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महिलाओं पर हिंसा रोकने के लिए की गई नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 09 Mar 2017 12:12 AM IST
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महिला हिंसा रोकने के लिए प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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सामाजिक संस्था अस्तित्व की महिला कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने की मांग की। संगठन की अध्यक्ष रेहाना अदीब ने कहा कि जागरूकता के बिना महिलाओं को अधिकार नहीं मिल पाएंगे।
महिला कार्यकर्ता रोडवेज बस स्टैंड से कचहरी तक जुलूस के साथ पहुंचीं। कार्यकर्ता हाथों में तख्ती लिए हुए थीं, जिनमें महिला अधिकारों की बात कही गई थी। महिलाएं नारे लगाती हुई चल रही थीं। कलक्ट्रेट में एकत्र कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए आवाज उठाई। संगठन की अध्यक्ष रेहाना अदीब ने कहा कि 1985 से हर वर्ष आठ मार्च महिला दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस मनाने का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी। न्याय के लिए महिलाओं को संघर्ष से पीछे नहीं हटना चाहिए।
कोआर्डिनेटर प्रतिमा ने कहा कि महिलाओं के लिए यह दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। महिलाओं पर हो रही घरेलू हिंसा समाप्त होनी चाहिए। प्रोग्राम की समन्वयक शादाब जहां ने कहा कि महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। हिंसा को रोकने के लिए महिलाओं को स्वयं आगे आना होगा। तबस्सुम रानी ने नौ सूत्रीय मांगपत्र पढ़कर सुनाया। मांग पत्र डीएम को दिया गया। कविता, गीता, रेखा, अनीता, ओमबीरी, मिथलेश, सुमन, लक्ष्मी, मुनीजा, रेशमा, रुकैया, अफसाना आदि मौजूद रहे।
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महिला कार्यकर्ता रोडवेज बस स्टैंड से कचहरी तक जुलूस के साथ पहुंचीं। कार्यकर्ता हाथों में तख्ती लिए हुए थीं, जिनमें महिला अधिकारों की बात कही गई थी। महिलाएं नारे लगाती हुई चल रही थीं। कलक्ट्रेट में एकत्र कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए आवाज उठाई। संगठन की अध्यक्ष रेहाना अदीब ने कहा कि 1985 से हर वर्ष आठ मार्च महिला दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस मनाने का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी। न्याय के लिए महिलाओं को संघर्ष से पीछे नहीं हटना चाहिए।
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कोआर्डिनेटर प्रतिमा ने कहा कि महिलाओं के लिए यह दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। महिलाओं पर हो रही घरेलू हिंसा समाप्त होनी चाहिए। प्रोग्राम की समन्वयक शादाब जहां ने कहा कि महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। हिंसा को रोकने के लिए महिलाओं को स्वयं आगे आना होगा। तबस्सुम रानी ने नौ सूत्रीय मांगपत्र पढ़कर सुनाया। मांग पत्र डीएम को दिया गया। कविता, गीता, रेखा, अनीता, ओमबीरी, मिथलेश, सुमन, लक्ष्मी, मुनीजा, रेशमा, रुकैया, अफसाना आदि मौजूद रहे।
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