Hit and run new law: थम गए वाहनों के पहिए, जहां-तहां खड़े रहे 5200 ट्रक डेढ़ करोड़ का नुकसान
चालकों ने रोडवेज बस स्टैंड और ट्रांसपोर्टनगर में प्रदर्शन किया
विस्तार
हादसे के बाद चालक को दस साल की सजा व पांच लाख के जुर्माने के आदेश के विरोध में चालकों ने हड़ताल कर दी। ट्रक, रोडवेज, प्राइवेट बसों समेत करीब छह हजार वाहनों के पहिए थम गए। ट्रांसपोर्ट, परिवहन निगम और प्राइवेट बसों को हड़ताल से लगभग डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ। प्राइवेट वाहनों के चालकों ने टेंपो, ई-रिक्शा को रोककर यात्रियों को उतार दिया। चालकों ने रोडवेज बस स्टैंड और ट्रांसपोर्टनगर में प्रदर्शन किया। डीएम को मांगपत्र सौंपा गया।
नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर सोमवार को हड़ताल पर चले गए हैं। प्राइवेट व रोडवेज बस, मालवाहक वाहनों के पहिए थम गए। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग बस अड्डों पर खड़े होकर अपनी मंजिल पर पहुंचने के लिए वाहनों का इंतजार करते रहे।
उधर, बस चालकों ने रोडवेज बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। चालकों ने कहा कि यह कानून गलत है। ट्रांसपोर्टनगर में ट्रक चालकों ने प्रदर्शन कर कानून को वापस लेने की मांग रखी।
मुजफ्फरनगर ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव योगेंद्र मोहन तायल ने बताया कि हड़ताल से ट्रक परिवहन को जिले में एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान है। जिले में लगभग 5200 ट्रक है। जो विभिन्न स्थानों पर खड़े कर दिए गए है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी को मांगपत्र सौंपा।
टेंपो व ई-रिक्शा में की यात्रा, यात्रियों को उतारा
बसों के न चलने के कारण यात्रियों ने टेंपो व ई-रिक्शा में यात्रा की। यह देखकर बस अड्डों पर एकत्र चालकों ने सहारनपुर बस अड्डे के सामने यात्रियों को लेकर जा रहे टेंपो, शामली बस अड्डे पर ई-रिक्शा से यात्रियों को जबरन उतार दिया।
85 हजार यात्री करते हैं रोजाना सफर
शहर में आठ प्राइवेट व एक रोडवेज बस अड्डा है। इन अड्डों से रोजाना प्राइवेट बसों में 62 हजार व रोडवेज में 23 हजार यात्री सफर करते हैं। मुजफ्फरनगर-मवाना मार्ग बस यूनियन के सचिव कुलदीप गुप्ता का कहना है कि शहर के बसों से चलने वाली तीस से ज्यादा बसों के न चलने से एक दिन में लगभग 12 लाख का नुकसान है।
परिवहन निगम मुजफ्फरनगर डिपो के एआरएम भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि 186 विभागीय बसों में रोजाना 23 हजार यात्री सफर करते हैं और बसों के न चलने से विभाग को पहले ही दिन लगभग 23 लाख का नुकसान हुआ है।
मिलों में नहीं हुई गन्ने की ढुलाई
चीनी मिलों में गन्ने ढोने के लिए लगाए गए ट्रकों के चालकों ने भी हड़ताल रखी, जिस कारण मिलों से गन्नों की ढुलाई नहीं हो सकी। मिल संचालकों ने सभी किसानों से गन्ना छिलाई न करने की अपील की है।