तेरहवीं में आए भतीजे, दामाद की मौत
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छिमाऊ गांव में बुजुर्ग मोहर सिंह का निधन 12 मई को हो गया था। शुक्रवार को उनकी रस्म पगड़ी तय थी। बृहस्पतिवार को तेरहवीं की तैयारी चल रही थी। घेर में हलवाई लड्डू बना रहा था।
अचानक मोहर सिंह के भतीजे कर्ण सिंह (50) के निधन की खबर से रिश्तेदार हैरत में पड़ गए। परिवार में शोक छा गया। तेरहवीं में हरियाणा के अंबाला जिले के गांव हबतपुर निवासी मोहर सिंह के दामाद रणवीर (55) भी शरीक होने बृहस्पतिवार को पत्नी शीला और और बच्चों को लेकर गांव आ गए थे। परिजनों के मुताबिक वह रात में कर्ण सिंह का शव देखने के बाद चारपाई पर लेटे तो अचानक उनकी भी मौत हो गई।
इस पर परिवार में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि वह कर्ण की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। संभवत: हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गई। रोते बिलखते बच्चे और मृतक मोहर सिंह की बेटी शीला मायके से जब पति रणवीर के शव को लेकर ससुराल अंबाला के लिए चली तो हर किसी की आंखें भर आईं। दो मौत हो जाने पर गांव के काफी लोग मौके पर एकत्र हो गए। उनके शव को अंबाला ले जाया गया। पूरा परिवार असहनीय कष्ट के सामने बेहद दुखी है। एक परिवार में आठ दिन में तीन मौत हो जाने पर परिवार में गहरा आघात पहुंचा है।
चाचा-भतीजे की एक साथ होगी तेरहवीं
मृतक कर्ण सिंह के बड़े भाई मदन सिंह ने बताया कि रविवार को मृतक कर्ण सिंह की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के बाद चाचा-भतीजे की तेरहवीं एक साथ तय की जाएगी, जबकि दामाद रणवीर का अंतिम संस्कार शुक्रवार को अंबाला के गांव हबतपुर में किया गया। कर्ण सिंह की विधवा सुनीता दिव्यांग है। उनके दो लड़के और एक लड़की हैं।
परिवार में एक और अनहोनी सामने आई है। शुक्रवार को कर्ण सिंह की बहन, बहनोई और भांजा कार लेकर अंतिम संस्कार के लिए गांव आ रहे थे, लेकिन रास्ते में हादसा हो गया।