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Muzaffarnagar News: नए शहरी बने गांव के मतदाता करेंगे सबसे बड़ी कुर्सी का फैसला

Thu, 04 May 2023 12:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 May 2023 12:17 AM IST
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Voters of newly urbanized village will decide the biggest chair
- पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार बढ़ गए हैं एक लाख 61 हजार 492 मतदाता
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अमर उजाला ब्यूरो

मुजफ्फरनगर। सीमा विस्तार के बाद पहले चुनाव में शहर में शामिल हुए 11 गांव के मतदाता निकाय की सबसे बड़ी कुर्सी का फैसला करेंगे। इन गांवों के रुझान और मतदान पर सबकी निगाह है। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार पालिका में बढ़ गए एक लाख 61 हजार 492 मतदाता निर्णायक साबित हो सकते हैं।

साल 2017 के पालिका चुनाव में शहर पालिका में मतदाताओं की संख्या 259927 थीं। विस्तार के बाद इस बार मतदाताओं की संख्या 421419 पहुंच गई है। आसपास के 11 गांव के मतदाता पहली बार पािलका के लिए मतदान करेंगे। ऐसे में नए समीकरण भी बन सकते हैं। पहली बार शहर पालिका के लिए मतदान कर रहे इन मतदाताओं के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं। अलमासपुर और सुजडू जैसे गांव विधानसभा चुनाव में भी निर्णायक भूमिका निभाते रहे हंै, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि पालिका चुनाव में इन गांवों का क्या रुझान रहता है। मतदाताओं की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी से पालिका की जातीय राजनीति का गणित भी बदलने की संभावना है।
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इनसेट

यह गांव हुए पालिका में शामिल

नगर पालिका में वहलना, सूजडू, मीरापुर, मंधेडा, खांजापुर, शहाबुद्दीनपुर, सरवट, कूकडा, अलमासपुर, बीबीपुर और सहावली गांव को पालिका में शामिल कर लिया गया है।
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इनसेट

पालिका में 39 से बढकऱ हुए 55 वार्ड

शहर पालिका में इस बार वार्ड 39 से बढकऱ 55 हो गए हैं। इस बार 126 मतदान केंद्र और 437 मतदेय स्थल बनाए गए हैं।

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इनसेट

जाट खामोश, ब्राह्मण, दलित और मुस्लिमों पर सबकी नजर

मुजफ्फरनगर। शहर पालिका चुनाव में इस बार जाट बिरादरी के मतदाता खामोश ही नजर आए। चुनाव प्रचार में खुली सभाओं का सिलसिला भी नहीं दिखा। सियासी गलियारों में जाटों की चुप्पी पर सबकी अपनी-अपनी राय है। इस बार सबकी निगाह ब्राह्मण, अनुसूचित जाति और मुस्लिम मतदाताओं पर टिकी है। शहर सीट पर इन तीनों बिरादरियों के रुझान महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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