किसान की बेटी बनी बैंक ऑफिसर, दिल्ली के कॉलेज से की पढ़ाई
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दनकौर ब्लाक के अस्तौली निवासी एक युवती का बैंक में नियुक्ति होने से वह आसपास की लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। छात्रा को बैंक अफसर बनने के बाद गांव और आसपास के गांवों की करीब 20 से अधिक लड़कियों ने अफसर बनने की ठान रखी है।
इसमें परिजन भी उनको सहयोग दे रहे हैं। उधर, बैंक अफसर बनने के बाद भी युवती गांव की लड़कियों को गाइड कर प्रेरित कर रही है। अस्तौली गांव में राकेश भाटी किसान हैं और दूध बेचने का काम भी काम करते हैं।
उनकी बेटी वंशिका भाटी पढ़ने में काफी तेज है और बचपन से ही कुछ करना चाहती थी। मगर, दनकौर और आसपास में उसे शिक्षा के लिए पर्याप्त माहौल नहीं मिला। इसके चलते ग्रेजुएशन के दौरान उसकी बुआ अनीता उसे अपने घर ले गई और वहीं पर पढ़ाया।
दिल्ली के हंसराज कॉलेज से की पढ़ाई
दिल्ली के आत्माराम कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसकी तीन सहेलियों का सरकारी नौकरी में सैलेक्शन हो गया। यह बात उसने अपने पिता और दादा लायक राम को बताई।
इसके बाद वंशिका को उसके दादा ने पढ़ने के लिए प्रेरित किया और तैयारी करते समय भी हौसलाअफजाई करते रहे। वंशिका ने बीकॉम के साथ ही बैंक पीओ की परीक्षा दी और अपने गांव लौट आई।
इसके बाद एम.कॉम हंसराज कॉलेज से किया। पिछले दिनों उसका रिजल्ट आया और उसका चुनाव पीओ के लिए हो गया।
बुलंदशहर में कर रही है काम
अब वंशिका की बुलंदशहर के जहांगीराबाद के कैनरा बैंक में नियुक्ति हो चुकी है। वंशिका के बैंक में अफसर बनने पर उनके गांव और आसपास के गांव की कई लड़कियां उससे प्रेरित हुईं।
वंशिका इन सभी को उनके घर पर मिलती हैं और समय-समय पर परीक्षा के लिए टिप्स बताती हैं। वंशिका का कहना है कि गांव की लड़कियों को आगे लाने के लिए उनका सहयोग करती हैं।
उनकी समस्याओं के साथ-साथ उनके कैरियर के लिए भी काउंसिलिंग करती रहती हैं।