{"_id":"647063cc353447dfa0088cc3","slug":"new-political-on-sengol-akhilesh-yadav-comment-bjp-has-accepted-that-now-time-has-come-to-hand-over-power-2023-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेंगोल पर नई सियासी बहस: अखिलेश यादव की तीखी टिप्पणी, कहा- भाजपा ने मान लिया अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेंगोल पर नई सियासी बहस: अखिलेश यादव की तीखी टिप्पणी, कहा- भाजपा ने मान लिया अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है
Fri, 26 May 2023 01:22 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 26 May 2023 01:22 PM IST
सार
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट ने ट्वीट किया है कि सेंगोल सत्ता के हस्तांतरण (एक-हाथ से दूसरे हाथ में जाने) का प्रतीक है। लगता है भाजपा ने मान लिया है कि अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है।
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नए संसद के उद्घाटन पर तीखी टिप्पणी की है। सेंगोल पर अखिलेश यादव के बयान से नई सियासी बहस शुरू हो गई है।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट ने ट्वीट किया है कि सेंगोल सत्ता के हस्तांतरण (एक-हाथ से दूसरे हाथ में जाने) का प्रतीक है। लगता है भाजपा ने मान लिया है कि अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है। अखिलेश यादव ने सेंगोल का साल 2024 के लोकसभा चुनाव से खास कनेक्शन भी बताया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि अगले साल लोकसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन होगा।
इससे पहले, सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने नए संसद भवन में सेंगोल की स्थापना को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने सेंगोल को राजतंत्र का प्रतीक बताया। कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश हैं, ऐसे में सेंगोल का देश की संसद में क्या काम होगा।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि सेंगोल राजदंड, राजतंत्र का प्रतीक था। आज देश में लोकतंत्र है, लोकतंत्र में राजतंत्र के प्रतीक सेंगोल का क्या काम? सेंगोल के प्रति भाजपा सरकार की दीवानगी इस बात का प्रमाण है कि इसको लोकतंत्र में विश्वास नहीं है इसलिए भाजपा लोकतंत्र से हटकर राजतंत्र के रास्ते पर जा रही है जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
विज्ञापन
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट ने ट्वीट किया है कि सेंगोल सत्ता के हस्तांतरण (एक-हाथ से दूसरे हाथ में जाने) का प्रतीक है। लगता है भाजपा ने मान लिया है कि अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है। अखिलेश यादव ने सेंगोल का साल 2024 के लोकसभा चुनाव से खास कनेक्शन भी बताया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि अगले साल लोकसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन होगा।
विज्ञापन
सेंगोल सत्ता के हस्तांतरण (एक-हाथ से दूसरे हाथ में जाने) का प्रतीक है… लगता है भाजपा ने मान लिया है कि अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है। pic.twitter.com/wLPeIYvljC
विज्ञापन विज्ञापन— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 26, 2023
इससे पहले, सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने नए संसद भवन में सेंगोल की स्थापना को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने सेंगोल को राजतंत्र का प्रतीक बताया। कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश हैं, ऐसे में सेंगोल का देश की संसद में क्या काम होगा।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि सेंगोल राजदंड, राजतंत्र का प्रतीक था। आज देश में लोकतंत्र है, लोकतंत्र में राजतंत्र के प्रतीक सेंगोल का क्या काम? सेंगोल के प्रति भाजपा सरकार की दीवानगी इस बात का प्रमाण है कि इसको लोकतंत्र में विश्वास नहीं है इसलिए भाजपा लोकतंत्र से हटकर राजतंत्र के रास्ते पर जा रही है जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
सेंगोल राजदंड, राजतंत्र का प्रतीक था। आज देश में लोकतंत्र है, लोकतंत्र में राजतंत्र के प्रतीक सेंगोल का क्या काम? सेंगोल के प्रति भाजपा सरकार की दीवानगी इस बात का प्रमाण है कि इसको लोकतंत्र में विश्वास नहीं है इसलिए भाजपा लोकतंत्र से हटकर राजतंत्र के रास्ते पर जा रही है जो…
— Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) May 26, 2023