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अब गुलाबी पर्ची पर बुक होगी तत्काल टिकट
इलाहाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Apr 2013 11:19 AM IST
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तत्काल टिकटों के गोरखधंधे को रोकने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने भी गुलाबी पर्ची का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। नए आवेदन पत्र में कई ऐसी शर्तें हैं जिनका पालन न करने पर आरक्षण लिपिक और यात्री दोनों फंस सकते हैं।
तत्काल टिकट की बिक्री में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। सभी जोन जालसाजी रोकने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। इलाहाबाद, कानपुर समेत अन्य स्टेशनों से लगातार बढ़ती शिकायतों के बढ़ने पर एनसीआर ने उत्तर रेलवे से गुलाबी मांग-पत्र मंगाकर इसे योजना को लागू कर दिया।
नए फार्म से तत्काल टिकट बुकिंग कराने वाले एक पर्ची में अधिकतम चार यात्रियों का नाम ही शामिल कर सकते हैं। पांच साल से कम आयु के बच्चों के टिकट नहीं बनते लेकिन इसमें उनके नाम, आयु और लिंग भी दिखाने होंगे।
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इसके साथ ही आरक्षण लिपिक को प्रत्येक मांग पत्र में मांग-पत्र की क्रम संख्या, पीएनआर नंबर, शायिका संख्या और वसूल की गई राशि दर्ज करनी होगी।
रेलवे ने मांग-पत्र में साफ चेतावनी दी है कि अधूरे भरे फार्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यात्रा के पहले यह पता चलने पर कि यात्री का पता, फोन नंबर या मोबाइल नंबर फर्जी है तो तत्काल टिकट रद किया जा सकता है।
यात्रा के दौरान टिकट की जांच में इसका खुलासा होने पर अगले स्टेशन पर उतारने के साथ यात्री से जुर्माना भी वसूला जा सकता है या जेल भेजा जा सकता है। दलाल या अनधिकृत एजेंट से फर्जी नाम, पता और संपर्क नंबर पर खरीदे गए तत्काल टिकट वालों को भी यात्रा के दौरान जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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तत्काल टिकट की बिक्री में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। सभी जोन जालसाजी रोकने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। इलाहाबाद, कानपुर समेत अन्य स्टेशनों से लगातार बढ़ती शिकायतों के बढ़ने पर एनसीआर ने उत्तर रेलवे से गुलाबी मांग-पत्र मंगाकर इसे योजना को लागू कर दिया।
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नए फार्म से तत्काल टिकट बुकिंग कराने वाले एक पर्ची में अधिकतम चार यात्रियों का नाम ही शामिल कर सकते हैं। पांच साल से कम आयु के बच्चों के टिकट नहीं बनते लेकिन इसमें उनके नाम, आयु और लिंग भी दिखाने होंगे।
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इसके साथ ही आरक्षण लिपिक को प्रत्येक मांग पत्र में मांग-पत्र की क्रम संख्या, पीएनआर नंबर, शायिका संख्या और वसूल की गई राशि दर्ज करनी होगी।
रेलवे ने मांग-पत्र में साफ चेतावनी दी है कि अधूरे भरे फार्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यात्रा के पहले यह पता चलने पर कि यात्री का पता, फोन नंबर या मोबाइल नंबर फर्जी है तो तत्काल टिकट रद किया जा सकता है।
यात्रा के दौरान टिकट की जांच में इसका खुलासा होने पर अगले स्टेशन पर उतारने के साथ यात्री से जुर्माना भी वसूला जा सकता है या जेल भेजा जा सकता है। दलाल या अनधिकृत एजेंट से फर्जी नाम, पता और संपर्क नंबर पर खरीदे गए तत्काल टिकट वालों को भी यात्रा के दौरान जुर्माना भरना पड़ सकता है।