{"_id":"3c52dff0-edd8-11e2-b9db-001e671f54a0","slug":"newly-married-man-died-in-train-accident","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी मेहंदी छूटी भी न थी, उजड़ गया सुहाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी मेहंदी छूटी भी न थी, उजड़ गया सुहाग
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 16 Jul 2013 11:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार दिन पहले ही हाथों में मेहंदी लगी, मांग सजी और नई जिंदगी की सपने संजोए ससुराल पहुंची युवती का सुहाग उजड़ गया।
विज्ञापन
काल के क्रूर हाथों ने सोमवार सुबह उसके पति की जिंदगी छीन ली। मलाक गांव में रेलवे ट्रैक पार करते समय चार दिन पहले दूल्हा बना रामनरेश ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवा बैठा।
गोसाईंगंज क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा सा पसर गया। जिस घर में एक दिन पहले तक खुशियां चहक रही थीं, अचानक उस घर पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा।
विज्ञापन
11 जुलाई को हुई थी शादी
निलमथा कैंट निवासी रामबहादुर यादव के बेटे रामनरेश (26) की 11 जुलाई को बंथरा निवासी राजकुमारी से शादी हुई थी। पूरे घर में खुशियों का माहौल था। भाई उदेश ने बताया कि सुबह रामनरेश किसी काम से बाहर निकला था।
विज्ञापन
कुछ देर बाद गांव वालों ने ट्रैक पर शव देखा। मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों को पहले तो यकीन ही नहीं हुआ। लेकिन जब घटना स्थल पर पहुंचे तो सन्न रह गए।
बेसुध हुई दुल्हन
रामनरेश की मौत की खबर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। घर के लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि नवविवाहिता राजकुमारी को कैसे बताया जाए कि, उसका दाम्पत्य जीवन शुरू होने से पहले ही उजड़ गया। पति के मौत की खबर मिलते राजकुमारी बेसुध हो गई।
बेटे की शादी का जश्न मना रहे बूढ़े मां-बाप के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। वे सिर्फ एक ही बात दोहरा रहे थे कि भगवान इतना क्रूर कैसे हो सकता है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे।