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अपनत्व:मजदूरी कर पांच बच्चों का पालन पोषण कर रही बबीता
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मजदूरी कर पांच बच्चों का परवरिश कर रही महिला
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। कोरोना संक्रमण ने एक गांव की महिला के परिवार की खुशियों को छीन लिया है। संक्रमण की चपेट में आकर पति की मौत से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के बाद महिला पर बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। वह खेतों में मजदूरी करके बच्चों की परवरिश कर रही है। परिवार को सरकार से आर्थिक मदद की दरकार है।
क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत होने पर उसके परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह मजदूरी करके पांच बच्चों और पत्नी के साथ खुशी के साथ जीवन-यापन कर रहा था। श्रमिक की अप्रैल में अचानक तबीयत खराब हो गई। जांच कराने पर कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उसे बेगराजपुर के मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां पर उपचार के दौरान श्रमिक की 24 अप्रैल को मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु से परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया। महिला के सास और ससुर की पहले ही मृत्यु हो गई थी। अब परिवार की तमाम जिम्मेदारी महिला पर आ गई है।
पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। महिला अब खेतों में मजदूरी करके बच्चों की जिम्मेदारी उठा रही है। वह कहती है कि अब मेरे परिवार का क्या होगा, कैसे इनको खिलाऊंगी तथा कैसे पढ़ाऊंगी। अब इस परिवार की निगाहें सरकार पर टिकी है। परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बस अब उम्मीद की एक किरण सरकार पर टिकी है। सरकार आगे आकर आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार की कुछ सहायता कर सकें, ताकि वह अपने बच्चों का पालन पोषण कर सकें।
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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। कोरोना संक्रमण ने एक गांव की महिला के परिवार की खुशियों को छीन लिया है। संक्रमण की चपेट में आकर पति की मौत से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के बाद महिला पर बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। वह खेतों में मजदूरी करके बच्चों की परवरिश कर रही है। परिवार को सरकार से आर्थिक मदद की दरकार है।
क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत होने पर उसके परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह मजदूरी करके पांच बच्चों और पत्नी के साथ खुशी के साथ जीवन-यापन कर रहा था। श्रमिक की अप्रैल में अचानक तबीयत खराब हो गई। जांच कराने पर कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उसे बेगराजपुर के मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां पर उपचार के दौरान श्रमिक की 24 अप्रैल को मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु से परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया। महिला के सास और ससुर की पहले ही मृत्यु हो गई थी। अब परिवार की तमाम जिम्मेदारी महिला पर आ गई है।
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पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। महिला अब खेतों में मजदूरी करके बच्चों की जिम्मेदारी उठा रही है। वह कहती है कि अब मेरे परिवार का क्या होगा, कैसे इनको खिलाऊंगी तथा कैसे पढ़ाऊंगी। अब इस परिवार की निगाहें सरकार पर टिकी है। परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बस अब उम्मीद की एक किरण सरकार पर टिकी है। सरकार आगे आकर आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार की कुछ सहायता कर सकें, ताकि वह अपने बच्चों का पालन पोषण कर सकें।
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