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Pilibhit News: नौ किसानों की साढ़े 10 एकड़ गन्ने की फसल नदी में समाई
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पूरनपुर। खिरकिया बरगदिया में सोमवार को भी भूकटान जारी रहा। नौ किसानों की साढ़े 10 एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई। कटान पीडि़तों ने सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन देकर दो साल में हुए कटान का मुआवजा दिलवाने और कर्ज वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इसी दौरान तहसीलदार ने कटान की स्थिति को देखा।
रविवार को नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी उफना गई थी। गांव चंदिया हजारा के समीप खेतों में जलभराव हो गया था। सोमवार को सुबह नदी का जलस्तर कम होने पर खेतों में जमा अधिकांश पानी नदी में चले जाने से किसानों ने राहत की सांस ली।
इधर, गांव खिरकिया बरगदिया के समीप पिछले कई दिनों से हो रहा भूकटान सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को गांव निवासी अलमीर सिंह की ढ़ाई एकड़, शीबू, लक्खा सिंह, कृष्णा, जसवीर, ज्ञानी अजीत सिंह, काबुल सिंह, कुलदीप सिंह की आधा-आधा एकड़ जबकि गांव के श्याम सुंदर, भागीरथ की ढ़ाई-ढाई एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई।
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सोमवार को गांव खिरकिया बरगदिया, ढक्काचांट के कटान पीडि़तों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि दो साल में गांव खिरकिया बरगदिया, ढक्काचांट के 45 किसानों की जमीन फसल सहित शारदा नदी में समा चुकी है। इस बार अब तक 20 किसानों की जमीन नदी में समा चुकी है।
नदी तेजी से कटान कर रही है। मगर अब तक न तो सर्वे किया गया और न ही किसी किसान को मुआवजा मिला है। ऐसे में आवश्यक है कि सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा और जमीन के बदले जमीन दिलाई जाए। साथ ही कटान पीड़ितों से वसूली पर भी रोक लगे। एसडीएम ने शीघ्र ही सर्वे कराने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन देने वालों में प्रधान के पति लल्लन प्रसाद, विवेक सिंह चौहान, शिवशंकर, सुरेंद्र, अलवीर, राजकुमार, सलीम, हरीशंकर, भागीरथी, महेंद्र, शम्मू, रघुनाथ आदि किसान शामिल रहे।
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रविवार को नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी उफना गई थी। गांव चंदिया हजारा के समीप खेतों में जलभराव हो गया था। सोमवार को सुबह नदी का जलस्तर कम होने पर खेतों में जमा अधिकांश पानी नदी में चले जाने से किसानों ने राहत की सांस ली।
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इधर, गांव खिरकिया बरगदिया के समीप पिछले कई दिनों से हो रहा भूकटान सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को गांव निवासी अलमीर सिंह की ढ़ाई एकड़, शीबू, लक्खा सिंह, कृष्णा, जसवीर, ज्ञानी अजीत सिंह, काबुल सिंह, कुलदीप सिंह की आधा-आधा एकड़ जबकि गांव के श्याम सुंदर, भागीरथ की ढ़ाई-ढाई एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई।
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सोमवार को गांव खिरकिया बरगदिया, ढक्काचांट के कटान पीडि़तों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि दो साल में गांव खिरकिया बरगदिया, ढक्काचांट के 45 किसानों की जमीन फसल सहित शारदा नदी में समा चुकी है। इस बार अब तक 20 किसानों की जमीन नदी में समा चुकी है।
नदी तेजी से कटान कर रही है। मगर अब तक न तो सर्वे किया गया और न ही किसी किसान को मुआवजा मिला है। ऐसे में आवश्यक है कि सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा और जमीन के बदले जमीन दिलाई जाए। साथ ही कटान पीड़ितों से वसूली पर भी रोक लगे। एसडीएम ने शीघ्र ही सर्वे कराने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन देने वालों में प्रधान के पति लल्लन प्रसाद, विवेक सिंह चौहान, शिवशंकर, सुरेंद्र, अलवीर, राजकुमार, सलीम, हरीशंकर, भागीरथी, महेंद्र, शम्मू, रघुनाथ आदि किसान शामिल रहे।