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Muzaffarnagar News: पुलिस 14 साल क्यों सोई रही, टिकैत से पहले हम जाएंगे जेल

Sat, 25 May 2024 04:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2024 04:42 AM IST
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Why did the police sleep for 14 years, we will go to jail before Tikait
मुजफ्फरनगर/रोहाना कलां। सहारनपुर की अदालत से गिरफ्तारी वारंट के मामले में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं के साथ रोहाना टोल प्लाजा से कूच किया। कार्यकर्ताओं ने एलान किया कि टिकैत से पहले वह जेल जाने के लिए तैयार हैं। पुलिस-प्रशासन ने 14 साल तक मामले की जानकारी नहीं दी। गिरफ्तारी वारंट के बाद ही उन्हें इस मामले की जानकारी हुई है।
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शुक्रवार सुबह कार्यकर्ता रोहाना टोल प्लाजा पर एकत्र होने शुरू हो गए थे। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत करीब 10 बजे सिसौली से रोहाना टोल पर टोल पर पहुंचे। जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा और सचिव ओमपाल मलिक समेत अन्य कार्यकर्ताओं के साथ टिकैत ने सहारनपुर के लिए कूच किया।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस-प्रशासन ने पिछले 14 साल में इस मामले की जानकारी नहीं दी। पुलिस की यह बड़ी लापरवाही है। अगर टिकैत की गिरफ्तारी हुई तो पहले कार्यकर्ता जेल जाएंगे। बाद मे भाकियू अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर शांत किया।
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इनसेट
टिकैत के साथ ये लोग गए सहारनपुर
सपा प्रत्याशी एवं पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, थांबेदार श्याम सिंह बहावड़ी, भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, ओमपाल मलिक, नवीन राठी, विकास शर्मा, विशाल बालियान, गुल बहार राव टिकैत के साथ सहारनपुर पहुंचे।


हम जाम लगाने में नहीं, खुलवाने में रहते हैं : टिकैत
मुजफ्फरनगर। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि गिरफ्तारी की खबर पढ़कर ही उन्हें इस मामले की जानकारी हुई थी। हम जाम लगाने में नहीं, खुलवाने में रहते हैं। किसानों पर ही अब देश की जिम्मेदारी है।
सहारनपुर रवाना होने के दौरान रोहाना टोल पर भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि हमें मालूम ही नहीं, हमें कुछ नहीं पता। हमें कुछ नहीं बताया गया। हम तो हमेशा जाम खुलवाने में रहते हैं, लगाने में नहीं। पुलिस प्रशासन को ऐसा नहीं करना चाहिए। अदालत से भी गिरफ्तारी का वारंट गया, पहले कोई सूचना नहीं दी गई। हमनें गिरफ्तारी का समाचार पढ़ा, इसलिए खुद अदालत जा रहे हैं। पुलिस-प्रशासन का समय पर अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए थी। किसानों का विश्वास हमारे साथ है, यही वजह है कि किसान हमारे साथ जा रहे हैं। न्यायालय पर सबकी आस्था रहनी चाहिए।
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