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किसानों का मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन
Noida
Updated Sat, 29 Jun 2013 05:30 AM IST
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नोएडा। यमुना प्राधिकरण के अधीन गांवों के किसानों ने शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीसीईओ को सौंपा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान सुबह करीब 11 बजे प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और दोपहर दो बजे तक गेट पर धरना-प्रदर्शन करते रहे। यमुना के डीसीईओ सतीशचंद्र ने बातचीत करके ज्ञापन लिया, तब किसान वापस लौटे। किसान नोएडा व ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर 64.70 फीसदी बढ़ा हुआ मुआवजा देने, धारा नौ के बाद भी मुआवजा न उठाने वालों को वर्तमान दरों पर भुगतान करने, भट्टा-पारसौल के किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, अधिग्रहण के एवज में किसानों को दी जाने वाली दस फीसदी जमीन में से दो फीसदी व्यावसायिक व आठ फीसदी आवासीय भूखंड देने, भूमिहीनों को 120 मीटर भूखंड देने, जिन किसानों ने खेतों में अपनी आबादी बना ली है, उसे नियमित करने आदि मांगें शामिल हैं। धीरेंद्र का कहना है कि 27 मई को प्रदर्शन के दौरान दस दिन में मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। धरना-प्रदर्शन में अर्जुन प्रधान, मेघराज सिंह, कामरेड सगीर, किशनचंद, धर्मपाल चौधरी, चंद्रपाल सिंह, मांगे सिंह, निरंजन सिंह, तफसीर आलम, सरवर हुसैन आदि शामिल रहे।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान सुबह करीब 11 बजे प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और दोपहर दो बजे तक गेट पर धरना-प्रदर्शन करते रहे। यमुना के डीसीईओ सतीशचंद्र ने बातचीत करके ज्ञापन लिया, तब किसान वापस लौटे। किसान नोएडा व ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर 64.70 फीसदी बढ़ा हुआ मुआवजा देने, धारा नौ के बाद भी मुआवजा न उठाने वालों को वर्तमान दरों पर भुगतान करने, भट्टा-पारसौल के किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, अधिग्रहण के एवज में किसानों को दी जाने वाली दस फीसदी जमीन में से दो फीसदी व्यावसायिक व आठ फीसदी आवासीय भूखंड देने, भूमिहीनों को 120 मीटर भूखंड देने, जिन किसानों ने खेतों में अपनी आबादी बना ली है, उसे नियमित करने आदि मांगें शामिल हैं। धीरेंद्र का कहना है कि 27 मई को प्रदर्शन के दौरान दस दिन में मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। धरना-प्रदर्शन में अर्जुन प्रधान, मेघराज सिंह, कामरेड सगीर, किशनचंद, धर्मपाल चौधरी, चंद्रपाल सिंह, मांगे सिंह, निरंजन सिंह, तफसीर आलम, सरवर हुसैन आदि शामिल रहे।
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