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भूड़ा कैमोर और बिरहनी में मिले बाघ के पगचिन्ह
Updated Tue, 08 May 2018 12:48 AM IST
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भूड़ा कैमोर और बिरहनी में मिले बाघ के पगचिह्न
सात किलोमीटर के दायरे में हैं दोनों गांव, दहशत का माहौल
07 पीबीटीपी 10
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया। तहसील क्षेत्र में गन्ने के खेतों के आसपास डेरा जमाए बैठे बाघों ने सोमवार को एक बार फिर अपनी मौजूूदगी का अहसास कराया। सात किलोमीटर की दूरी के बीच दो अलग -अलग स्थानों पर बाघ के पगचिह्न मिले। जिसके बाद से गांव के लोगों में दहशत बनी हुई है। इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे वनकर्मियों ने ग्रामीणों को अकेले खेत पर न जाने की सलाह देते हुए सुरक्षा को लेकर अलर्ट किया है। उधर, ग्रामीण समस्या के स्थायी समाधान की मांग अफसरों से कर रहे हैं।
पिछले काफी समय से अमरिया क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी का सिलसिला बना हुआ है। इसको लेकर वन विभाग की टीमें निगरानी को लगाई गई हैं, लेकिन बाघ की समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है। सोमवार को भूड़ा कैमोर गांव में ड्यूनी डैम के पास नरेंद्र सिंह के गन्ने के खेत में बाघ के पगचिह्न मिले। इसके अलावा करीब सात किलोमीटर की दूरी पर बिरहनी गांव में बलदेव सिंह के खेत की तरफ जा रहे चकरोड पर मिले पगचिह्न ने बाघ की मौजूदगी का अहसास कराया। वन विभाग की निगरानी टीम के महेंद्र पाल और चेतन कुमार ने मौके पर जाकर जांच की। जिसमें पगचिह्न बाघ के होने पर ग्रामीणों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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सात किलोमीटर के दायरे में हैं दोनों गांव, दहशत का माहौल
07 पीबीटीपी 10
अमर उजाला ब्यूरो
अमरिया। तहसील क्षेत्र में गन्ने के खेतों के आसपास डेरा जमाए बैठे बाघों ने सोमवार को एक बार फिर अपनी मौजूूदगी का अहसास कराया। सात किलोमीटर की दूरी के बीच दो अलग -अलग स्थानों पर बाघ के पगचिह्न मिले। जिसके बाद से गांव के लोगों में दहशत बनी हुई है। इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे वनकर्मियों ने ग्रामीणों को अकेले खेत पर न जाने की सलाह देते हुए सुरक्षा को लेकर अलर्ट किया है। उधर, ग्रामीण समस्या के स्थायी समाधान की मांग अफसरों से कर रहे हैं।
पिछले काफी समय से अमरिया क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी का सिलसिला बना हुआ है। इसको लेकर वन विभाग की टीमें निगरानी को लगाई गई हैं, लेकिन बाघ की समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है। सोमवार को भूड़ा कैमोर गांव में ड्यूनी डैम के पास नरेंद्र सिंह के गन्ने के खेत में बाघ के पगचिह्न मिले। इसके अलावा करीब सात किलोमीटर की दूरी पर बिरहनी गांव में बलदेव सिंह के खेत की तरफ जा रहे चकरोड पर मिले पगचिह्न ने बाघ की मौजूदगी का अहसास कराया। वन विभाग की निगरानी टीम के महेंद्र पाल और चेतन कुमार ने मौके पर जाकर जांच की। जिसमें पगचिह्न बाघ के होने पर ग्रामीणों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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