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इस कुंभ में जो अमृत-संदेश है!

Tue, 15 Jan 2013 01:19 AM IST
इलाहाबाद/मनोज श्रीवास्तव
इलाहाबाद/मनोज श्रीवास्तव Updated Tue, 15 Jan 2013 01:19 AM IST
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nectar in aquarius message

अद्भुत, अकल्पनीय, अवर्णनीय। पौ फटने के साथ संगम की रेती पर हर तरफ बस सिर ही सिर। इतनी भीड़। न कोई आह्वान, न घोषणा, न ही कोई प्रचार या पोस्टर। पंचांग के एक कोने में कुंभ या महाकुंभ लिखे होने के आधार मात्र पर इस जनसमुद्र का जुटना अचंभे में डालता है। आखिर कौन सी विद्युत तरंग मन को उद्वेलित कर देती है कि वह खिंचा सा चला आया। अस्मिता की पहचान, खुद से जुड़ने की लालसा या फिर आस्था?

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हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ तमाम अखाड़ों के साधू-संतों का जुलूस। गंगा के  दुग्धाभिषेक के साथ नागा साधुओं का छपाक-छपाक।  धूनी लपेटे साधुओं के अजब-गजब करतब। शाही स्नान का सिलसिला बढ़ता है जो दिन भर चलता है। यह बात अलग है कि गृहस्थों ने भोर से ही डुबकियां लगाना प्रारंभ कर दिया था। बलिया की सीता और सुरेश की शादी तीन महीने पहले हुई है। सिदुंर, बिंदी और महावर लगाकर आई सीता शरमाते हुए कहती हैं कि बड़े भाग से कुंभ स्नान का मौका मिला है। पटना से आई सुमित्रा देवी कह रहीं थीं कि ‘12 बजकर 2 मिनट पर नहान भवा हय। अब हम तव चैन से मरब। गंगा मइया हमका सरग देखइहें’।
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दुनिया के चांद पर जाने को तैयार इस दौर में मात्र गंगा में डुबकी मात्र से मोक्ष की आस पर इतरा भी सकते हैं, मुस्करा भी। पर इस सच से मुंह मोड़ नहीं सकते कि समाज का बड़ा हिस्सा इस आस्था से अनुप्राणित है कि मात्र कुंभ स्नान से वह मोक्ष के अधिकारी हो जाएंगे। इस जमावड़े में विदेशी भी शामिल हैं। महेशानंद गिरि के जुलूस में पखावज बजाते विदेशी भक्तों की भीड़ रोमांचित करती है। कैलीफोर्निया से आई पेंटर सेरेन तो अचंभित है।
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रात 11 बजे संगम किनारे मिलती हैं तो उछल पड़ती हैं। कहती हैं ‘इट्स स्ट्रेज, मेस्मराइजिंग एंड बियांड इमैजिनेशन।’ इस हिन्दू जनसमुद्र का फायदा लेने वालों की कमी नहीं। अखिलेश सरकार की उपलब्धियों का स्क्रीन प्ले हो रहा है तो साइको सेक्सोलाजिस्ट डा. वीके  कश्यप की होर्डिंग पर भी लोगों की नजर पड़ती है। सोनिया से लेकर मुलायम के आने की चर्चा है। शास्त्री पुल से नीचे देखें तो जहां तक नजर जाती है, रोशनी का इक नया शहर दिखता है। यह भीड़, आस्था कह रही है कि कुंभ से बेगाने रहकर देश से संवाद संभव नहीं। बेगानापन आपको अपने देश में अजनबी बना देगा।

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