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दिन भर काम, रात में करते हैं अभिनय

Tue, 08 Oct 2019 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Oct 2019 12:06 AM IST
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Work all day and act at night
पटेल नगर की रामलीला का मंचन करने वाले कलाकार। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
दिन भर काम और रात में करते हैं अभिनय
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मुजफ्फरनगर। रामलीलाओं का मंचन यूं ही नहीं हो जाता। इसके लिए कलाकारों और कमेटियों के पदाधिकारियों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। अभिनय की बारीकियां सीखने के साथ दिन भर अपने को कामकाज की परेशानियों से जूझते हैं। पटेलनगर की रामलीला में भूमिका निभाने वाले कलाकार और कमेटी के सदस्यों में से अधिकांश नौकरीपेशा और कामकाजी हैं। रिहर्सल और मंचन के करीब ढाई माह व्यस्तता भरे होते हैं। रात भर जागने के बाद दिन में अपने कामकाज का भी ध्यान रखते हैं।
जतिन गर्ग करीब 13 साल से वेदवती, पार्वती, शबरी समेत कई महिला पात्रों का अभिनय करते हैं। वह आयुष्मान भारत के जिला कोआर्डिनेटर हैं। रात भर अभिनय के बाद दिन में अपना काम करते हैं। इसी तरह अंग ऋषि, श्रवण कुमार, अक्षय कुमार, साधू समेत अन्य कई भूमिका निभाने वाले हरीश एसडी कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष के छात्र हैं। मंचन और रिहर्सल के समय उन्हें अपनी पढ़ाई से समझौता करना होगा। इन दिनों वे कोचिंग भी नहीं जा पा रहे। लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले नारायण ऐरन, दुर्गा इस्पात में एकाउंटेंट हैं। हनुमान की भूमिका करने वाले गौरव एक निजी कंपनी में मार्केटिंग कार्य करते हैं। गुरु वशिष्ठ एवं सदानंद बनने वाले राजेश कुमार एक दुकान पर सेल्समैन हैं। तीनों रात्रि ढाई बजे तक रामलीला मंचन में शामिल होते हैं और अगले दिन सुबह अपने काम पर पहुंच जाते हैं। इसी तरह राम की भूमिका निभाने वाले आशीष बैंक में फाइनेंस का कार्य करते हैं।
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बाणासुर एवं इंद्र का अभिनय करने वाले वाले अंशुल गुप्ता व्यापार करते हैं। रामलीला के मुख्य निर्देशक पंकज शर्मा का डेकोरेशन का काम है। राजस्थान के जयप्रकाश अपनी खेतीबाड़ी छोड़कर हर साल यहां रामलीला मंचन के लिए आते हैं। ये सभी बताते हैं कि करीब दो महीने तो रिहर्सल में गुजर जाते हैं। रात एक से दो बजे तक रिहर्सल चलता है। इसके बाद करीब दस दिन तक रामलीला मंचन होता है। इस दौरान उन्हें अपनी नौकरी और कारोबार को लेकर समन्वय करना पड़ता है। परेशानी तो होती है लेकिन भगवान राम के नाम पर इसे झेलते हैं और रामलीला मंचन में अच्छे से अच्छा अभिनय करने की कोशिश करते हैं।
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