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नोएडा में नए साल से मिलने लगेगा गंगाजल
अरविंद सिंह/नोएडा
Updated Sat, 05 Oct 2013 01:02 AM IST
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नोएडा वासियों को एक जनवरी से मीठा पानी पिलाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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नोएडा में सप्लाई के लिए नेटवर्क को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जबकि जल निगम प्रताप विहार स्थित प्लांट को तैयार कर रहा है।
शहर में 80 क्यूसेक (192 एमएलडी) गंगाजल परियोजना की नींव 27 फरवरी 2009 को रखी गई थी। बीच में कुछ समय के लिए काम बंद रहा।
इस परियोजना में सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश जल निगम और नोएडा प्राधिकरण मिलकर काम कर रहे हैं। इसका पूरा खर्च प्राधिकरण उठा रहा है।
सिंचाई विभाग गंग नहर से प्रताप विहार स्थित प्लांट को पानी देगा। जल निगम उसे शोधित करने के बाद नोएडा को सप्लाई करेगा।
प्राधिकरण ने इसके लिए पूरा नेटवर्क तैयार कर लेने का दावा किया है। पाइप लाइन, अपर व भूमिगत जलाशय भी तैयार हो चुके हैं।
31 दिसंबर तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक जनवरी से घरों तक पानी पहुंचाने की योजना है।
हालांकि दो से तीन महीने तक इसका परीक्षण चलेगा। इस दौरान आने वाली खामियों को दूर किया जाएगा। इस परियोजना पर प्राधिकरण करीब 425 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
अंतिम बाधा बरकरार
गंगाजल की राह में एक अड़चन अभी बाकी है। लाल कुआं के पास रेलवे लाइन के नीचे गंगाजल की पाइप लाइन डाली जानी है, जिसके लिए रेलवे से अनुमति का इंतजार है।
प्रताप विहार स्थित गंगाजल प्लांट के एक्सईएन आरके अग्रवाल का कहना है कि रेलवे से शीघ्र अनुमति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने भी एक जनवरी से सप्लाई शुरू करने की उम्मीद जताई है।
अभी मिल रहा 48 एमएलडी
इस समय नोएडा में करीब 225 एमलडी पानी की सप्लाई की जा रही है, जिसमें 48 एमएलडी गंगाजल भी शामिल है। हालांकि नोएडा का पानी इतना खारा है कि इतने गंगाजल से पानी की गुणवत्ता पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
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नोएडावासी पीने के लिए बोतलबंद व आरओ के पानी पर ही निर्भर हैं। 192 एमएलडी पानी मिल जाने के बाद गंगाजल की मात्रा 240 एमएलडी हो जाएगी, जिससे प्राधिकरण अगले कुछ वर्षों तक नोएडावासियों को शत-प्रतिशत गंगाजल देने की स्थिति में आ जाएगा।
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