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आपकी सावधानी रोकेगी डेंगू की मनमानी

Sat, 28 Sep 2013 12:38 AM IST
अमर उजाला, नोएडा
अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 28 Sep 2013 12:38 AM IST
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Your care will prevent dengue arbitrary

नोएडा में एक ओर जहां डेंगू महामारी का रूप लेता जा रहा है और इससे निजात पाने के लिए लोग स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन टकटकी लगाए हैं।

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वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू के डंक से लोगों को स्वयं सुरक्षा के लिए आगे आना होगा। लोगों की थोड़ी सी सावधानी डेंगू की मनमानी को रोक देगी।

साफ पानी में जन्म लेने वाले एडीज मच्छर को पनपने से पहले ही रोककर बीमारी पर लगाम लगाया जा सकता है।

फोर्टिस अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि, घर के आसपास पार्क, गमले, कूलर में जमा पानी को साफ कर इस बीमारी को जन्म लेने से ही रोक दें।

इसमें जरा सी भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। जमा हुए पानी पर केरोसिन आयल डालकर भी एडीज को पनपने से रोका जा सकता है।

डॉ. अजय के अनुसार डेंगू से बचने के लिए मच्छरदानी और मच्छर मार दवाइयों का उपयोग करना चाहिए।

डीएफ और डीएचएफ दो तरह के होते हैं डेंगू
डेंगू बुखार का वायरस डीएफ (डेंगू फीवर) और डीएचएफ (डेंगू हेमरेजिक फीवर) दो तरह का होता है। जिसमें डीएफ होने पर साधारण बुखार, बदनदर्द होता है और यह एक सप्ताह से दस दिन में ठीक हो जाता है।
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वहीं, डीएचएफ वायरस में तेज बुखार, उल्टी, तेज बदनदर्द, जोड़ों का दर्द होता है। वहीं, इसमें प्लेटलेट्स दस हजार से कम मात्रा होने पर शॉक सिंड्रोम होता है। जिसमें खून की उल्टी आदि होने के साथ मरीज की जान भी जा सकती है।
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प्लेटलेट्स घटने पर न घबराएं
कैलाश अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एके शुक्ला ने बताया कि, आम बुखार और वायरल में मरीज की प्लेटलेट्स काउंट 50 हजार तक पहुंच जाती है।

आम तौर पर यह स्वस्थ मनुष्य में डेढ़ लाख से साढ़े चार लाख प्रति यूनिट तक होती है। डेंगू होने और प्लेटलेट्स कम होने पर भी दवाइयों और प्लेटलेट्स चढ़ने से आसानी से मरीज ठीक हो जाते हैं।

दर्द निवारक दवाओं से करें तौबा
डॉ. अजय ने बताया कि बुखार, वायरल के मरीजों को बदन दर्द या जोड़ों का दर्द होने पर दर्द निवारक दवाएं नहीं लेनी चाहिए। ऐसे में केवल पैरासिटामॉल टेबलेट खानी चाहिए।


बुखार तेज होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। ऐसे में झोलाछाप डॉक्टर के पास जाना आपको बड़ी मुश्किल में डाल सकता है।

दिन में ही काटता है एडिज
विशेषज्ञों के अनुसार एडीज मच्छर केवल तीन मीटर तक उड़ सकता है। हालांकि, ऊंची इमारतों में गमलों में इकट्ठा पानी से भी यह पनप जाते हैं।

वहीं, जीने के माध्यम से भी कई बार किसी वाहक के साथ ऊपरी तलों पर पहुंच जाते हैं और घरों में जाकर छुप जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एडीज मच्छर केवल दिन में ही काटता है।

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