याह्न भोजन करते मिले। शिक्षिका मंजरी ने बताया कि बुधवार को 18 बच्चे आए, कोई नया नामांकन नहीं किया गया। प्रधानाध्यापक विद्यालय में हुई चोरी की तहरीर देने गए हैं।
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सीन-3
कोई नामांकन नहीं हुआ
समय: 10.50 बजे
11 पीबीटीपी 3
प्राथमिक विद्यालय औरेया नंबर एक में कुछ बच्चे पढ़ते मिले तो कुछ फील्ड में गपशप करते पाए गए। यहां इंचार्ज पूनम लूथरा व दो शिक्षामित्र समेत चार शिक्षिकाएं तैनात है। पूनम लूथरा ने बताया कि बुधवार को कोई नामांकन नहीं हुआ। बाउंड्रीवॉल विहीन इस विद्यालय में धुएं के गुबार के बीच रसोइया मिड डे मील बनाती मिली। इंचार्ज ने बताया कि गैस सिलेंडर खत्म हो गया है।
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सीन-4
खेलकूद में बीत गया दिन
समय: 11.05 बजे
11 पीबीटीपी 4
प्राथमिक विद्यालय भमौरा में भी बच्चे मौजमस्ती करते मिले। टीम जब स्कूल में दाखिल हुई तो मौजूद शिक्षामित्र ने आनन फानन बच्चों को क्लास के भीतर भेजना शुरू कर दिया। यहां इंचार्ज मनीषा के अलावा दो शिक्षामित्र रोजी शर्मा व अनीता कुमारी तैनात है। इंचार्ज मनीषा ने बताया कि 48 बच्चों के सापेक्ष 18 बच्चे आए, लेकिन कोई नामांकन नहीं हुआ।
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वर्जन:
परिषदीय विद्यालयों में दो अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षकों को शत प्रतिशत बच्चों का नामांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी डेली रिपोर्ट भी मांगी गई है। यदि कहीं कोई लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
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ये कैसा स्कूल चलो अभियान! नामांकन न पढ़ाई
मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कार्यक्रम की भी अनदेखी
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्कूल चलो अभियान की रोजाना समीक्षा करने वाले हैं, परिषदीय स्कूलों में उसी अभियान को पलीता लगाया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र के दसवें दिन बुधवार को अधिकांश स्कूलों में न तो पढ़ाई होती मिली और न ही बच्चे का नामांकन। यह स्थिति उस बेसिक शिक्षा विभाग की है, जिस पर हर साल 300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट फूंका जाता है। अमर उजाला टीम ने बुधवार को कुछ परिषदीय स्कूलों की पड़ताल की तो कुछ ऐसी ही तस्वीरें नजर आई।
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सीन-1
न बना मिड डे मील और न हुआ कोई नामांकन
समय: 10.30 बजे
11 पीबीटीपी 1
शहर से सटे प्राथमिक विद्यालय कोहना में जब अमर उजाला टीम पहुंची तो अधिकांश बच्चे खेलते कूदते मिले। प्रधानाध्यापिका शिल्पी मिश्रा स्टाफ के साथ खड़ी हुई थीं। रसोइयों के न आने के चलते मिड डे मील भी नहीं बनाया गया। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बुधवार को स्कूल में 30 बच्चे तो आए, लेकिन कोई नया नामांकन नहीं हुआ।
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सीन-2
बच्चों को नहीं सिखा पाए खाने का कायदा
समय: 10.40 बजे
11 पीबीटीपी 2
प्राथमिक विद्यालय सैदपुर में प्रधानाध्यापक शमशुल हसन नदारद मिले। यहां प्रधानाध्यापक समेत सात शिक्षक शिक्षिकाओं का स्टाफ है। बुधवार को जब यहां टीम पहुंची तो बच्चे एक सीलन भरे कमरे में बिना टाट पट्टी व जूते चप्पल पहने मध्याह्न भोजन करते मिले। शिक्षिका मंजरी ने बताया कि बुधवार को 18 बच्चे आए, कोई नया नामांकन नहीं किया गया। प्रधानाध्यापक विद्यालय में हुई चोरी की तहरीर देने गए हैं।
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सीन-3
कोई नामांकन नहीं हुआ
समय: 10.50 बजे
11 पीबीटीपी 3
प्राथमिक विद्यालय औरेया नंबर एक में कुछ बच्चे पढ़ते मिले तो कुछ फील्ड में गपशप करते पाए गए। यहां इंचार्ज पूनम लूथरा व दो शिक्षामित्र समेत चार शिक्षिकाएं तैनात है। पूनम लूथरा ने बताया कि बुधवार को कोई नामांकन नहीं हुआ। बाउंड्रीवॉल विहीन इस विद्यालय में धुएं के गुबार के बीच रसोइया मिड डे मील बनाती मिली। इंचार्ज ने बताया कि गैस सिलेंडर खत्म हो गया है।
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सीन-4
खेलकूद में बीत गया दिन
समय: 11.05 बजे
11 पीबीटीपी 4
प्राथमिक विद्यालय भमौरा में भी बच्चे मौजमस्ती करते मिले। टीम जब स्कूल में दाखिल हुई तो मौजूद शिक्षामित्र ने आनन फानन बच्चों को क्लास के भीतर भेजना शुरू कर दिया। यहां इंचार्ज मनीषा के अलावा दो शिक्षामित्र रोजी शर्मा व अनीता कुमारी तैनात है। इंचार्ज मनीषा ने बताया कि 48 बच्चों के सापेक्ष 18 बच्चे आए, लेकिन कोई नामांकन नहीं हुआ।
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वर्जन:
परिषदीय विद्यालयों में दो अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षकों को शत प्रतिशत बच्चों का नामांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी डेली रिपोर्ट भी मांगी गई है। यदि कहीं कोई लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए