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विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का अब पूरा ब्यौरा होगा फीड
Updated Wed, 30 Aug 2017 05:34 PM IST
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पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का पूरा ब्यौरा फीड किया जाएगा। अभी तक शासन द्वारा इन बच्चों की केवल संख्या ही मांगी जाती थी। इधर अब राज्य परियोजना निदेशक वेदपति मिश्र ने बच्चों को पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इन बच्चों में किस प्रकार की विकलांगता है और उन्हें क्या सुविधा दी जाए, इसकी जानकारी शासन को हो सकेगी।
शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा हर साल हाउस होल्ड सर्वे कराया जाता है। इसमें तीन से 14 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले, दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया जाता है। इधर चालू सत्र में भी हाउस होल्ड सर्वे कराया गया। जिसमें 3013 दिव्यांग बच्चे चिंहित किए गए। इन बच्चों की शिक्षा दीक्षा को विभाग द्वारा विभिन्न परिषदीय स्कूलों में 22 इटीनरेंट टीचर्स को लगाया गया है। प्राय: देखा गया है कि सर्वे के बावजूद विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे स्कूलों तक नहीं पहुंच रहे हैं। इधर राज्य परियोजना निदेशक वेदपति मिश्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले भर के विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का संख्या के स्थान पर पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मसलन उनका नाम, पिता, विकलांगता का प्रकार आदि की जानकारी मांगी गई। शासन की मंशा है कि पूरा ब्यौरा उपलब्ध से उनकी पहचान के साथ-साथ उनमें किस तरह की विकलांगता है और उन्हें क्या सुविधा (उपकरण) उपलब्ध कराया जाए ताकि शत प्रतिशत विशिष्टि आवश्यकता वाले बच्चे स्कूलों तक पहुंच सके। इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक राकेश पटेल ने बताया कि दो दिन लखनऊ में हुई बैठक में राज्य परियोजना निदेशक द्वारा विशिष्ट बच्चों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक शासन स्तर पर मात्र बच्चों की संख्या ही भेजी जाती थी। अभी तक ब्लाक स्तर पर मेजरमेंट कैंप आदि लगाकर इन बच्चों का परीक्षण किया जाता था और उन्हें उपकरण उपलब्ध कराए जाते थे।
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वर्ष विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की संख्या
2013-14 3538
2014-15 3470
2015-16 3273
2016-17 3168
2017-18 3013
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शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा हर साल हाउस होल्ड सर्वे कराया जाता है। इसमें तीन से 14 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले, दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया जाता है। इधर चालू सत्र में भी हाउस होल्ड सर्वे कराया गया। जिसमें 3013 दिव्यांग बच्चे चिंहित किए गए। इन बच्चों की शिक्षा दीक्षा को विभाग द्वारा विभिन्न परिषदीय स्कूलों में 22 इटीनरेंट टीचर्स को लगाया गया है। प्राय: देखा गया है कि सर्वे के बावजूद विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे स्कूलों तक नहीं पहुंच रहे हैं। इधर राज्य परियोजना निदेशक वेदपति मिश्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले भर के विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का संख्या के स्थान पर पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मसलन उनका नाम, पिता, विकलांगता का प्रकार आदि की जानकारी मांगी गई। शासन की मंशा है कि पूरा ब्यौरा उपलब्ध से उनकी पहचान के साथ-साथ उनमें किस तरह की विकलांगता है और उन्हें क्या सुविधा (उपकरण) उपलब्ध कराया जाए ताकि शत प्रतिशत विशिष्टि आवश्यकता वाले बच्चे स्कूलों तक पहुंच सके। इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक राकेश पटेल ने बताया कि दो दिन लखनऊ में हुई बैठक में राज्य परियोजना निदेशक द्वारा विशिष्ट बच्चों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक शासन स्तर पर मात्र बच्चों की संख्या ही भेजी जाती थी। अभी तक ब्लाक स्तर पर मेजरमेंट कैंप आदि लगाकर इन बच्चों का परीक्षण किया जाता था और उन्हें उपकरण उपलब्ध कराए जाते थे।
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वर्ष विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की संख्या
2013-14 3538
2014-15 3470
2015-16 3273
2016-17 3168
2017-18 3013