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ड्रेनेज सिस्टम का तैयार होगा नया मास्टर प्लान
Noida
Updated Fri, 13 Sep 2013 05:35 AM IST
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नोएडा। सफाई के परंपरागत तरीके को छोड़कर मशीनरी केजरिए शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए प्राधिकरण ने पहल की है। गंदगी दूर करने और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए बड़े स्तर पर नया मास्टर प्लान तैयार हो रहा है। मुख्य बदलाव यह भी होगा कि शहर में यदि सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंका गया तो जुर्माने भी वसूला जाएगा। पूरी व्यवस्था बदलने में प्राधिकरण को डेढ़ से दो साल तक का वक्त लगेगा।
दो दिन पहले प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें मुख्य रूप से पांच बिंदुओं पर चर्चा हुई। पहला कदम सड़कों को साफ करने पर उठाया जाएगा। अभी तक मैनुअल तरीके से सफाई की जा रही है। अब दो मशीनें लगाई जाएंगी। अगले महीने से यह काम शुरू हो जाएगा।
शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने को कहा गया है। दरअसल, यहां का ड्रेनेज सिस्टम शहर को बसाने के साथ ही तैयार किया गया था। उसके बाद अंडरपास, फ्लाईओवर, फुटओवर ब्रिज सहित निर्माण कार्य हुए। नालियों और नालों का लेवल गड़बड़ हो गया है। बरसात में पानी की निकासी नहीं हो पा रही। चेयरमैन ने इसका बृहद प्लान तैयार करने को कहा है। इसके लिए कंसलटेंट नियुक्त होगा, जो न सिर्फ मौजूदा जरूरत को बल्कि नोएडा के मास्टर प्लान के हिसाब से भविष्य के लोड को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार करेगा। चेयरमैन ने कहा कि कूड़ाघरों को तीन तरफ से बंद दीवार बनाकर गेट लगा दिया जाए। गेट पीछे की तरफ हो, जिससे कि सड़क से गुजरने वालों को कूड़ा न दिखे। इसकी डिजाइन भी कंसलटेंट से तैयार करवाई जाएगी। शहर में डस्टबिन की संख्या और बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
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नोएडा शहर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था, परिवहन, फ्लाईओवर, अंडरपास, मेट्रो समेत आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। मगर सफाई व्यवस्था पुरानी वाली ही चल रही है। इसमें सुधार की जरूरत है। जरूरत पड़ी तो सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुर्माने का भी प्रावधान किया जा सकता है।
-रमा रमण
सीईओ व चेयरमैन, नोएडा प्राधिकरण
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दो दिन पहले प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें मुख्य रूप से पांच बिंदुओं पर चर्चा हुई। पहला कदम सड़कों को साफ करने पर उठाया जाएगा। अभी तक मैनुअल तरीके से सफाई की जा रही है। अब दो मशीनें लगाई जाएंगी। अगले महीने से यह काम शुरू हो जाएगा।
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शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने को कहा गया है। दरअसल, यहां का ड्रेनेज सिस्टम शहर को बसाने के साथ ही तैयार किया गया था। उसके बाद अंडरपास, फ्लाईओवर, फुटओवर ब्रिज सहित निर्माण कार्य हुए। नालियों और नालों का लेवल गड़बड़ हो गया है। बरसात में पानी की निकासी नहीं हो पा रही। चेयरमैन ने इसका बृहद प्लान तैयार करने को कहा है। इसके लिए कंसलटेंट नियुक्त होगा, जो न सिर्फ मौजूदा जरूरत को बल्कि नोएडा के मास्टर प्लान के हिसाब से भविष्य के लोड को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार करेगा। चेयरमैन ने कहा कि कूड़ाघरों को तीन तरफ से बंद दीवार बनाकर गेट लगा दिया जाए। गेट पीछे की तरफ हो, जिससे कि सड़क से गुजरने वालों को कूड़ा न दिखे। इसकी डिजाइन भी कंसलटेंट से तैयार करवाई जाएगी। शहर में डस्टबिन की संख्या और बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
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नोएडा शहर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था, परिवहन, फ्लाईओवर, अंडरपास, मेट्रो समेत आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। मगर सफाई व्यवस्था पुरानी वाली ही चल रही है। इसमें सुधार की जरूरत है। जरूरत पड़ी तो सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुर्माने का भी प्रावधान किया जा सकता है।
-रमा रमण
सीईओ व चेयरमैन, नोएडा प्राधिकरण