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धरोहर के रूप में संरक्षित होंगे पौराणिक मठ-मंदिर

Sat, 06 Jun 2020 01:03 AM IST
विनोद सिंह धरोहर के रूप में संरक्षित होंगे पौराणिक मठ-मंदिर
धरोहर के रूप में संरक्षित होंगे पौराणिक मठ-मंदिर Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 06 Jun 2020 01:03 AM IST
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Mythological monasteries will be preserved as heritage
lockdown in prayagraj - फोटो : lockdown in prayagraj
प्रयागराज। संगमनगरी समेत आसपास के पौराणिक महत्व के मठ-मंदिरों को हेरिटेज केतौर पर संरक्षित करने की तैयारी है। ऐसे 40 से अधिक मठ-मंदिरों की सूची क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग ने सरकार को भेजी है। इनमें भरद्वाज आश्रम, सुजावनदेव के अलावा द्वादश माधव मंदिरों को भी शामिल किया गया है।  फिलहाल मूरतगंज के शेरगढ़ गांव में स्थित एक तालाब और शिव मंदिर समेत आठ तीर्थ स्थलों को पुरातत्व विभाग को सौंपने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब इन मंदिरों का संरक्षण पुरातत्व विभाग के जिम्मे होगा।
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तीर्थनगरी के पौराणिक मठ मंदिरों को संरक्षित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। अग्निपुराण,पद्मपुराण और सूर्यपुराण के अलावा महाभारत में भी प्रयागराज के कई मंदिरों और स्थलों का उल्लेख है। तीर्थराज में संगम की मुक्तिदायिनी महिमा के साथ इस त्रिवेणी तट को अपनी साधना स्थली बनाने वाले महर्षि भरद्वाज के आश्रम को भी पुरातत्व विभाग ने अपने संरक्षण में लेने का प्रस्ताव रखा है। कर्नलगंज इलाके में स्थित इस आश्रम में भरद्वाज मुनि ने कभी शिवलिंग स्थापित किया था। इसके अलावा इस आश्रम परिसर में दो दर्जन से अधिक मंदिर और राम लक्ष्मण, सीता,  महिषासुर मर्दिनी, सूर्य, शेषनाग, नर- वराह की प्रतिमाएं दर्शनीय हैं।
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कहा जाता है कि भगवान राम वन गमन के दौरान ऋषि भरद्वाज के आश्रम में भी कुछ समय गुजारे थे। यहां याज्ञवल्क्य ऋषि, कपिल मुनि और अन्य ऋषि-मुनियों, देवी- देवताओं की प्रतिमाएं अब भी मौजूद हैं। इसके अलावा द्वादश माधव को भी इसमें शामिल किया गया है। पद्मपुराण के मुताबिक सृष्टि की रचना पूरी करने के बाद ब्रह्मा के हाथों गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम तट पर जब प्रथम यज्ञ आरंभ हुआ था, तब इस पावन नगरी के अधिष्ठाता भगवान विष्णु ने द्वादश माधव रूप में उसकी रक्षा की थी। भगवान विष्णु के 12 स्वरूप आज भी तीर्थराज में आस्था के प्रतीक के रूप में देखे जा सकते हैं। इन द्वादश माधव में त्रिवेणी माधव, शंख माधव, संकष्हर माधव, वेणी माधव, असि माधव, मनोहर माधव, अनंत माधव, बिंदु माधव, पद्म माधव, गदा माधव, आदि माधव, चक्र माधव शामिल हैं।
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प्रयागराज व आसपास के इलाकोें के 40 से अधिक पौराणिक महत्व के मठ-मंदिरों को पुरातत्व विभाग के सौंपने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें से एक तालाब व आठ मंदिरों को पुरातत्व विभाग को सौंपने का अधिसूचना जारी हो गई है। शेष सूचीबद्ध मंदिरों पर सरकार के निर्णय का इंतजार हैं। डॉ. रामनरेश पाल क्षेत्रीय पुरात्तव अधिकारी। 
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